विदिशा में जान जोखिम में डाल स्कूल पहुंच रहे बच्चे, हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान
Neel Tiwari | Aug 05, 2026, 14:28 IST
विदिशा में जान जोखिम में डाल स्टॉप डैम पार करते बच्चे
विदिशा में बच्चों के जान जोखिम में डालकर स्टॉप डैम पार कर स्कूल जाने के मामले पर जबलपुर हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। इस याचिका में प्रदेश के मुख्य सचिव सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों को प्रतिवादी बनाया गया है।
समझें क्या है पूरा मामला...
- विदिशा के कई गांवों के बच्चे रोज जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंचते हैं।
- बच्चे बेतवा नदी के स्टॉप डैम के पिलरों पर चलकर स्कूल जाते हैं।
- सुरक्षित सड़क से जाने पर 10 से 16 किलोमीटर का अतिरिक्त रास्ता पड़ता है।
- जबलपुर हाईकोर्ट ने पूरे मामले का स्वतः संज्ञान लिया है।
- याचिका में राज्य सरकार और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को प्रतिवादी बनाया गया है।
हाईकोर्ट के स्वतः संज्ञान से चर्चा में आया विदिशा का मामला
अदालत ने इसे बच्चों की सुरक्षा और शिक्षा से जुड़ा गंभीर जनहित का विषय माना है। इस स्वतः संज्ञान याचिका में मध्य प्रदेश शासन के मुख्य सचिव, लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव और विदिशा कलेक्टर को प्रतिवादी बनाया गया है।
आखिर बच्चों को ऐसा खतरा क्यों उठाना पड़ रहा था
MP- विदिशा जिले के स्कूली बच्चे रोज अपनी जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंच रहे हैं। ये वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है…बेतवा नदी पर बने स्टॉप डैम के कंक्रीट के पिलरों को पार कर बच्चे नदी पार करके स्कूल जा रहे हैं ।
बच्चों का कहना है कि यह स्थिति पिछले 7-8 सालों से बनी… pic.twitter.com/a3gb2YPtf3
— TheSootr (@TheSootr) August 5, 2026
स्टॉप डैम बना बच्चों के लिए सबसे बड़ा खतरा
बच्चे इन्हीं पिलरों पर संतुलन बनाकर आगे बढ़ते हैं। बारिश के दिनों में यह रास्ता और ज्यादा खतरनाक हो जाता है। एक छोटी सी गलती बड़ा हादसा बन सकती है।
सुरक्षित रास्ता है, लेकिन बहुत लंबा
जांच टीम मौके पर पहुंची तो सामने आई पूरी तस्वीर
प्रशासन ने तुरंत क्या कदम उठाए
हाईकोर्ट अब पूरे मामले की करेगा सुनवाई
पहले भी ऐसे मामलों पर सख्त रहा है हाईकोर्ट
सरकार, पीडब्ल्यूडी के प्रिंसिपल सेक्रेटरी और विदिशा कलेक्टर को नोटिस
मध्य प्रदेश सरकार सहित पीडब्ल्यूडी के प्रिंसिपल सेक्रेटरी और विदिशा कलेक्टर को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने इस मामले की पूरी स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 21 सितंबर 2026 को तय की गई है।
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