IFS डीपीसी: सिफारिश निलंबन की थी,मिली आईएफएस बनने की हरी झंडी
Ravi Awasthi | Oct 10, 2025, 20:01 IST
van vibhag
मध्यप्रदेश में विभागीय जांच और निलंबन सिफारिश झेल रहे वन अफसरों को भी आईएफएस अवॉर्ड की हरी झंडी मिल गई, जिससे चयन प्रक्रिया पर सवाल उठे हैं।
रवि अवस्थी, भोपाल।
मध्यप्रदेश राज्य वन सेवा के 24 अधिकारियों को आईएफएस (भारतीय वन सेवा) अवॉर्ड के लिए चयनित किया गया है। बुधवार को नई दिल्ली में विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक हुई। इसमें दो ऐसे अफसरों को भी शामिल किया गया,जिनमें एक की विभागीय जांच जारी है तो दूसरे को निलंबित करने की सिफारिश खुद वन विभाग ने शासन से की।
सूत्रों के अनुसार,डीपीसी में वर्ष 2011, 2012 और 2014 बैच के राज्य वन सेवा अधिकारियों के नामों पर चर्चा हुई। इनमें से 24 अफसरों को आईएफएस अवॉर्ड देने की अनुशंसा की गई।
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इनमें 2012 बैच के एसीएफ बालकराम सिरसाम का नाम भी शामिल है। सिरसाम बालाघाट के लालबर्रा वन क्षेत्र में पदस्थ रहे। इस दौरान वहां बाघों के अवैध शिकार और शव जलाने के कई मामले सामने आए।
इन मामलों में सिरसाम पर लापरवाही बरतने के आरोप लगे। यहां तक कि वन विभाग ने दो माह पहले उनके निलंबन की सिफारिश भी शासन को भेजी थी।
हालांकि,शासन स्तर से इस पर कोई निर्णय नहीं हुआ। बताया जाता है कि सिरसाम का नाम आईएफएस अवॉर्ड के लिए भेजे जाने के चलते ही विभागीय सिफारिश को ठंडे बस्ते में रखा गया।
अवॉर्ड के लिए चयनित अधिकारियों में एक अन्य नाम 2009 बैच के एसडीओ रामकुमार अवधिया का है। अवधिया के खिलाफ अनियमितता से जुड़े एक मामले में विभागीय जांच जारी है। इसका अब तक निराकरण नहीं हो सका।अवधिया वर्तमान में खंडवा वन विकास निगम के डिवीजन प्रबंधक हैं। जांच लंबित रहने के बावजूद इनका नाम आईएफएस के लिए चुना गया है।
वन मुख्यालय ने जिन अफसरों के खिलाफ निलंबन की सिफारिश की थी, उन्हीं को आईएफएस बनाने की हरी झंडी दे दी गई। यह प्रस्ताव दो महीने से शासन के पास विचाराधीन है, पर अब तक उस पर कोई निर्णय नहीं हुआ।
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सूत्रों के अनुसार, चयन सूची में रामकुमार अवधिया व बालकराम सिरसाम के अलावा जिन अधिकारियों के नाम चयन सूची में शामिल हैं,उनमें -राजेन्द्र मिश्रा,विद्या भूषण मिश्रा,माधव सिंह मोर्य,ज्योति मुढ़िया, संतोष कुमार रणछोरे, हरीशचंद्र बघेल, भानुप्रकाश बघवा, रामकिशन सोलंकी, रेशम सिंह धुर्वे, मोहन कटारा, अनुजा त्रिवेदी, जया पांडे, मनीषा पुरवार, मुकेश पटेल, धीरेंद्र प्रताप सिंह, प्रमोद सिंह, लाल सुधाकर सिंह, शोभा राही, बृजेंद्र कुमार खोब्रागड़े, भारत सोलंकी, एल्विन बर्मन, अंतर सिंह ओहरिया, अविनाश जोशी, हमीदुल्लाह खान,संजय पाठक, आर. शुक्ला और राजेश शर्मा के नाम शामिल हैं।
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सूत्रों के अनुसार जिन अफसरों के खिलाफ विभागीय जांच या निलंबन प्रस्ताव लंबित हैं,आईएफएस अवॉर्ड के लिए चयनित होने के बाद उन्हें क्लीन चिट मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि यह सवाल अब भी बरकरार है कि जब तक जांच पूरी नहीं हुई,तब तक चयन समिति ने दागी अफसरों के नामों को हरी झंडी कैसे दे दी?
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दागियों को आईएफएस अवॉर्ड की चयन सूची में शामिल करने पर वन बल प्रमुख वीएन अंबाडे कहते हैं-पहले अवॉर्ड हो जाए। इसके बाद ही इस विषय पर चर्चा करना ठीक होगा। अंबाडे तीन सदस्यीय चयन समिति के सदस्य भी हैं। दो अन्य सदस्यों में मुख्य सचिव अनुराग जैन व वन विभाग के अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल बैठक में शामिल रहे।
मध्यप्रदेश राज्य वन सेवा के 24 अधिकारियों को आईएफएस (भारतीय वन सेवा) अवॉर्ड के लिए चयनित किया गया है। बुधवार को नई दिल्ली में विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक हुई। इसमें दो ऐसे अफसरों को भी शामिल किया गया,जिनमें एक की विभागीय जांच जारी है तो दूसरे को निलंबित करने की सिफारिश खुद वन विभाग ने शासन से की।
सूत्रों के अनुसार,डीपीसी में वर्ष 2011, 2012 और 2014 बैच के राज्य वन सेवा अधिकारियों के नामों पर चर्चा हुई। इनमें से 24 अफसरों को आईएफएस अवॉर्ड देने की अनुशंसा की गई।
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सिफारिश निलंबन की थी,मिला इनाम
इन मामलों में सिरसाम पर लापरवाही बरतने के आरोप लगे। यहां तक कि वन विभाग ने दो माह पहले उनके निलंबन की सिफारिश भी शासन को भेजी थी।
हालांकि,शासन स्तर से इस पर कोई निर्णय नहीं हुआ। बताया जाता है कि सिरसाम का नाम आईएफएस अवॉर्ड के लिए भेजे जाने के चलते ही विभागीय सिफारिश को ठंडे बस्ते में रखा गया।
विभागीय जांच को किया नजरअंदाज
वन मुख्यालय ने जिन अफसरों के खिलाफ निलंबन की सिफारिश की थी, उन्हीं को आईएफएस बनाने की हरी झंडी दे दी गई। यह प्रस्ताव दो महीने से शासन के पास विचाराधीन है, पर अब तक उस पर कोई निर्णय नहीं हुआ।
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आईएफएस अवॉर्ड के लिए चयनित अधिकारी
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दागियों को अब क्लीन चिट देने की तैयारी
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अवॉर्ड हो जाए फिर चर्चा करना ठीक रहेगा:अंबाडे
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