MP हाईकोर्ट का आदेश... संबल योजना के लाभार्थियों की फीस भरेगी मध्यप्रदेश सरकार

Jitendra Shrivastava | Jul 10, 2025, 17:01 IST
Share
sambal-yojana-mp
Photograph: (THESOOTR)

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने संबल योजना के लाभार्थियों के लिए ट्यूशन और एग्जाम फीस भरने का आदेश दिया है। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय को छात्रों से फीस वसूलने से रोका गया।

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश दिया है, जिसमें मध्यप्रदेश सरकार को संबल योजना (Sambal Yojana) के तहत लाभार्थी छात्रों की ट्यूशन फीस और एग्जाम फीस का भुगतान करने के लिए निर्देशित किया गया है। यह आदेश जबलपुर निवासी मनीष बघेल और यामिनी सिंह की याचिका पर पारित किया गया, जिन्होंने रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में प्रवेश लिया था और योजना के तहत ट्यूशन और एग्जाम फीस से राहत पाने के पात्र थे।

छात्रों को परीक्षा फार्म में छूट

हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति दीपक खोत की युगलपीठ ने विश्वविद्यालय को आदेश दिया कि वे इन छात्रों से फीस वसूलने से पहले राज्य सरकार से आवश्यक भुगतान प्राप्त करें। साथ ही विश्वविद्यालय को यह भी निर्देशित किया गया कि छात्रों का परीक्षा फार्म बिना फीस जमा किए स्वीकार कर लिया जाए, ताकि वे अपनी परीक्षा में सम्मिलित हो सकें।

ये खबरें भी पढ़ें...

देश की पहली किन्नर विधायक रहीं शबनम मौसी पर लगे लूट के आरोप, BJP नेता के घर गईं और फिर...

MP के इन छह शहरों में होते हैं सबसे ज्यादा हादसे, एक्सीडेंट रोकने सरकार चलाएगी मिशन

मुख्यमंत्री जनकल्याण योजना के लाभ

यह योजना मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) योजना के तहत लागू की गई है, और इस योजना के लाभार्थियों को शैक्षिक शुल्क से छूट प्राप्त होती है।

ये खबरें भी पढ़ें...

जबलपुर की ऑटो कंपनी शुभ मोटर्स को कर्मचारियों ने लगाया लाखों का चूना

मध्य प्रदेश में मानसून ने मचाई तबाही, दमोह में पुलिया से लटकी बस, नाले में बही कार

छात्रसंघ चुनाव कराने दी याचिका

इसके अलावा, एक अन्य मामले में विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव के पुनः आयोजन के लिए हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई। इस याचिका में मांग की गई थी कि लिंगदोह समिति की सिफारिशों और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद 2017 से छात्रसंघ चुनाव नहीं कराए जा रहे हैं। कोर्ट ने मामले में राज्य सरकार से जवाब मांगा है।

FAQ- खबर से संबंधित सवाल

  1. संबल योजना क्या है और इसके तहत छात्रों को कौन सी सुविधाएं मिलती हैं?
    संबल योजना (Sambal Yojana) मध्य प्रदेश राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई एक प्रमुख योजना है, जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में सहायता प्रदान करती है। इस योजना के तहत लाभार्थी छात्रों को ट्यूशन फीस (Tuition Fees) और परीक्षा फीस (Exam Fees) से पूरी छूट मिलती है। मुख्यमंत्री जनकल्याण योजना (Chief Minister Jan Kalyan Yojana) के अंतर्गत, राज्य सरकार इन छात्रों के लिए शैक्षिक खर्चे का भुगतान करती है, जिससे उन्हें उच्च शिक्षा प्राप्त करने में कोई आर्थिक बाधाएँ नहीं आतीं।
  2. मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने संबल योजना के लाभार्थी छात्रों के लिए क्या आदेश दिया है?
    मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने संबल योजना (Sambal Yojana) के लाभार्थी छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण आदेश दिया है, जिसके तहत राज्य सरकार को इन छात्रों की ट्यूशन और परीक्षा फीस (Tuition and Exam Fees) का भुगतान करने के लिए निर्देशित किया गया है। कोर्ट ने रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (Rani Durgavati University) को यह आदेश दिया कि वे इन छात्रों से फीस वसूलने से पहले राज्य सरकार से भुगतान प्राप्त करें और उनका परीक्षा फार्म बिना फीस जमा किए स्वीकार कर लें।
  3. क्या संबल योजना के तहत छात्रों को फीस जमा करने की जरूरत नहीं है?
    संबल योजना (Sambal Yojana) के तहत, लाभार्थी छात्रों को ट्यूशन और परीक्षा फीस (Tuition and Exam Fees) से पूरी छूट मिलती है। इन छात्रों को किसी भी शैक्षिक शुल्क का भुगतान करने की आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि राज्य सरकार इन खर्चों का वहन करती है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में मदद करती है, बिना किसी वित्तीय दबाव के।


Tags:
  • मध्यप्रदेश
  • मध्यप्रदेश सरकार
  • हाईकोर्ट
  • ट्यूशन फीस
  • लाभार्थी
  • संबल योजना
  • Sambal Yojana
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज

By Sanjay Dhiman

UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब

By VINAY VERMA

अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब
RCA चुनाव में बड़ा उलटफेर, राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह ने छोड़ा मैदान

By Ashish Bhardwaj

RCA चुनाव में बड़ा उलटफेर, राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह ने छोड़ा मैदान