MP शिक्षक पात्रता परीक्षा विवाद : सुप्रीम कोर्ट में कल तय हो सकता है ‘परीक्षा या राहत’ का रास्ता
Ramanand Tiwari | May 12, 2026, 22:50 IST
Photograph: (the sootr)
मध्य प्रदेश के 1.5 लाख शिक्षकों का भविष्य सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिका है। केस में फैसला ये तय करेगा कि शिक्षकों को फिर से पात्रता परीक्षा देनी पड़ेगी या राहत मिलेगी।
मध्य प्रदेश के करीब डेढ़ लाख शिक्षकों से जुड़े शिक्षक पात्रता परीक्षा विवाद पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में बेहद अहम सुनवाई होने जा रही है। खास बात यह है कि मामला सिर्फ तकनीकी कानूनी बहस तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि अब यह शिक्षकों के भविष्य, नौकरी की स्थिरता और सरकार की नीति से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन चुका है।
इस केस में स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ओपन कोर्ट में सुनवाई करेगा। आमतौर पर रिव्यू पिटीशन जजों के चेंबर में सुनी जाती हैं, लेकिन इस मामले को खुली अदालत में सूचीबद्ध किया जाना अपने आप में असाधारण माना जा रहा है।
कानूनी जानकारों के मुताबिक, जब किसी रिव्यू पिटीशन को ओपन कोर्ट में सुना जाता है, तो इसका मतलब होता है कि अदालत मामले को गंभीरता से देख रही है। इससे सभी पक्षों को खुलकर अपनी दलील रखने का मौका मिलता है।
जानकारी के मुताबिक, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस मनमोहन की बेंच इस मामले की सुनवाई करेगी। सुनवाई दोपहर 2 बजे सुप्रीम कोर्ट के कोर्ट नंबर 8 में तय की गई है।
प्रदेश सरकार, शिक्षक संगठनों और अलग-अलग पक्षों की ओर से दाखिल सभी रिव्यू पिटीशन पर एक साथ सुनवाई होगी। इसलिए अदालत में लंबी और विस्तृत बहस होने की संभावना जताई जा रही है।
शिक्षक संयुक्त मोर्चा के डी.के. सिंगोरे का कहना है कि शिक्षकों को न्याय मिलने की पूरी उम्मीद है। उनका दावा है कि शिक्षक लंबे समय से असमंजस की स्थिति में हैं और अब सुप्रीम कोर्ट से स्पष्ट राहत की उम्मीद की जा रही है। प्रदेशभर में शिक्षक इस सुनवाई को लेकर लगातार अपडेट ले रहे हैं। कई संगठनों ने इसे “करियर तय करने वाली सुनवाई” तक बताया है।
इस पूरे विवाद में सबसे बड़ी चिंता यह है कि अगर दोबारा पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता लागू होती है, तो बड़ी संख्या में शिक्षकों पर मानसिक और प्रशासनिक दबाव बढ़ सकता है। कई शिक्षक संगठन यह भी सवाल उठा रहे हैं कि वर्षों से सेवाएं दे रहे शिक्षकों के सामने अचानक नई शर्तें रखना कितना व्यावहारिक होगा।
फिलहाल पूरे प्रदेश के शिक्षक सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर नजर बनाए हुए हैं। अदालत का रुख आने वाले दिनों में शिक्षा विभाग की नीति और शिक्षकों की सेवा शर्तों दोनों पर बड़ा असर डाल सकता है।
यह खबरें भी पढ़ें..
EOW का एक्शन: जिस संस्था का अस्तित्व ही नहीं उसके नाम पर किया फर्जीवाड़ा, केस दर्ज
कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी थी अवैध हिरासत, HC ने दिए भोपाल पुलिस कमिश्नर को कार्रवाई के आदेश
एमपी में अफसरों की सवारी पर हर महीने खर्च हो रहे करोड़ों, पेट्रोल-डीजल बचाने सरकार जल्द लाएगी नया आदेश
एमपी में आज भी बोझ हैं बेटियां! बच्चों को त्यागने और भ्रूण हत्या के मामले में मध्यप्रदेश नंबर एक पर
इस केस में स्कूल शिक्षा विभाग के आदेश के खिलाफ दायर पुनर्विचार याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ओपन कोर्ट में सुनवाई करेगा। आमतौर पर रिव्यू पिटीशन जजों के चेंबर में सुनी जाती हैं, लेकिन इस मामले को खुली अदालत में सूचीबद्ध किया जाना अपने आप में असाधारण माना जा रहा है।
क्यों खास मानी जा रही है ये सुनवाई?
इस सुनवाई के बाद साफ हो सकता है कि:
- शिक्षकों को फिर से पात्रता परीक्षा देनी पड़ेगी या नहीं
- सरकार के आदेश में बदलाव होगा या नहीं
- शिक्षकों को राहत मिलेगी या नई शर्तों का सामना करना पड़ेगा
दोपहर 2 बजे कोर्ट नंबर 8 में होगी सुनवाई
प्रदेश सरकार, शिक्षक संगठनों और अलग-अलग पक्षों की ओर से दाखिल सभी रिव्यू पिटीशन पर एक साथ सुनवाई होगी। इसलिए अदालत में लंबी और विस्तृत बहस होने की संभावना जताई जा रही है।
शिक्षक संगठनों को फैसले से बड़ी उम्मीद
असली चिंता परीक्षा नहीं, भविष्य की है
सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई कल
- करीब 1.5 लाख शिक्षकों का भविष्य जुड़ा
- ओपन कोर्ट में होगी सुनवाई, इसलिए बढ़ी गंभीरता
- जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस मनमोहन की बेंच करेगी सुनवाई
- दोपहर 2 बजे कोर्ट नंबर 8 में केस सूचीबद्ध
- सभी रिव्यू पिटीशन पर एक साथ होगी बहस
- फैसला तय करेगा: परीक्षा होगी या राहत मिलेगी
अब फैसले पर टिकी निगाहें
यह खबरें भी पढ़ें..
EOW का एक्शन: जिस संस्था का अस्तित्व ही नहीं उसके नाम पर किया फर्जीवाड़ा, केस दर्ज
कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी थी अवैध हिरासत, HC ने दिए भोपाल पुलिस कमिश्नर को कार्रवाई के आदेश
एमपी में अफसरों की सवारी पर हर महीने खर्च हो रहे करोड़ों, पेट्रोल-डीजल बचाने सरकार जल्द लाएगी नया आदेश
एमपी में आज भी बोझ हैं बेटियां! बच्चों को त्यागने और भ्रूण हत्या के मामले में मध्यप्रदेश नंबर एक पर
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari