संभागायुक्त दीपक सिंह बोले- जब भी रामकी में यूका कचरा जलेगा मैं वहीं बैठूंगा

Sanjay Gupta | Jan 21, 2025, 20:32 IST
Share
Pithampur Ramki Plant Union Carbide Toxic Waste
Pithampur Ramki Plant Union Carbide Toxic Waste Photograph: (the sootr)

यूनियन कार्बाइड का 40 साल पुराना जहरीला कचरा पीथमपुर में 12 कंटेनरों में बंद है। सरकार और प्रशासन कचरे के निपटान के लिए जागरूकता कार्यक्रम चला रहे हैं।

Indore : पीथमपुर के रामकी संयंत्र में यूनियन कार्बाइड का 40 साल पुराना जहरीला कचरा निपटाने के लिए पहुंच चुका है और 12 कंटेनर में बंद है। इस कचरे के निपटाने की खबरों के कारण तीन व चार जनवरी को पीथमपुर में पहले ही बवाल हो चुका है। वहीं अब इस कचरा निपटान को लेकर सरकार और प्रशासन जागरूकता के प्रयासों में लगी है। इसी दौरान संभागायुक्त इंदौर दीपक सिंह का एक अहम बयान सामने आया है।

यह बोले दीपक सिंह...

अरविंदो मेडिकल कॉलेज में कचरा निपटान को लेकर भ्रम और तथ्य को लेकर जागरूकता कार्यक्रम था। इसमें संभाग के सीएमएचओ, सिविल सर्जन, मेडिकल कॉलेज फैटरनिटी, फैकल्टी व अन्य उपस्थित थे। तभी इस दौरान सवाल हुआ कि जब भोपाल घटना हुई तो लोग भोपाल लौटने में डर रहे थे, तब तत्कालीन सीएम ने चार दिन वहीं रूकने का फैसला लिया था। अब इस तरह की जागरूकता के लिए कौन कदम उठाएगा। इस पर दीपक सिंह ने आगे बढ़कर कहा कि- इंदौर संभागायुक्त के रूप में पूरी जिम्मेदारी के साथ यह बात कह रहा हूं कि जिस दिन यह प्रक्रिया होगी तो रामकी का जो कैंप आफिस है, मैं वहीं बैठूंगा। हमको है विश्वास अपने इंजीनियर पर, टेक्नोलाजी पर, हाईकोर्ट के आर्डर के ऊपर और सरकार के ऊपर।



ये खबर भी पढ़ें...

यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे के निस्तारण पर एमपी सरकार की अंडरटेकिंग

भोपाल गैस त्रासदी:मेडिकल रिकॉर्ड डिजिटाइजेशन में देरी पर हाइकोर्ट सख्त



FAQ भी किए जारी

जागरूकता के लिए पूरे एफएक्यू बनाकर भी जारी किए गए हैं। इसमे बताया गया कि कचरे को जलाने से अब कोई प्रदूषण नहीं होगा, रामकी संयंत्र में व्यवस्थाएं और सुविधाएं मजबूत है। कचरा जलाने की पूरी मॉनीटरिंग होगी।

ये खबर भी पढ़ें...

यूका कचरा पीथमपुर में ही जलेगा, केवल जागरुकता के लिए 6 सप्ताह मांगे

यूका के जहरीले कचरे पर आज जबलपुर हाईकोर्ट में सुनवाई

क्या होना है आगे

हाईकोर्ट के 3 दिसंबर 2024 के आदेश के तहत रामकी में यह कचरा जलाया जाना है। इसके लिए कचरे को भोपाल से पीथमपुर दो जनवरी को पहुंचाया जा चुका है। लेकिन विरोध के बाद कचरा निपटान नहीं हुआ। कंटेनरों में ही 337 मीट्रिक टन कचरा सीलबंद है। हाईकोर्ट में 6 जनवरी को सरकार ने जागरूकता के लिए 6 सप्ताह का समय मांगा था। इसमें अब अगली सुनवाई 18 फरवरी को होना है, तब तक सरकार जागरूकता के लिए कैंप लगा रही है।

Tags:
  • MP News
  • Indore News
  • PITHAMPUR
  • Deepak singh
  • पीथमपुर
  • bhopal gas tradegy
  • संभागायुक्त दीपक सिंह
  • यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री कचरा
  • pithampur news
  • union carbide
  • pithampur union carbide
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता

By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar

नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं