हाईकोर्ट में ‘अथवा’ पर अटकी कानूनी बहस, पंचायत चुनाव के नियमों की व्याख्या पर उठे सवाल
Neel Tiwari | Mar 08, 2026, 16:07 IST
Photograph: (thesootr)
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में पंचायत चुनाव के हलफनामे में 'अथवा' शब्द की व्याख्या पर कानूनी बहस शुरू हो गई है । चुनावी नियमों और भ्रष्टाचार पर भी सवाल उठ गए हैं।
News in short
- पंचायत चुनाव विवाद में हाई कोर्ट में नई कानूनी बहस शुरू।
- हलफनामे में लिखे “अथवा” शब्द की व्याख्या बना विवाद का केंद्र।
- ‘लंबित आपराधिक मामला’ की परिभाषा पर उठे गंभीर सवाल।
- कोर्ट ने मामले की जटिलता देखते हुए एमिकस क्यूरी नियुक्त किया।
- अगली सुनवाई 26 मार्च को होगी।
News in detail
‘अथवा’ शब्द से खड़ा हुआ कानूनी विवाद
सुनवाई के दौरान चुनावी हलफनामे में लिखे गए एक शब्द “अथवा” की व्याख्या को लेकर गंभीर बहस छिड़ गई है। यह बहस इतनी महत्वपूर्ण हो गई है कि इससे सीधे तौर पर मध्य प्रदेश पंचायत निर्वाचन नियम 1995 और मध्य प्रदेश पंचायत निर्वाचन एवं भ्रष्ट आचरण नियम 1995 की व्याख्या पर भी सवाल उठने लगे हैं।
‘लंबित आपराधिक मामला’ किसे माना जाए
ये खबर भी पढ़ें...
उज्जैन बनेगा देश का नया फार्मा हब! करोड़ों का होगा निवेश, युवाओं को मिलेगी नौकरी
चुनावी हलफनामे की भाषा पर उठे सवाल
- “मेरे विरुद्ध कोई भी आपराधिक मामला लंबित नहीं है अथवा मेरे विरुद्ध आपराधिक मामलों का विवरण निम्नुसार है…”
- प्रतिवादी पक्ष का तर्क है कि इस वाक्य में प्रयुक्त “अथवा” शब्द को केवल लंबित मामलों के संदर्भ में पढ़ा जाना चाहिए। इसका अर्थ यह नहीं निकाला जा सकता कि हर प्रकार के मामले का खुलासा अनिवार्य है।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की तैयारी, MP में गूंजेगी अंतरराष्ट्रीय हॉकी की गूंज
अदालत ने मांगी स्वतंत्र कानूनी राय
किन नियमों की होगी व्याख्या
- मध्य प्रदेश पंचायत निर्वाचन नियम, 1995 का नियम 31A(2)नियम 35(2)(c)
- मप्र पंचायत निर्वाचन याचिका एवं भ्रष्ट आचरण नियम, 1995 का नियम 21(1)(d)(i)
- इन नियमों की व्याख्या से यह स्पष्ट होगा कि चुनावी हलफनामे में आपराधिक मामलों की जानकारी देने की सीमा और दायरा क्या होना चाहिए।
इंदौर रियल सेक्टर बेहाल, पंजीयन आय 700 करोड़ कम, प्रॉपर्टी गाइडलाइन 20 फीसदी से ज्यादा बढ़ेगी
क्या था पूरा मामला
चुनाव परिणाम के बाद दूसरे उम्मीदवार राकेश पांडे ने आरोप लगाया कि मिश्रा ने नामांकन के समय अपने हलफनामे में आपराधिक मामलों सहित कई महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाई थीं। इसके बाद उन्होंने अदालत में याचिका दायर कर चुनाव को चुनौती दी।
पहले हाईकोर्ट दे चुका है बड़ा फैसला
ऋषिराज मिश्रा का निर्वाचन निरस्त कर दिया था और वार्ड में फिर से चुनाव कराने के निर्देश दिए थे। अब उसी मामले से जुड़े कानूनी पहलू में ‘लंबित आपराधिक मामला’ और ‘अथवा’ शब्द की व्याख्या को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।
ये खबर भी पढ़ें...
एमपी में 15 मार्च से होगी गेहूं खरीदी, 80 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य, SOP जारी
अगली सुनवाई की तारीख तय
सिद्धार्थ सेठ को इस विषय पर अपना शोध और जवाब प्रस्तुत करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया है। इसके बाद इस महत्वपूर्ण मामले की अगली सुनवाई 26 मार्च को की जाएगी।
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari