क्या खत्म होगी रावण दहन की परंपरा? एमपी में ब्राह्मण समाज कर रहा है विरोध
Dablu Kumar | Sept 20, 2025, 13:43 IST
ravan dhan
रावण दहन पर महाकाल सेना और ब्राह्मण समाज ने सवाल उठाए हैं। साथ ही, उन्होंने सभी ब्राह्मणों से इस परंपरा को लेकर विवाद करने को कहा है। एमपी में इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
देशभर में दशहरा की धूम देखी जा रही है। हालांकि, मध्य प्रदेश में इसे लेकर टेंशन जारी है। यहां महाकाल सेना और अखिल भारतीय युवा ब्राह्मण समाज ने रावण दहन की परंपरा के खिलाफ विरोध जताया है। इन संगठनों ने विशेष रूप से ब्राह्मणों से अपील की है कि वे रावण के दहन जैसे आयोजनों में हिस्सा न लें। इस बार 2 अक्टूबर को दशहरा मनाया जाएगा।
महाकाल सेना के संरक्षक महेश पुजारी ने कहा कि रामायण या इतिहास में कहीं भी रावण के दहन का उल्लेख नहीं मिलता है। यह परंपरा अब केवल मनोरंजन और राजनीति का साधन बन चुकी है। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग वास्तव में राम के जैसे हैं, उन्हें ही रावण का दहन करना चाहिए। बता दें कि, उज्जैन में रावण दहन रोकने की मांग ने हर किसी को हौरान किया है।
ये भी पढ़िए... MP News: एमपी में अब बच्चे सुरक्षित पहुंचेंगे घर, जर्जर-पुरानी की जगह चलेंगी नई स्कूल बसें
ये भी पढ़िए... एमपी में 15 लाख वाहन के साथ ब्लंडर मिस्टेक, गाड़ी में लगी है नंबर प्लेट, लेकिन रिकॉर्ड में घालमेल
उज्जैन के प्रमुख चौराहों पर रावण दहन के खिलाफ पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें रामघाट, गुदरी चौराहा, महाकाल घाटी और फ्रीगंज के शिव मंदिर के पास विशेष रूप से पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टरों में सवाल उठाया गया है कि आखिर रावण का दहन क्यों किया जाता है और क्या इस धार्मिक परंपरा को समाप्त नहीं किया जाना चाहिए? पिछले साल भी महाकाल सेना ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर रावण के दहन पर रोक लगाने की मांग की थी।
ये भी पढ़िए... एमपी में अब बच्चे सुरक्षित पहुंचेंगे घर, जर्जर-पुरानी की जगह चलेंगी नई स्कूल बसें
ये भी पढ़िए...उज्जैन न्यूज: अपर आय़ुक्त उज्जैन नगर निगम IAS संतोष टैगोर को हार्ट अटैक, एंजियोप्लास्टी हुई, अब स्वस्थ
बैठक के बाद मामला गरमाया
मामला तब गरमा गया जब उज्जैन के परशुराम मंदिर में अखिल भारतीय युवा ब्राह्मण समाज की बैठक हुई। इसमें यह फैसला लिया गया कि देशभर में रावण के दहन का विरोध किया जाएगा। महाकाल सेना ने भी ब्राह्मणों से विशेष रूप से अपील की है कि वे रावण दहन में भाग न लें।
ये भी पढ़िए... MP News: एमपी में अब बच्चे सुरक्षित पहुंचेंगे घर, जर्जर-पुरानी की जगह चलेंगी नई स्कूल बसें
उज्जैन रावण दहन पर रोक वाली खबर पर एक नजर
|
चौराहों पर लगे पोस्टर
ये भी पढ़िए... एमपी में अब बच्चे सुरक्षित पहुंचेंगे घर, जर्जर-पुरानी की जगह चलेंगी नई स्कूल बसें
ये भी पढ़िए...उज्जैन न्यूज: अपर आय़ुक्त उज्जैन नगर निगम IAS संतोष टैगोर को हार्ट अटैक, एंजियोप्लास्टी हुई, अब स्वस्थ
पोस्टर में इन आठ सवालों को पूछा
- रावण का दहन क्यों?
- रावण अत्याचारी कैसे? स्पष्ट करें।
- महान विद्वान, शिव भक्त, शिव तांडव सहित अनेक जन उपयोगी ग्रंथों का रचयिता और राम जी के निवेदन पर रामेश्वर ज्योतिर्लिंग की स्थापना कराने वाले आचार्य ब्राह्मण का अपमान क्यों?
- श्रीराम को नारायण अवतार जानकार भी एक भाई ने अपनी बहन के साथ हुए अत्याचार रूपी चुनौती को स्वीकार किया और मोक्ष प्राप्त किया तो क्या गुनाह किया?
- लक्ष्मण क्षत्रिय थे और क्षत्रिय किसी महिला पर शस्त्र नहीं उठाते। सूर्पनखा ब्राह्मण कन्या और स्त्री थी लेकिन एक क्षत्रिय ने उसकी नाक और कान काट दिए, क्या यह उचित था?
- यदि आपके परिवार के किसी सदस्य के साथ सूर्पनखा जैसा व्यवहार हो तो आप क्या करेंगे?
- एक साधारण व्यक्ति ने परम सती सीता जी पर उंगली उठाकर उनके चरित्र पर संदेह किया और पुन: सीता जी को वनवास जाना पड़ा। उस रजक (धोबी) के विषय में आप क्या कहेंगे और करेंगे।
- रावण को मारने पर भगवान श्रीराम को भी ब्रह्म हत्या का पाप लगा था तो रावण दहन में सम्मिलित होने वाले लोगों पर ब्रह्म हत्या का पाप लगेगा या नहीं? सनातन धर्म के लोगों को शास्त्र सम्मत उत्तर देने का कष्ट करें या ब्राह्मणों का अपमान करना बंद करें।
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari