तरबूज बना काल: एमपी के श्योपुर में तरबूज खाने के बाद पिता की मौत, बेटा गंभीर

Kaushiki | May 16, 2026, 09:13 IST
Share
watermelon
watermelon

श्योपुर में पिता-बेटे ने सीने की जलन मिटाने के लिए तरबूज खाया। कुछ देर बाद तबीयत बिगड़ गई। अस्पताल में इलाज के दौरान पिता इंद्र सिंह परिहार की मौत हो गई। बेटे विनोद की हालत गंभीर है। फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई जा रही है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • श्योपुर में पिता-बेटे ने तरबूज खाया, तबीयत बिगड़ी।
  • पिता इंद्र सिंह परिहार की अस्पताल जाते वक्त मौत हुई।
  • बेटे विनोद की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
  • फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई जा रही है।
  • खाद्य सुरक्षा विभाग ने तरबूज का सैंपल जांच को भेजा।

तरबूज से हुई मौत की कहानी

मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ। पिता और बेटे ने सीने की जलन शांत करने के लिए तरबूज खाया। कुछ ही देर में दोनों की तबीयत बिगड़ गई और एक की जान चली गई।

मृतक का नाम इंद्र सिंह परिहार (43) है। वे मूल रूप से सुसनेर, शाजापुर के रहने वाले थे। श्योपुर में रिलायंस पेट्रोल पंप के सामने किराए के मकान में रहते थे। पेशे से ड्राइवर थे। उनके साथ बेटा विनोद (21) भी रहता था।

watermelon
watermelon


रात में खाना खाने के बाद तबीयत बिगड़ी

परिजनों के मुताबिक, गुरुवार रात को खाना खाने के बाद दोनों की तबीयत खराब हुई। शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे दोनों को फिर से सीने में जलन हुई। ठंडक के लिए उन्होंने तरबूज खाया।

यह तरबूज गुरुवार शाम खातौली तिराहे से खरीदा गया था और कूलर में ठंडा होने के लिए रखा गया था। तरबूज खाने के थोड़ी देर बाद ही हालत बिगड़ने लगी। परिजन घबरा गए और तुरंत दोनों को जिला अस्पताल ले गए।

कोटा रेफर हुए, रास्ते में मौत

अस्पताल में डॉक्टरों ने इंद्र सिंह की हालत गंभीर देखी। उन्हें राजस्थान के कोटा रेफर कर दिया गया। लेकिन वे कोटा पहुंच नहीं सके। रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।

बेटे विनोद की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है और उसका इलाज जारी है। इंद्र सिंह के परिवार में पत्नी संगीता और तीन बेटे हैं। विनोद, राजा और देवा तीनों बेटे हैं। परिवार की एक और सदस्य राधिका भी श्योपुर में उनके साथ रहती थीं।

Is your watermelon safe to eat? This simple cotton ball test can reveal  hidden chemical adulteration at home - The Economic Times
Is your watermelon safe to eat? This simple cotton ball test can reveal hidden chemical adulteration at home - The Economic Times


डॉक्टर ने क्या कहा?

सिविल सर्जन डॉ. आरबी गोयल ने बताया कि दोनों को गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था। उन्होंने कहा कि सिर्फ तरबूज खाने से मौत हुई हो, यह अभी साफ नहीं है। पेट में इन्फेक्शन हो सकता है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही असली वजह पता चलेगी।

फूड सेफ्टी टीम ने लिया एक्शन

श्योपुर में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (Food Safety and Standards Act) के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग ने तरबूज का सैंपल लिया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी धर्मेन्द्र जैन ने बताया कि न्यू बस स्टैंड के पास फ्रूट मंडी की राइन फ्रूट कंपनी से यह नमूना लिया गया।

इसे जांच के लिए भोपाल खाद्य सुरक्षा विभाग भेजा गया है। मंडी में मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि ये तरबूज राजस्थान से लाए जा रहे हैं। यानी सप्लाई चेन की जांच भी जरूरी हो गई है।

Poison, not watermelon might have killed Mumbai family of 4: Sources
Poison, not watermelon might have killed Mumbai family of 4: Sources


छिंदवाड़ा में भी हो चुका है ऐसा

यह पहली बार नहीं है जब मध्यप्रदेश में तरबूज खाने के बाद किसी की जान गई हो। पिछले साल छिंदवाड़ा में भी ऐसा ही मामला सामने आया था। बड़ी माता मंदिर के पास रहने वाले 27 साल के सिद्धार्थ ताम्रकार ने दोपहर के खाने के बाद तरबूज खाया और सो गए।

जब परिजन उन्हें जगाने गए तो वे नहीं उठे। जिला अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इन दोनों मामलों ने गर्मियों में बिकने वाले फल की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

MP के श्योपुर में 'जहरीला' तरबूज! खाने के बाद पिता की मौत, बेटे की हालत  नाजुक; सीने में जलन दूर करने के लिए खाया था - Sheopur Father dies after  eating watermelon
MP के श्योपुर में 'जहरीला' तरबूज! खाने के बाद पिता की मौत, बेटे की हालत नाजुक; सीने में जलन दूर करने के लिए खाया था - Sheopur Father dies after eating watermelon


क्या तरबूज में होती है मिलावट

गर्मियों में तरबूज जल्दी पकाने और लाल दिखाने के लिए कई बार इसमें ऑक्सीटोसिन (Oxytocin) या अन्य रसायन इंजेक्ट किए जाते हैं। इन्हें (इंजेक्शन वाला तरबूज) खाने से पेट में गंभीर इन्फेक्शन (Food Poisoning) हो सकता है। यह जानलेवा भी साबित हो सकता है। हालांकि श्योपुर मामले में यह अभी आशंका ही है। सैंपल रिपोर्ट के बाद तस्वीर साफ होगी।

FAQ

  1. तरबूज खाने से मौत कैसे हो सकती है?
    गर्मियों में तरबूज को जल्दी पकाने के लिए कभी-कभी हानिकारक रसायन जैसे ऑक्सीटोसिन इंजेक्ट किए जाते हैं। इसके अलावा अगर तरबूज ज्यादा देर से कटा हुआ रखा हो या सही तरीके से स्टोर न हो तो उसमें बैक्टीरिया पनप सकते हैं। इससे गंभीर फूड पॉइजनिंग हो सकती है जो कुछ मामलों में जानलेवा भी साबित हो सकती है। हालांकि हर मामले में जांच जरूरी होती है।
  2. फूड पॉइजनिंग के क्या लक्षण होते हैं?
    फूड पॉइजनिंग के मुख्य लक्षणों में पेट में तेज दर्द, उल्टी, दस्त, सीने में जलन, कमजोरी और चक्कर आना शामिल हैं। गंभीर मामलों में बेहोशी और सांस लेने में तकलीफ भी हो सकती है। अगर खाने के बाद ऐसे लक्षण दिखें तो तुरंत नजदीकी अस्पताल जाना चाहिए और देरी नहीं करनी चाहिए।
  3. तरबूज खरीदते और खाते वक्त क्या सावधानियां रखें?
    हमेशा साफ और ताजा तरबूज खरीदें। कटे हुए तरबूज को लंबे समय तक बाहर न रखें। फ्रिज या कूलर में रखने के बाद भी 24 घंटे के भीतर खा लें। किसी भी फल को खाने से पहले अच्छे से धोएं। अगर तरबूज का रंग या स्वाद असामान्य लगे तो खाना बंद करें। बाजार से इंजेक्टेड या केमिकल वाले फल की पहचान करना मुश्किल होता है इसलिए विश्वसनीय दुकान से ही खरीदें।
ये खबरें भी पढ़ें...

दतिया उपचुनाव की तैयारी शुरू: राजेंद्र भारती अयोग्यता मामले की सुनवाई से पहले EVM जांच के आदेश

सर्वाइकल कैंसर वैक्सीनेशन में छत्तीसगढ़ 26वें स्थान पर, एमपी देश में अव्वल, बंगाल सबसे पीछे

प्लास्टिक कार्ड गायब, एमपी परिवहन विभाग ने लोगों को PDF देकर 100 करोड़ रुपए से ज्यादा वसूले!

CBSE 12th Result 2026: रिजल्ट में एमपी के सरकारी स्कूलों ने गाड़े झंडे, प्राइवेट स्कूल रह गए पीछे

Tags:
  • मध्यप्रदेश
  • श्योपुर
  • खाद्य सुरक्षा विभाग
  • फूड पॉइजनिंग
  • तरबूज
  • इंजेक्शन वाला तरबूज
  • भोपाल खाद्य सुरक्षा विभाग
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा