तुलसी ग्रीन्स की टेंडर की शर्तें बदलने से हाउसिंग बोर्ड को 20 करोड़ का घाटा

Sanjay Sharma | Apr 11, 2025, 22:13 IST
Share
tulsi-greens-tender-change
Photograph: (the sootr)

मप्र हाउसिंग बोर्ड ने नया कारनामा कर डाला है। अफसरों ने बोर्ड के तुलसी ग्रीन्स प्रोजेक्ट के ठेकेदार को फायदा पहुंचाने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्रालय के निर्देशों की भी धज्जियां उड़ा दीं। इस कारनामे से बोर्ड को करीब 20 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ेगा।

BHOPAL. हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को लेकर सुर्खियों में रहने वाले मप्र हाउसिंग बोर्ड ने नया कारनामा कर डाला है। अफसरों ने बोर्ड के तुलसी ग्रीन्स प्रोजेक्ट के ठेकेदार को फायदा पहुंचाने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्रालय के निर्देशों की भी धज्जियां उड़ा दीं। इस कारनामे से बोर्ड को करीब 20 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ेगा। यही नहीं प्रोजेक्ट में मकान खरीदने वालों को भी ज्यादा कीमत चुकानी होगी। यानी अधिकारियों की मनमानी का खामियाजा अब हाउसिंग बोर्ड और आमजन को उठाना पड़ेगा।

thesootr
thesootr


शर्त बदलकर जीएसटी को किया अलग

मप्र हाउसिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेव्लपमेंट बोर्ड ने साल 2023 में तुलसी ग्रीन्स हाउसिंग प्रोजेक्ट का टेंडर जारी किया था। 246 फीट ऊंची और करीब 116 करोड़ रुपए लागत की इस हाईराइज बिल्डिंग का काम अधिकारियों की जल्दबाजी के चलते पुणे की कंपनी पुणे कंस्ट्रक्शन को दे दिया गया। ठेकेदार को फायदा पहुंचाने टेंडर की शर्तों में भी बदलाव कर रेट से अलग 18 प्रतिशत जीएसटी का प्रावधान कर डाला। जबकि केंद्रीय वित्त मंत्रालय के नोटिफिकेशन नंबर 3/2019-केंद्रीय टैक्स (दर) में टेंडर रेट में ही जीएसटी शामिल करने का प्रावधान है। इस नोटिफिकेशन के आधार पर हाउसिंग बोर्ड निविदा प्रपत्रों में संशोधन भी कर चुका है।

fa9d56c6-6f9
fa9d56c6-6f9


बोर्ड को होगा 20 करोड़ का घाटा

तुलसी ग्रीन्स हाउसिंग प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी अतिरिक्त कमिश्नर शैलेन्द्र वर्मा संभाल रहे हैं। टेंडर के दौरान शर्तों में बदलाव कर 18 % जीएसटी को टेंडर रेट से अलग रखा गया। इस वजह से हाउसिंग बोर्ड के इस प्रोजेक्ट में मकान खरीदने वालों को अब तय कीमत पर 18% जीएसटी अलग से चुकानी होगी। इस लिहाज से 116 करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट पर 20 करोड़ 90 लाख रुपए का अतिरिक्त भुगतान ठेकेदार हो करना होगा। अधिकारियों द्वारा टेंडर की शर्तों में जो बदलाव किए गए हैं उससे बोर्ड और खरीददारों को नुकसान होगा। बोर्ड के जिम्मेदारों की यह मनमानी एक तरह के आर्थिक अनियमितता है।

यह भी पढ़ें... भोपाल के तुलसी टॉवर की कॉमन छत पर रिटायर्ड IPS समेत 3 का कब्जा, स्वीमिंग पूल-गार्डन बनाए

अब पेटी कांट्रेक्ट के भरोसे है निर्माण

टेंडर हासिल करने के बाद ही पुणे की कंपनी मधुर कंस्ट्रक्शन ने निर्माण से हाथ खींच लिए हैं। वर्क ऑर्डर के बाद से ही हाउसिंग प्रोजेक्ट का निर्माण कछुआ चाल से हो रहा है। नतीजा प्रोजेक्ट तय अवधि से 12 महीने पीछे चल रहा है। निर्माण में देरी के बावजूद कंपनी का ठेका निरस्त नहीं किया गया और उसे बचाने के लिए अधिकारियों ने अनाधिकृत रूप से दो स्थानीय ठेकेदारों को काम सौंप दिया है। अब तुलसी ग्रीन्स हाउसिंग प्रोजेक्ट की साइट पर यही पेटी कांट्रेक्टर काम करा रहे हैं। साइट पर निर्माण संबंधी सामग्री से लेकर लेबर भी इनकी ही है। यह भी कहा जा सकता है कि अघोषित पेटी कांट्रेक्टर के नाम पर हाउसिंग बोर्ड के अफसर ही ठेकेदार की भूमिका अदा कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें... चूरू में पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा में भगदड़, पंडाल गिरा, 3 घायल

महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है तुलसी ग्रीन्स

तुलसी नगर क्षेत्र में निर्माणाधीन तुलसी ग्रीन्स मप्र हाउसिंग बोर्ड का अहम प्रोजेक्ट है। यह भोपाल की सबसे ऊंची बिल्डिंग है जिसमें 25 फ्लोर होंगे। इस हाईराइज बिल्डिंग में 120 फ्लैट बनेंगे जिन्हें लोग खरीद पाएंगे। महत्वपूर्ण होने के बावजूद हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों का ध्यान इस प्रोजेक्ट के पिछड़ने की वजह पर नहीं है। इसके चलते इस प्रोजेक्ट के पूरा होने में कई साल लग सकते हैं।

यह भी पढ़ें... सिलेबस अपडेट न स्किल हो रही डेवलप, इंजीनियरिंग कोर्स से छात्रों का मोह भंग

'द सूत्र' के खुलासे से रुका था भुगतान

हाउसिंग बोर्ड द्वारा हाउसिंग प्रोजेक्ट में ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने का यह इकलौता खेल नहीं है। इस फेहरिस्त में ऐसे मामले पहले भी शामिल हो चुके हैं। अधिकारी निर्माण कंपनी को लाभ पहुंचाने के चक्कर में शर्तों को बदलते समय बोर्ड के नुकसान को भी अनदेखा कर रहे हैं। बीते साल ग्वालियर के थाटीपुर हाउसिंग प्रोजेक्ट में भी हाउसिंग बोर्ड के अफसरों की ऐसी ही कारगुजारी सामने आई थी। तब द सूत्र द्वारा नियम विरुद्ध टेंडर रेट से बाहर जीएसटी भुगतान की कोशिश को उजागर किया गया था। जिसके बाद तत्कालीन प्रमुख सचिव के दखल चलते बोर्ड को अतिरिक्त भुगतान रोकना पड़‍ा था। हांलाकि तब निर्माण कंपनी द्वारा काम ही शुरू नहीं किया गया था लेकिन तुलसी ग्रीन में अतिरिक्त जीएसटी का मामला अलग स्तर पर पहुंच चुका है। जिसकी जांच होने पर बोर्ड को चूना लगा रहे अधिकारियों की आर्थिक अनियमितताएं सामने आ जाएंगी।

यह भी पढ़ें... झाबुआ एसपी का अनोखा प्रयास, सादगी भरी शादियों को दे रहे बढ़ावा

Tags:
  • Bhopal News
  • MP Government
  • मध्यप्रदेश समाचार
  • MPHIDB Housing Project
  • मप्र हाउसिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेव्लपमेंट बोर्ड
  • Tulsi Tower
  • mp news hindi
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा