जब से कश्मीरी पंडितों को किया गया निर्वासित, तब से है कश्मीर अशांत– विवेक तन्खा

Neel Tiwari | Aug 04, 2025, 20:36 IST
Share
vivek-tankha-kashmir-peace-issue-pundits-exile
Photograph: (The Sootr)

राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने कश्मीर में शांति की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि कश्मीरी पंडितों के निर्वासन के बाद से कश्मीर अशांत है और कोई युद्ध या ऑपरेशन वहां वास्तविक शांति नहीं ला सकता।

JABALPUR. राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक कृष्ण तन्खा ने कश्मीर में शांति की वास्तविक स्थिति पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा है कि जब से कश्मीरी पंडितों को उनके घरों से निर्वासित किया गया है, तभी से कश्मीर अशांत है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि कोई भी युद्ध या ऑपरेशन कश्मीर में वास्तविक शांति नहीं ला सकता।

दरअसल कश्मीरी पंडितों की स्थिति और उनसे जुड़े बिल को लेकर Global KP Diaspora पर ऑनलाइन चर्चाएं और टाउन हॉल मीटिंग हो रही हैं। इसी में भाग लेते हुए विवेक तन्खा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट किया कि "कश्मीर में शांति कोई भी युद्ध या ऑपरेशन कश्मीर में वास्तविक शांति नहीं ला सकता है। कश्मीर में शांति तभी आएगी जब परिस्थितियाँ पंडितों को उनके अपने देश में 35 साल के लंबे निर्वासन को समाप्त करने की अनुमति देंगी।"

ये भी पढ़ें... मध्यप्रदेश में डकैत खत्म, लेकिन कानून जिंदा... पुलिस ने 3 साल में दर्ज कर लीं 922 एफआईआर

वीडियो में बताया कश्मीर में शांति का हल

कश्मीरी पंडितों पर एक टाउन हॉल मीटिंग अरेंज की गई थी जिसमें राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने भाग लिया था। इसमें दिए गए विचारों का उन्होंने एक वीडियो बयान भी जारी किया, जिसमें उन्होंने विस्तार से कहा कि “जिस दिन से कश्मीरी पंडितों को कश्मीर से निर्वासित किया गया, तब से ही कश्मीर अशांत है और कश्मीर की शांति तभी वापस आएगी, जिस दिन कश्मीरी पंडित कश्मीर में वापस आएगा।”

किसी वॉर ऑपरेशन से कश्मीर में शांति नहीं आएगी बल्कि कश्मीर तब शांत होगा जब कश्मीरी पंडित कश्मीर का अंग बनेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह हम सभी की जिम्मेदारी है और सरकार की भी जिम्मेदारी है, क्योंकि यह एक पूरी कम्युनिटी के साथ अत्याचार था और उन्हें निर्वासित कर दिया गया था।

विवेक तन्खा ने इस बात पर जोर दिया कि अब 35 साल हो चुके हैं और यह सुनिश्चित करना होगा कि जो लोग कश्मीर छोड़ चुके हैं और अब भी कश्मीर से जुड़े हुए हैं, उन्हें वापस आने का मौका मिले। आखिर में उन्होंने यह आश्वासन भी दिया कि “कश्मीर के लिए वह जो हो सके वह करने के लिए हमेशा तैयार हैं।”

ये भी पढ़ें... जबलपुर की हाई सिक्योरिटी व्हीकल फैक्ट्री में दस्तावेज चोरी, 4 प्राइवेट कर्मचारियों पर FIR

1990 में हुआ था कश्मीरी पंडितों का पलायन

कश्मीरी पंडित, कश्मीर घाटी के मूल निवासी एक हिंदू समुदाय हैं, जिनका इस क्षेत्र से गहरा ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध रहा है. सदियों से वे कश्मीर की अनूठी मिश्रित संस्कृति का अभिन्न अंग रहे हैं, जिसमें हिंदू, मुस्लिम और बौद्ध परंपराओं का संगम देखने को मिलता है।

हालांकि, 1990 के दशक की शुरुआत में उन्हें बड़े पैमाने पर पलायन का सामना करना पड़ा. उग्रवाद और सुरक्षा चिंताओं के कारण, हजारों कश्मीरी पंडितों को अपने ancestral homes को छोड़कर भारत के विभिन्न हिस्सों में विस्थापित होना पड़ा। इस घटना ने समुदाय पर गहरा प्रभाव डाला है, जिससे उनकी सांस्कृतिक पहचान, परंपराओं और भाषा को संरक्षित करने की चुनौती बढ़ गई है।

अपनी जड़ों से दूर होने के बावजूद, कश्मीरी पंडित समुदाय अपनी विरासत को जीवित रखने और अपनी संस्कृति को अगली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए प्रयासरत है। उनकी वापसी और घाटी में सामान्य स्थिति की बहाली हमेशा से एक महत्वपूर्ण मुद्दा रहा है, जिस पर विभिन्न स्तरों पर चर्चा जारी है।

ये भी पढ़ें... सोहबत खान के खुलासे के बाद एटीएस की बड़ी कार्रवाई, कोलकाता से पकड़कर जबलपुर लाया गया एक और अफगानी

thesootr links

दसूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट केसाथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें

अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧👩

Tags:
  • राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा
  • विवेक तन्खा
  • कश्मीरी पंडित
  • कश्मीरी पंडितों का पलायन
  • कश्मीर में शांति
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा