इंदौर सांसद टिकट के लिए कांग्रेस में शेखावत का नाम दिल्ली से आया, लेकिन वह चुनाव लड़ने के मूड़ में नहीं
Pratibha Rana | Feb 26, 2024, 09:57 IST
भंवर सिंह शेखावत, जीतू पटवारी
लोकसभा चुनाव 2024 के लिए इंदौर की सीट के लिए कांग्रेस के प्रत्याशियों की कमी का संकट झेलना पड़ रहा है। इंदौर से चुनाव लड़ने के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी प्राथमिकता में हैं।
संजय गुप्ता, INDORE. लोकसभा चुनाव 2024 ( Lok Sabha Election 2024 ) के लिए इंदौर की सीट के लिए कांग्रेस के प्रत्याशियों की कमी का संकट झेलना पड़ रहा है। इंदौर से चुनाव लड़ने के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ( Jitu Patwari ) प्राथमिकता में हैं, लेकिन प्रदेशाध्यक्ष होने के नाते पूरे प्रदेश का जिम्मा संभालने के चलते उनका मैदान में उतरना मुश्किल है। वहीं हर स्तर पर हुए सर्वे और बड़े नेताओं से की गई चर्चा के बाद दिल्ली से बदनावर विधायक भंवर सिंह शेखावत ( Bhanwar Singh Shekhawat ) का नाम ही प्रमुखता से आया है। लेकिन समस्या यह है कि वह चुनाव लड़ने के मूड़ में ही नहीं है।
ये खबर भी पढ़िए...पटवारी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने से क्यों कतरा रही है सरकार? उधर विरोध में आज शाम कैंडल मार्च, 28 को भोपाल चलो आंदोलन
शेखावत ( Bhanwar Singh Shekhawat ) ने इस मामले में द सूत्र से कहा कि अभी तक पार्टी से औपचारिक कोई प्रस्ताव लोकसभा टिकट लड़ने के लिए नहीं आया है। विधानसभा चुनाव में बदनावर की जनता ने मुझ पर भरोसा जताया है और पांच साल के लिए चुना है, ऐसे में मैं यहीं पर जनता की सेवा करना चाहता हूं।
ये खबर भी पढ़िए...इंदौर में बनने वाले 7 मंजिला रेलवे स्टेशन का आज Modi करेंगे भूमिपूजन
पटवारी ( Jitu Patwari ) और शेखावत को यदि हटा दिया जाए तो फिर अगला उम्मीदवार कौन है? जहां तक प्रदेश स्तर की कमेटी से चुने गए नाम की बात करें तो इसमें स्वप्निल कोठारी और अरविंद बागड़ी का नाम भी है। यह दोनों विधानसभा चुनाव के टिकट की दावेदार में भी थे, वहीं बागड़ी तो एक दिन के लिए शहराध्यक्ष भी बने थे लेकिन एक दिन में ही उन्हें हटा दिया गया। वह विधानसभा तीन से भी टिकट मांग रहे थे लेकिन पिंटू जोशी को टिकट मिला। वहीं कोठारी विधानसभा पांच से टिकट मांग रहे थे, लेकिन टिकट सत्तू पटेल के खाते में चला गया।
ये खबर भी पढ़िए...नीतीश भारद्वाज Vs IAS स्मिता विवाद, एक्टर बोले- 1 करोड़ से ज्यादा खर्च
लोकसभा टिकट ( Lok Sabha Election 2024 ) के लिए नाम तो सत्तू पटेल भी सभी की पसंद का है लेकिन वह खुद लोकसभा चुनाव लडने के मूड़ में बिल्कुल नहीं है। वह साल 2009 और 2014 में सुमित्रा महाजन के सामने लड़ चुके हैं, एक बार 2009 में जहां बहुत ही नजदीकी हार झेलना पड़ी तो 2014 में रिकार्ड वोट से हारे। साल 2019 में पंकज संघवी ने चुनाव लड़ा और रिकार्ड 5.47 लाख वोट से बीजपी के शंकर लालवानी से हार गए। संजय शुक्ला विधानसभा चुनाव के पहले जुलाई 2022 महापौर का चुनाव भी लड़ चुके हैं, जिसमें हार मिली थी। इसी तरह विशाल पटेल भी इस बार देपालपुर से विधानसभा चुनाव हार गए।
ये खबर भी पढ़िए...Indore कलेक्टर भड़के, दिए सैलरी काटने के आदेश
कांग्रेस की एक समस्या यह भी आ रही है कि पार्टी के पास फंड की कमी है और ऐसे में ऐसा प्रत्याशी भी चाहिए जो चुनाव दमदारी से लड़ सके। उल्लेखनीय है कि शुक्ला जहां 200 करोड से ज्यादा संपत्ति के मालिक है, तो पटेल 140 करोड़ की संपत्ति के मालिक है, इस तरह सत्तू पटेल भी 72 करोड़ की संपत्ति के मालिक है। यह तीनों ही चुनाव लड़ना नहीं चाहते हैं। ऐसे में स्वप्निल कोठारी पर ही पार्टी की नजरें जा सकती है।
ये खबर भी पढ़िए...पटवारी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने से क्यों कतरा रही है सरकार? उधर विरोध में आज शाम कैंडल मार्च, 28 को भोपाल चलो आंदोलन
द सूत्र से बोले शेखावत, पांच साल बदनावर में सेवा करने का मन
शेखावत ( Bhanwar Singh Shekhawat ) ने इस मामले में द सूत्र से कहा कि अभी तक पार्टी से औपचारिक कोई प्रस्ताव लोकसभा टिकट लड़ने के लिए नहीं आया है। विधानसभा चुनाव में बदनावर की जनता ने मुझ पर भरोसा जताया है और पांच साल के लिए चुना है, ऐसे में मैं यहीं पर जनता की सेवा करना चाहता हूं।
ये खबर भी पढ़िए...इंदौर में बनने वाले 7 मंजिला रेलवे स्टेशन का आज Modi करेंगे भूमिपूजन
पटवारी और शेखावत नहीं तो फिर कौन?
पटवारी ( Jitu Patwari ) और शेखावत को यदि हटा दिया जाए तो फिर अगला उम्मीदवार कौन है? जहां तक प्रदेश स्तर की कमेटी से चुने गए नाम की बात करें तो इसमें स्वप्निल कोठारी और अरविंद बागड़ी का नाम भी है। यह दोनों विधानसभा चुनाव के टिकट की दावेदार में भी थे, वहीं बागड़ी तो एक दिन के लिए शहराध्यक्ष भी बने थे लेकिन एक दिन में ही उन्हें हटा दिया गया। वह विधानसभा तीन से भी टिकट मांग रहे थे लेकिन पिंटू जोशी को टिकट मिला। वहीं कोठारी विधानसभा पांच से टिकट मांग रहे थे, लेकिन टिकट सत्तू पटेल के खाते में चला गया।
ये खबर भी पढ़िए...नीतीश भारद्वाज Vs IAS स्मिता विवाद, एक्टर बोले- 1 करोड़ से ज्यादा खर्च
संजय शुक्ला, विशाल पटेल, सत्तू तीनों का मूड़ नहीं
लोकसभा टिकट ( Lok Sabha Election 2024 ) के लिए नाम तो सत्तू पटेल भी सभी की पसंद का है लेकिन वह खुद लोकसभा चुनाव लडने के मूड़ में बिल्कुल नहीं है। वह साल 2009 और 2014 में सुमित्रा महाजन के सामने लड़ चुके हैं, एक बार 2009 में जहां बहुत ही नजदीकी हार झेलना पड़ी तो 2014 में रिकार्ड वोट से हारे। साल 2019 में पंकज संघवी ने चुनाव लड़ा और रिकार्ड 5.47 लाख वोट से बीजपी के शंकर लालवानी से हार गए। संजय शुक्ला विधानसभा चुनाव के पहले जुलाई 2022 महापौर का चुनाव भी लड़ चुके हैं, जिसमें हार मिली थी। इसी तरह विशाल पटेल भी इस बार देपालपुर से विधानसभा चुनाव हार गए।
ये खबर भी पढ़िए...Indore कलेक्टर भड़के, दिए सैलरी काटने के आदेश
तीनों अमीर प्रत्याशी पीछे तो चुनाव में खर्चा करेगा कौन?
कांग्रेस की एक समस्या यह भी आ रही है कि पार्टी के पास फंड की कमी है और ऐसे में ऐसा प्रत्याशी भी चाहिए जो चुनाव दमदारी से लड़ सके। उल्लेखनीय है कि शुक्ला जहां 200 करोड से ज्यादा संपत्ति के मालिक है, तो पटेल 140 करोड़ की संपत्ति के मालिक है, इस तरह सत्तू पटेल भी 72 करोड़ की संपत्ति के मालिक है। यह तीनों ही चुनाव लड़ना नहीं चाहते हैं। ऐसे में स्वप्निल कोठारी पर ही पार्टी की नजरें जा सकती है।
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj