Unique technology : अब प्लास्टिक नहीं, धान की पुआल से बनेगा इको-फ्रेंडली फूड पैक, खुद ही नष्ट हो जाएगा

Reena Sharma Vijayvargiya | Apr 14, 2025, 09:05 IST
Share
The sootr
The sootr

भोपाल स्थित एडवांस्ड मैटेरियल प्रोसेसिंग एंड रिसर्च इंस्टिट्यूट (एम्प्री) ने एक इको-फ्रेंडली बायोडिग्रेडेबल मटेरियल विकसित किया है, जो प्लास्टिक का बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। यह मटेरियल धान की पुआल से तैयार किया गया है।

MP News : भोपाल स्थित एडवांस मटेरियल प्रोसेस एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (एम्प्री) ने एक ऐसा बायोडिग्रेडेबल मटेरियल तैयार किया है, जो प्लास्टिक का इको-फ्रेंडली विकल्प बन सकता है। खास बात यह है कि यह मटेरियल धान की पुआल से बनाया गया है और उपयोग के दो साल बाद यह खुद-ब-खुद नष्ट हो जाता है। यह तकनीक देश में पहली बार इस्तेमाल हो रही है और इसे जल्द ही बाजार में लाया जाएगा।

ये खबर भी पढ़ें : Madhya Pradesh | Economic Corridor के लिए हरियाली की ह*त्या !

प्लास्टिक जैसा मजबूत, लेकिन पर्यावरण के लिए सुरक्षित

वर्तमान में ज्यादातर फूड पैकेजिंग—जैसे चिप्स और बिस्किट के रैपर—प्लास्टिक से बने होते हैं, जो वर्षों तक नष्ट नहीं होते और पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं। हालांकि बाजार में बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक उपलब्ध है, पर इसकी लागत अधिक होने के कारण इसका उपयोग सीमित है। अभी जो बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक तैयार किया जा रहा है, उसमें पॉलीलेक्टिक एसिड का इस्तेमाल होता है, जो महंगा पड़ता है।

ये खबर भी पढ़ें : भिंड को प्लास्टिक मुक्त करने की शुरुआत दंदरौआ धाम मंदिर से, बुढ़वा मंगल पर्व Plastic Free होगा

धान की पुआल से बना सस्ता और टिकाऊ विकल्प

एम्प्री ने जो नया फूड पैक मटेरियल तैयार किया है, उसमें धान की कटाई के बाद बची पुआल का इस्तेमाल किया गया है। यह मटेरियल प्लास्टिक जितना मजबूत है और इसमें बहुत ही कम मात्रा में पीएलए का उपयोग किया गया है। इसे कई बार इस्तेमाल किया जा सकता है।

ये खबर भी पढ़ें : Economic survey 2025 : निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 पेश किया

लागत में 50% तक सस्ता


एम्प्री के सीनियर वैज्ञानिक डॉ. मनोज गुप्ता के अनुसार, जहां पीएलए से बनने वाला मटेरियल लगभग 400 प्रति किलो पड़ता है, वहीं धान की पुआल से तैयार यह मटेरियल मात्र 200 प्रति किलो में बन सकता है। एक किलो मटेरियल से कई फूड कंटेनर बनाए जा सकते हैं।

ये खबर भी पढ़ें : agriculturecollege : इंदौर कलेक्टर को दिया छात्रों ने ज्ञापन, बोले- डॉ. भरत से छीना जाए डीन का पद

इसकी लाइफ भी तय

मप्र के डायरेक्टर डॉ. अवनीश श्रीवास्तव ने बताया हम पेडिस्ट्रा का उपयोग कर बायोडिग्रेडेबल फॉर्म में ले आए हैं। इसमें पीएलए का भी थोड़ा उपयोग किया जाएगा। इसे इंजेक्शन मोल्डिंग और एक्सटूडर के द्वारा कैसे भी उपयोग में ला सकते हैं। इसकी लाइफ भी तय की जा सकती है।

Tags:
  • Bhopal
  • A unique story
  • एम्प्री
  • madhyapradesh
  • 5g technology
  • technology
  • प्लास्टिक
  • 4G technology
  • advance technology
  • agricultural technology
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा