सिंगरौली विकास प्राधिकरण को भंग करना ही भूली सरकार, फर्जी आदेश वायरल हुआ तब आया होश
CHAKRESH | May 09, 2026, 09:24 IST
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मध्य प्रदेश में सिंगरौली विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक फर्जीवाड़ा सामने आया है, जहां फर्जी नियुक्ति पत्र के आधार पर बधाई और मिठाई का दौर चल गया, लेकिन हकीकत जानेंगे तो...
फर्जी आदेश पर अध्यक्ष बने वीरेंद्र गोयल , डिप्टी सीएम ने मिठाई भी खिला दी
भरी गर्मी में निगम- मंडलों में नियुक्तियों का मूसलाधार दौर चला। इसी क्रम में एक मई 2026 को सिंगरौली विकास प्राधिकरण में भी वीरेंद्र गोयल को अध्यक्ष पद से नवाजा गया। वीरेंद्र गोयल भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं और सिंगरौली जिले के पूर्व जिलाध्यक्ष रह चुके हैं। उनको नई जिम्मेदारी मिलने पर बधाइयों का दौर चला। यहां तक कि डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने भी मुंह मीठा कराया। मगर अब यहीं वीरेंद्र गोयल के साथ मोय- मोय हो गई… यह मिठाई उनके मन को खट्टा कर सकती है।
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दरअसल वीरेंद्र गोयल की नियुक्ति का आदेश ही फर्जी है...
दरअसल सिंगरौली विकास प्राधिकरण को लेकर वीरेंद्र गोयल की चिट्ठी तो किसी बाहरी का खेल है। इस खबर की फैक्ट फाइंडिंग में thesootr को एक अलग ही तरह की लापरवाही पता चली है।
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हुआ यूं कि 13 फरवरी 2024 को सीएम मोहन यादव के निर्देश के बाद प्रदेश के निगम-मंडल के अशासकीय पदाधिकारियों की नियुक्तियां निरस्त कर दी गई थीं। इस पत्र में भी जिन 46 निगम-मंडलों की सूची लगाई गई थी, तब भी अफसरों ने नियम-कायदों को देखे बिना आंख बंद करके रेरा को इस लिस्ट में शामिल कर दिया था और साहब लोग सिंगरौली विकास प्राधिकरण का नाम लिखना ही भूल गए।
ऐसे में सिंगरौली विकास प्राधिकरण में तकनीकी तौर पर अभी भी दिलीप शाह ही अध्यक्ष हैं। मजेदार यह है कि दिलीप शाह न सिर्फ अध्यक्ष हैं, बल्कि वे सरकार से फंड लेकर करोड़ों के काम भी करवाते रहे।
(निगम-मंडल भंग करने का पत्र देखिए, सिंगरौली का नाम ही नहीं है)
बताया जा रहा है कि इसी पेंच के चलते सिंगरौली विकास प्राधिकरण के नए अध्यक्ष का नाम अटका हुआ है; क्योंकि पहले पुराने अध्यक्ष को हटाने का नोटिफिकेशन जारी होगा। ऐसे में अंदर ही अंदर इस गलती को सुधारने की तैयारी चल रही है। इधर फर्जी चिट्ठी के आधार पर वीरेंद्र गोयल के नाम के होर्डिंग-पोस्टर तक लग गए और खुद गोयल वरिष्ठ नेताओं से आशीर्वाद लेते रहे।
इधर…. Thesootr की पड़ताल में फर्जी निकली चिट्ठी
- आदेश को जिस डिजाइन में तैयार करवाया गया है, वह बेहद कैजुअल है।
- सबसे ऊपर आदेश के साथ फॉन्ट हिला हुआ है, जो साफ तौर पर AI या Canva जैसे टूल का कमाल है।
- सबसे बड़ी बात यह कि जिन अवर सचिव अजय कुमार सिंह के नाम से पत्र जारी हुआ है, इस नाम का कोई अधिकारी पूरे मंत्रालय में ही नहीं है।
यह है वीरेंद्र गोयल की नियुक्ति का फर्जी पत्र जो वायरल हो गया
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बड़ा सवाल- कहां से जारी हुई चिट्ठी?
नहीं जारी हुआ कोई पत्र
सिंगरौली विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष की नियुक्ति का आदेश फर्जी है। विभाग से कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। हमने मुख्यमंत्री जी को इस बारे में अपडेट कर दिया है। - संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव, नगरीय प्रशासन विभाग- भोपाल
मैं क्या कह सकता हूं
यह सच है कि मेरे पास अभी कोई ऑफिसियली पत्र नहीं आया है, लेकिन मुझे तो सीएम साहब सहित सभी बड़े पदाधिकारी बधाई दे चुके हैं। अब पत्र असली है या नकली मैं क्या कह सकता हूं। वीरेंद्र गोयल, जिनके नाम का फर्जी नियुक्ति पत्र जारी हुआ
क्या कहते हैं पूर्व अध्यक्ष दिलीप शाह
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