पूर्व सीएम शिवराज सहित वीडी शर्मा और भूपेंद्र सिंह के खिलाफ वारंट जारी
Sandeep Kumar | Apr 03, 2024, 16:00 IST
बढ़ सकती हैं इन नेताओं की मुश्किलें
कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक कृष्ण तन्खा ने एमपीएमएलए कोर्ट जबलपुर में 10 करोड़ की मानहानि का केस दायर किया था। आपको बता दें कि 2 अप्रैल को सुनवाई के दिन तीनों नेताओं को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना था, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए।
नील तिवारी @Jabalpur. विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट ( एमपी/एमएलए कोर्ट ) विश्वेश्वरी मिश्रा ने विवेक तन्खा मानहानि मामले में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ( former Chief Minister Shivraj ) , प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ( VD Sharma ) और पूर्व मंत्री भूपेन्द्र सिंह के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। दरअसल एमपी/एमएलए कोर्ट में ये मामला चल रहा है। 2 अप्रैल को सुनवाई के दिन तीनों नेताओं को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना था ,लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए।
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शिवराज सिंह चौहान, वीडी शर्मा और भूपेन्द्र सिंह की तरफ से पेश वकील ने एक आवेदन कोर्ट में प्रस्तुत किया। इसमें उन्होंने लिखा कि वे भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं और इस समय चुनाव चल रहे हैं। इसलिए व्यस्तता के चलते स्वयं कोर्ट में उपस्थित होने में असमर्थ हैं। कोर्ट ने आवेदन पत्र पर नाराजगी जताई और इसे अस्वीकार करते हुए वकील को फटकार लगाई और तीनों नेताओं को 500-500 रुपए के जमानती वारंट से तलब किया। मामले की अगली सुनवाई 7 मई को होगी। इसमें तीनों नेताओं को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा।
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सुप्रीम कोर्ट में पंचायत चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग के 27 प्रतिशत आरक्षण को रद्द किए जाने के आदेश के बाद बीजेपी नेताओं ने विवेक तन्खा को ओबीसी विरोधी नेता बताया था। दरअसल साल 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने पंचायत चुनाव में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण पर रोक लगा दी थी। इस दौरान विवेक तन्खा ने याचिकाकर्ताओं की ओर से पंचायत और निकाय चुनाव में रोटेशन और परिसीमन को लेकर पैरवी की थी। उस वक्त बीजेपी नेताओं ने विवेक तन्खा को ओबीसी विरोधी बताते हुए उनके खिलाफ बयानबाजी की थी। सोशल मीडिया के साथ ही न्यूज चैनलों में भी बयानबाजी की गई थी और इसके बाद विवेक तन्खा ने भी अपनी सफाई देते हुए बयान जारी किया था और मानहानि करने का आरोप लगाते हुए तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान, बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष व्हीडी शर्मा और तत्कालीन मंत्री भूपेन्द्र सिंह से सार्वजनिक माफी मांगने की बात कही थी लेकिन तीनों नेताओं ने माफी नहीं मांगी जिसके बाद विवेक तन्खा कोर्ट में उनके खिलाफ 10 करोड़ रुपए का मानहानि केस दायर किया था।
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कोर्ट ने लगाई फटकार
शिवराज सिंह चौहान, वीडी शर्मा और भूपेन्द्र सिंह की तरफ से पेश वकील ने एक आवेदन कोर्ट में प्रस्तुत किया। इसमें उन्होंने लिखा कि वे भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं और इस समय चुनाव चल रहे हैं। इसलिए व्यस्तता के चलते स्वयं कोर्ट में उपस्थित होने में असमर्थ हैं। कोर्ट ने आवेदन पत्र पर नाराजगी जताई और इसे अस्वीकार करते हुए वकील को फटकार लगाई और तीनों नेताओं को 500-500 रुपए के जमानती वारंट से तलब किया। मामले की अगली सुनवाई 7 मई को होगी। इसमें तीनों नेताओं को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा।
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क्या था मानहानि मामला ?
सुप्रीम कोर्ट में पंचायत चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग के 27 प्रतिशत आरक्षण को रद्द किए जाने के आदेश के बाद बीजेपी नेताओं ने विवेक तन्खा को ओबीसी विरोधी नेता बताया था। दरअसल साल 2021 में सुप्रीम कोर्ट ने पंचायत चुनाव में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण पर रोक लगा दी थी। इस दौरान विवेक तन्खा ने याचिकाकर्ताओं की ओर से पंचायत और निकाय चुनाव में रोटेशन और परिसीमन को लेकर पैरवी की थी। उस वक्त बीजेपी नेताओं ने विवेक तन्खा को ओबीसी विरोधी बताते हुए उनके खिलाफ बयानबाजी की थी। सोशल मीडिया के साथ ही न्यूज चैनलों में भी बयानबाजी की गई थी और इसके बाद विवेक तन्खा ने भी अपनी सफाई देते हुए बयान जारी किया था और मानहानि करने का आरोप लगाते हुए तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान, बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष व्हीडी शर्मा और तत्कालीन मंत्री भूपेन्द्र सिंह से सार्वजनिक माफी मांगने की बात कही थी लेकिन तीनों नेताओं ने माफी नहीं मांगी जिसके बाद विवेक तन्खा कोर्ट में उनके खिलाफ 10 करोड़ रुपए का मानहानि केस दायर किया था।
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