प्रस्तावित फ्लाईओवर के लिए लखन घनघोरिया ने लगाई PIL, हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से मांगा जवाब
Neel Tiwari | May 16, 2025, 17:25 IST
Photograph: (the sootr)
जबलपुर में अंबेडकर चौक फ्लाईओवर निर्माण को लेकर कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की। कोर्ट ने केंद्र सरकार से फंड आवंटन का जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 6 जून के बाद होगी।
JABALPUR. जबलपुर में अंबेडकर चौक से प्रस्तावित फ्लाईओवर का काम शुरू करवाने के लिए कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर की है।
जबलपुर में भारी ट्रैफिक के दबाव से निजात दिलाने के लिए अंबेडकर चौक से अब्दुल हमीद चौक तक फ्लाईओवर प्रस्तावित किया गया था। पहले यह फ्लावर 3.2 किलोमीटर के लिए प्रस्तावित था, लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर 5.1 का प्रस्ताव तैयार किया गया। जिसके बाद फंड की कमी के चलते यह फ्लाईओवर का निर्माणकार्य आज तक शुरू नहीं हो पाया है।
इस फ्लाईओवर के निर्माण के लिए साल 2020 में किए गए सर्वेक्षण के बाद जो बजट प्रस्ताव बनाया गया था वह 186 करोड रुपए का था। इसके बाद साल 2022 में 5.01 किलोमीटर तक की लबाई बढ़ाते हुए जब दोबारा प्रस्ताव बनाया गया तो वह प्रस्ताव 269 करोड रुपए का था।
इस निर्माण कार्य में हो रही देरी के लिए कांग्रेस के विधायक लखन घनघोरिया ने कई बार विरोध दिखाते हुए संकल्प पदयात्रा तक की थी, यह मामला सदन में भी उठाया गया था लेकिन उसके बाद भी इस फ्लाईओवर का निर्माण शुरू ना होने के बाद अब उन्होंने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर दी है जिसके बाद कोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।
ये भी पढ़ें...
सेना का अपमान या सम्मान? उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के बयान पर जनता ही करे फैसला
MP में मंत्री-विधायकों को मिलेगा बोलने का प्रशिक्षण, विवादित बयानों के बाद बीजेपी का बड़ा फैसला
हाईकोर्ट में सरकार की ओर से अधिवक्ता ने इस याचिका का विरोध करते हुए यह कहा कि याचिकाकर्ता लखन घनघोरिया कांग्रेस पार्टी के विधायक हैं और यह याचिका राजनीति से प्रेरित है।
सरकार की ओर से अधिवक्ता ने कोर्ट को यह भी बताया कि जबलपुर से ही पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह भी हैं और शहर में कई फ्लाईओवर बनाए जा चुके हैं। ऐसी स्थिति में इस याचिका की सुनवाई नहीं होनी चाहिए हालांकि कोर्ट ने इस तर्क को सिरे से नकार दिया।
शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई के जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस विवेक जैन की डिविजनल बेंच में हुई। सरकार की ओर से अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि इस फ्लाईओवर के लिए बजट का प्रस्ताव दिसंबर 2024 में ही केंद्र सरकार को भेजा जा चुका है। इस पर बजट का आवंटन होते ही यह निर्माण शुरू होगा।
इसके बाद याचिकाकर्ता के निवेदन पर कोर्ट ने केंद्र सरकार को इस याचिका में प्रतिवादी बनाया जिसका विरोध सरकारी अधिवक्ता के द्वारा किया गया और उन्होंने कहा कि इसका निर्माण राज्य सरकार जल्द शुरू करेगी। हाईकोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में सरकार से पूछा कि आप हमें यह बताएं कि क्या आपके पास फंड हैं जो आप यह निर्माण कर सकेंगे या आपको केंद्र सरकार से फंड लेने हैं ?
ये भी पढ़ें...
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह बोले- ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ, पूरी कहानी जल्द आएगी सामने
विधायक लखन घनघोरिया के भाई के जन्मदिन में जमकर हुई हर्ष फायरिंग, FIR दर्ज, लाइसेंस होगा रद्द
सरकारी अधिवक्ता ने इस बात पर हामी भरी कि हमें केंद्र सरकार से फंड लेने है। इसके बाद हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी करते हुए यह जवाब मांगा है कि राज्य सरकार के द्वारा भेजे गए प्रतिवेदन पर केंद्र सरकार ने क्या फैसला लिया है इसका जवाब अगली सुनवाई में दें।
इस मामले की सुनवाई 6 जून के बाद वाले हफ्ते में तुरंत नियत करने के आदेश हाईकोर्ट ने दिया है जिसमें इस फ्लाईओवर के लिए आवंटित होने वाले बजट के प्रस्ताव पर विचार कर केंद्र सरकार को जवाब देना होगा।
जबलपुर में भारी ट्रैफिक के दबाव से निजात दिलाने के लिए अंबेडकर चौक से अब्दुल हमीद चौक तक फ्लाईओवर प्रस्तावित किया गया था। पहले यह फ्लावर 3.2 किलोमीटर के लिए प्रस्तावित था, लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर 5.1 का प्रस्ताव तैयार किया गया। जिसके बाद फंड की कमी के चलते यह फ्लाईओवर का निर्माणकार्य आज तक शुरू नहीं हो पाया है।
2020 और 2022 के सर्वेक्षण में आया करोड़ का अंतर
इस निर्माण कार्य में हो रही देरी के लिए कांग्रेस के विधायक लखन घनघोरिया ने कई बार विरोध दिखाते हुए संकल्प पदयात्रा तक की थी, यह मामला सदन में भी उठाया गया था लेकिन उसके बाद भी इस फ्लाईओवर का निर्माण शुरू ना होने के बाद अब उन्होंने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर दी है जिसके बाद कोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।
ये भी पढ़ें...
सेना का अपमान या सम्मान? उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के बयान पर जनता ही करे फैसला
MP में मंत्री-विधायकों को मिलेगा बोलने का प्रशिक्षण, विवादित बयानों के बाद बीजेपी का बड़ा फैसला
सरकार ने बताया याचिका को राजनीति से प्रेरित
सरकार की ओर से अधिवक्ता ने कोर्ट को यह भी बताया कि जबलपुर से ही पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह भी हैं और शहर में कई फ्लाईओवर बनाए जा चुके हैं। ऐसी स्थिति में इस याचिका की सुनवाई नहीं होनी चाहिए हालांकि कोर्ट ने इस तर्क को सिरे से नकार दिया।
हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से मांगा जवाब
इसके बाद याचिकाकर्ता के निवेदन पर कोर्ट ने केंद्र सरकार को इस याचिका में प्रतिवादी बनाया जिसका विरोध सरकारी अधिवक्ता के द्वारा किया गया और उन्होंने कहा कि इसका निर्माण राज्य सरकार जल्द शुरू करेगी। हाईकोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में सरकार से पूछा कि आप हमें यह बताएं कि क्या आपके पास फंड हैं जो आप यह निर्माण कर सकेंगे या आपको केंद्र सरकार से फंड लेने हैं ?
ये भी पढ़ें...
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह बोले- ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ, पूरी कहानी जल्द आएगी सामने
विधायक लखन घनघोरिया के भाई के जन्मदिन में जमकर हुई हर्ष फायरिंग, FIR दर्ज, लाइसेंस होगा रद्द
सरकारी अधिवक्ता ने इस बात पर हामी भरी कि हमें केंद्र सरकार से फंड लेने है। इसके बाद हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी करते हुए यह जवाब मांगा है कि राज्य सरकार के द्वारा भेजे गए प्रतिवेदन पर केंद्र सरकार ने क्या फैसला लिया है इसका जवाब अगली सुनवाई में दें।
इस मामले की सुनवाई 6 जून के बाद वाले हफ्ते में तुरंत नियत करने के आदेश हाईकोर्ट ने दिया है जिसमें इस फ्लाईओवर के लिए आवंटित होने वाले बजट के प्रस्ताव पर विचार कर केंद्र सरकार को जवाब देना होगा।
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari