आपका भी है MUTUAL FUND अकाउंट तो पढ़ लें ये खबर, SEBI ने 1.3 करोड़ खाते क्यों किए होल्ड
Dolly patil | May 02, 2024, 12:01 IST
sebi
बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने लगभग 1.3 करोड़ इनवेस्टर अकाउंट को होल्ड पर डाल दिया है। इन अकाउंट पर केवाईसी ( KYC ) नियमों के चलते कार्रवाई की गई है।
BHOPAL. बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने लगभग 1.3 करोड़ इनवेस्टर अकाउंट को हाल ही में होल्ड पर दाल दिया है। दरअसल इन अकाउंट पर केवाईसी ( KYC ) नियमों के चलते कार्रवाई की गई है। वहीं अब इन अकाउंट से निवेशक स्टॉक, म्युचुअल फंड ( MUTUAL FUND )और कमोडिटी में निवेश नहीं कर पाएंगे। ये जानकारी केवाईसी रजिस्ट्रेशन करने वाली संस्थाओं केआरए ( KRA ) ने दी है। वहीं हाल ही में देश में लगभग 11 करोड़ निवेशक हैं।
जानकारी के मुताबिक देश में अब तक 5 केआरए मौजूद हैं। वहीं केआरए ने बताया कि यह कार्रवाई केवाईसी के विभिन्न नियमों के उल्लंघन के चलते की गई है।दरअसल कई सारे कस्टमर्स लगातार शिकायत कर रहे थे कि वो केवाईसी के बावजूद भी निवेश नहीं कर पा रहे हैं। जिसके बाद केआरए ने संयुक्त बयान जारी कर के कहा की पैन कार्ड और आधार कार्ड होने के बावजूद कई लोगों की केवाईसी पूरी नहीं है. उनके पैन कार्ड और आधार कार्ड आपस में लिंक नहीं हैं। वहीं इनमे से कई लोगों ने केवाईसी के लिए बिजली और टेलीफोन के बिल एवं बैंक अकाउंट का स्टेटमेंट दिया था। जिसके अब सेबी ने स्पष्ट कर दिया है कि इन्हें वैध दस्तावेज नहीं माना जाएगा।
दरअसल 1 अप्रैल से नए नियमों को लागू कर दिया था। जिसमे केआरए ने निवेशकों को तीन कैटेगरी में बांटा है। केआरए ने इन्हें वैलिडेटिड, रजिस्टर्ड और होल्ड में बांट दिया गया है। केआरए अधिकारी के मुताबिक निवेशकों को पैन कार्ड, आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और ईमेल के आधार पर अलग-अलग श्रेणी में रखा गया है। हालांकि जिन निवेशकों की केवाईसी वैलिडेटिड है, वो इनवेस्टमेंट जारी रख सकते हैं। इसी के साथ रजिस्टर्ड केवाईसी के दायरे में आने वाले निवेशक दोबारा से केवाईसी करवाकर ही निवेश जारी रख सकते हैं। वहीं बैंक स्टेटमेंट और यूटिलिटी बिल जैसे दस्तावेज देने वालों को होल्ड कैटेगरी में डाला गया है। जानकारी के मुताबिक ये किसी भी तरह का निवेश नहीं कर पाएंगे। इसी के साथ ये लोग केवाईसी डॉक्यूमेंट को अपलोड किए बिना अपने पैसे को भी निकाल नहीं पाएंगे।
केआरए के अनुसार,11 करोड़ निवेशकों में से 7.9 करोड़ के पास वैलिड केवाईसी है। वहीं 1.6 करोड़ निवेशकों को रजिस्टर्ड कैटेगरी में रखा गया है। जबकि 12 फीसदी निवेशकों को होल्ड कर दाल दिया गया है।
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म्यूचुअल फंड (Mutual Fund KYC) में निवेश करने वालों के लिए सेबी ने केवाईसी को अनिवार्य कर दिया था। हालांकि पहले 31 मार्च तक ही केवाईसी करने की अंतिम तिथि थी। अगर आपने नॉन-वैलिड दस्तावेजों के साथ केवाईसी की प्रक्रिया पूरी की थी तो फिर नई केवाईसी के लिए आपको ऑफलाइन जाना पड़ेगा। वहीं वैलिड दस्तावेजों के साथ केवाईसी पूरी की थी तो ऑनलाइन भी फ्रेश केवाईसी पूरी की जा सकती है।
क्यों हुई कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक देश में अब तक 5 केआरए मौजूद हैं। वहीं केआरए ने बताया कि यह कार्रवाई केवाईसी के विभिन्न नियमों के उल्लंघन के चलते की गई है।दरअसल कई सारे कस्टमर्स लगातार शिकायत कर रहे थे कि वो केवाईसी के बावजूद भी निवेश नहीं कर पा रहे हैं। जिसके बाद केआरए ने संयुक्त बयान जारी कर के कहा की पैन कार्ड और आधार कार्ड होने के बावजूद कई लोगों की केवाईसी पूरी नहीं है. उनके पैन कार्ड और आधार कार्ड आपस में लिंक नहीं हैं। वहीं इनमे से कई लोगों ने केवाईसी के लिए बिजली और टेलीफोन के बिल एवं बैंक अकाउंट का स्टेटमेंट दिया था। जिसके अब सेबी ने स्पष्ट कर दिया है कि इन्हें वैध दस्तावेज नहीं माना जाएगा।
निवेशकों को तीन कैटेगरी में बांटा
दरअसल 1 अप्रैल से नए नियमों को लागू कर दिया था। जिसमे केआरए ने निवेशकों को तीन कैटेगरी में बांटा है। केआरए ने इन्हें वैलिडेटिड, रजिस्टर्ड और होल्ड में बांट दिया गया है। केआरए अधिकारी के मुताबिक निवेशकों को पैन कार्ड, आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और ईमेल के आधार पर अलग-अलग श्रेणी में रखा गया है। हालांकि जिन निवेशकों की केवाईसी वैलिडेटिड है, वो इनवेस्टमेंट जारी रख सकते हैं। इसी के साथ रजिस्टर्ड केवाईसी के दायरे में आने वाले निवेशक दोबारा से केवाईसी करवाकर ही निवेश जारी रख सकते हैं। वहीं बैंक स्टेटमेंट और यूटिलिटी बिल जैसे दस्तावेज देने वालों को होल्ड कैटेगरी में डाला गया है। जानकारी के मुताबिक ये किसी भी तरह का निवेश नहीं कर पाएंगे। इसी के साथ ये लोग केवाईसी डॉक्यूमेंट को अपलोड किए बिना अपने पैसे को भी निकाल नहीं पाएंगे।
कितने इन्वेस्टर्स के पास वैलिड केवाईसी
केआरए के अनुसार,11 करोड़ निवेशकों में से 7.9 करोड़ के पास वैलिड केवाईसी है। वहीं 1.6 करोड़ निवेशकों को रजिस्टर्ड कैटेगरी में रखा गया है। जबकि 12 फीसदी निवेशकों को होल्ड कर दाल दिया गया है।
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फिर से करनी होंगी KYC
म्यूचुअल फंड (Mutual Fund KYC) में निवेश करने वालों के लिए सेबी ने केवाईसी को अनिवार्य कर दिया था। हालांकि पहले 31 मार्च तक ही केवाईसी करने की अंतिम तिथि थी। अगर आपने नॉन-वैलिड दस्तावेजों के साथ केवाईसी की प्रक्रिया पूरी की थी तो फिर नई केवाईसी के लिए आपको ऑफलाइन जाना पड़ेगा। वहीं वैलिड दस्तावेजों के साथ केवाईसी पूरी की थी तो ऑनलाइन भी फ्रेश केवाईसी पूरी की जा सकती है।
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