भ्रष्टाचार के आरोप में रेलवे इंजीनियर की मौत के बाद कार्रवाई, 1.58 करोड़ के फ्लैट और बैंक में जमा राशि कुर्क
Neel Tiwari | Mar 10, 2026, 18:35 IST
Photograph: (thesootr)
भ्रष्टाचार के आरोपी रेलवे इंजीनियर की मौत के बाद भी प्रवर्तन निदेशालय ने कार्रवाई की। परिवार से जुड़े 1.58 करोड़ रुपए के फ्लैट और बैंक जमा कुर्क किए गए।
News in short
कार्रवाई पश्चिमी रेलवे के पूर्व संभागीय अभियंता वेद प्रकाश श्रीवास्तव से जुड़े आय से अधिक संपत्ति के मामले में हुई।
सीबीआई एसीबी जबलपुर ने भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति के आरोप में एफआईआर दर्ज की थी।
मामले में 2 आवासीय फ्लैट और 22 चल संपत्तियां सामने आईं, जिनमें एफडी और बैंक बैलेंस शामिल हैं।
जांच एजेंसियों के अनुसार इस मामले में लगभग 1.66 करोड़ रुपये की संदिग्ध संपत्ति का खुलासा हुआ है।
News In Detail
सीबीआई की एफआईआर से शुरू हुआ मामला
आरोप लगाया गया कि सरकारी पद पर रहते हुए उन्होंने अपने अधिकारों का दुरुपयोग किया और अपनी वैध आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की। इसी आधार पर उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 109 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 13(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के बाद अदालत में पेश की गई चार्जशीट
जांच के दौरान एजेंसी को ऐसी संपत्तियों और निवेश का पता चला जिनका मूल्य संबंधित अधिकारी की घोषित आय से काफी अधिक बताया गया। जांच एजेंसी के अनुसार इस पूरे मामले में अपराध से अर्जित धनराशि लगभग 1.66 करोड़ रुपए आंकी गई।
railway engineer
ये खबर भी पढ़ें...
OBC आरक्षण से शुरू हुआ निकाय चुनाव विवाद: श्योपुर नपा केस में हाईकोर्ट सख्त, सरकार को भी फटकार
ईडी ने शुरू की मनी लॉन्ड्रिंग जांच
ईडी की जांच का उद्देश्य यह पता लगाना था कि कथित भ्रष्टाचार से अर्जित धन को किस प्रकार छिपाया गया और बाद में उसे वित्तीय प्रणाली के माध्यम से कैसे उपयोग में लाया गया। इसी प्रक्रिया में एजेंसी ने विभिन्न बैंक खातों, निवेश और संपत्तियों से जुड़े वित्तीय लेन-देन का विश्लेषण किया।
ये खबर भी पढ़ें...
माध्यमिक खेल शिक्षक भर्ती 2024 हाईकोर्ट के आदेश के अधीन, DPI और ESB से मांगा जवाब
बैंकिंग सिस्टम से बाहर नकदी का उपयोग
बैंक खातों से केवल मामूली राशि निकाली जाती थी, जिससे यह संकेत मिला कि वास्तविक नकदी का इस्तेमाल बैंकिंग प्रणाली के बाहर हो रहा था और लेन-देन का पूरा विवरण बैंक रिकॉर्ड में दिखाई नहीं दे रहा था।
ये खबर भी पढ़ें...
महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद के हनी ट्रैप कांड की साजिश का खुलासा, 50 हजार के लालच में फंसाया
परिवार के कई खातों में जमा की गई रकम
बड़ी संख्या में अलग-अलग खातों का उपयोग किए जाने के कारण धन के वास्तविक स्रोत और उसके उपयोग को ट्रैक करना कठिन हो गया। जांच एजेंसी के अनुसार इस तरीके से धन के लेन-देन को इस प्रकार व्यवस्थित किया गया कि उसकी वास्तविक प्रकृति और स्रोत स्पष्ट रूप से सामने न आ सके।
ये खबर भी पढ़ें...
विजयपुर मामले में क्या कांग्रेस से हुई चूक, विधायकी गंवाने वाले मुकेश मल्होत्रा बोले- कुछ लोगों ने ध्यान नहीं दिया
एफडी और फ्लैट खरीदने में लगाया पैसा
जांच एजेंसी के अनुसार इस धन से दो आवासीय फ्लैट खरीदे गए। इन संपत्तियों में से कुछ ऐसे परिवार के सदस्यों के नाम पर थीं जिनकी कोई स्वतंत्र आय का स्रोत सामने नहीं आया।
मौत के बाद ईडी ने की संपत्ति कुर्की
इन चल संपत्तियों में सावधि जमा और बैंक बैलेंस शामिल हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 1.58 करोड़ रुपये बताई गई है। ईडी के अनुसार यह संपत्तियां कथित रूप से अर्जित अनुपातहीन संपत्ति से जुड़ी हुई हैं और इन्हें पीएमएलए 2002 के प्रावधानों के तहत अस्थायी रूप से कुर्क किया गया है।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman