प्रमोशन में आरक्षण नियम 2025, 46 याचिकाएं, 15 सुनवाई - DPC के इंतजार में कर्मचारी

Neel Tiwari | Jan 27, 2026, 11:55 IST
Share
promotion reservation 2025 mp high court 46 petitions dpc
promotion reservation 2025 mp high court 46 petitions dpc

मध्य प्रदेश में प्रमोशन में आरक्षण को लेकर कानूनी लड़ाई जारी है। अब यह सिर्फ संवैधानिक बहस नहीं रह गई है। यह प्रशासनिक ठहराव का बड़ा कारण बन चुकी है। डॉ. स्वाति तिवारी और 46 अन्य याचिकाओं पर 27 जनवरी को जबलपुर हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है।

News in short

  • प्रमोशन नियम 2025 के खिलाफ 26 जून 2025 को याचिका दर्ज हुई थी।
  • सुप्रीम कोर्ट से पुराने नियमों पर स्टे के बाद नया नियम 2025 बना था।
  • 7 जुलाई 2025 को पहली सुनवाई हुई थी, तभी से नया नियम विवादों के घेरे में है।
  • अब तक 15 बार हाईकोर्ट में सुनवाई हो चुकी है।
  • 46 याचिकाएं, पक्ष-विपक्ष और नई चुनौतियों से जटिलता बढ़ती जा रही है। आज मामले में सुनवाई है।

News in detail

आज 27 जनवरी को फिर होगी बहुप्रतीक्षित सुनवाई

जबलपुर हाईकोर्ट में प्रमोशन में आरक्षण को लेकर आज 27 जनवरी को एक बार फिर सुनवाई होनी है। इस मामले में डॉक्टर स्वाति तिवारी सहित कुल 46 याचिकाएं एक साथ सूचीबद्ध हैं।

इनमें बड़ी संख्या में याचिकाएं प्रमोशन में आरक्षण के विरोध में हैं। वहीं, राज्य सरकार ने भी रिट अपील और आरक्षण के समर्थन में याचिकाएं दाखिल की हैं।

प्रमोशन में आरक्षण नियम 2025 के खिलाफ याचिका

प्रमोशन में आरक्षण नियम 2025 को चुनौती देने वाली याचिका 26 जून 2025 को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में रजिस्टर हुई थी। इस मामले की पहली सुनवाई 7 जुलाई 2025 को हुई थी।

यही वह दिन था, जब इस पूरे विवाद की दिशा तय हो गई थी। पहली ही सुनवाई में महाधिवक्ता ने कोर्ट से अपील किया था कि प्रमोशन पर रोक को लेकर कोई लिखित अंतरिम आदेश पारित न किया जाए।

पहली सुनवाई में कोर्ट का सख्त मौखिक निर्देश

7 जुलाई 2025 की सुनवाई चीफ जस्टिस की डिविजन बेंच में हुई थी। इसमें बेंच ने महाधिवक्ता से पूछा था कि क्या सरकार इस बीच कोई DPC (Departmental Promotion Committee) आयोजित करेगी।

इस पर महाधिवक्ता ने कोर्ट के कहा कि जब तक मामला लंबित है, तब तक कोई DPC नहीं की जाएगी। कोर्ट ने उसी समय यह भी टिप्पणी की थी कि अगली तारीख पर यह न कहा जाए कि हमने 100 प्रमोशन कर दिए।

मौखिक आदेश बना वास्तविक रोक, 7 महीने से ठहरे प्रमोशन

हालांकि इस सुनवाई में कोई लिखित स्टे ऑर्डर जारी नहीं हुआ था। वहीं, महाधिवक्ता के बयान और कोर्ट की टिप्पणी के बाद से ही प्रमोशन नियम 2025 के तहत कोई भी पदोन्नति नहीं की गई।

व्यावहारिक रूप से यह मौखिक निर्देश ही हजारों कर्मचारियों के लिए प्रमोशन पर पूर्ण विराम बन गया है। बीते करीब 7 महीनों में इस मामले में हाईकोर्ट में 15 बार सुनवाई हो चुकी है।

6 जनवरी की सुनवाई: बहस पूरी, फैसला करीब

6 जनवरी 2026 को सुनवाई हुई थी। इसमें लगभग सभी पक्षों की ओर से विस्तृत बहस पूरी कर ली गई थी। अजाक्स संगठन की ओर से क्रीमी लेयर, आरक्षण की सीमा, डाटा की अनिवार्यता और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के पालन को लेकर गंभीर तर्क रखे गए थे। कोर्ट के रुख से संकेत मिले थे कि अगली सुनवाई संभावित अंतिम सुनवाई हो सकती है।

13 जनवरी टली, नई याचिका से फिर बढ़ा इंतजार

चीफ जस्टिस की डिविजनल बेंच के आदेश के अनुसार 13 जनवरी 2026 को दोपहर 12:30 बजे सुनवाई तय की गई थी। इसे संभावित अंतिम सुनवाई माना जा रहा था। वहीं, बेंच उपलब्ध न होने के कारण यह तारीख भी निकल गई।

इस बीच, आरक्षित वर्ग ने प्रमोशन नियम 2025 के नियम 11 और 12 को असंवैधानिक बताया था। इसके बाद नई याचिकाएं कोर्ट में दाखिल की गईं थी। इस कारण मामले की जटिलता और बढ़ गई है। अब यह मामला और उलझ गया है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश बनाम राज्य सरकार की नीति

याचिकाओं में यह मुद्दा उठाया गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने 17 मई 2018 को प्रमोशन की अनुमति दी थी। यह अनुमति जनरल सिंह बनाम भारत संघ मामले में दी गई थी। इसके बावजूद राज्य सरकार ने यह प्रचारित किया कि प्रमोशन पर रोक है।

याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की गलत व्याख्या की है। इसके कारण सालों से प्रमोशन रोके गए हैं। अब नए नियम 2025 भी उसी दिशा में हैं।

आज की सुनवाई से क्या उम्मीद

आज 27 जनवरी की सुनवाई को एक बार फिर निर्णायक माना जा रहा है। वहीं, नई याचिकाओं को देखते हुए यह भी साफ है कि फैसला तुरंत आना आसान नहीं होगा। जब तक हाईकोर्ट इस मामले में अंतिम निर्णय नहीं देता, तब तक प्रदेश की पदोन्नति प्रक्रिया पूरी तरह कोर्ट के भरोसे ही टिकी रहेगी।

ये खबर भी पढ़िए...

प्रमोशन में आरक्षण: नियम 2025 के विरोध में उतरा अजाक्स, 13 जनवरी को अंतिम सुनवाई पर संशय

प्रमोशन में आरक्षण: HC में 2025 के नियमों पर उठे सवाल, बढ़ी तारीख

प्रमोशन में आरक्षण पर एमपी हाईकोर्ट में 6 जनवरी को सुनवाई

प्रमोशन में आरक्षण मामले में सरकार ने रखा पक्ष, दिए ये जवाब, अगली सुनवाई 6 जनवरी को

Tags:
  • सुप्रीम कोर्ट
  • जबलपुर हाईकोर्ट
  • राज्य सरकार
  • DPC
  • प्रमोशन में आरक्षण
  • प्रमोशन में आरक्षण नियम 2025
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा