यशवंत क्लब की सदस्यता का मामला उलझा, फर्म्स एंड सोसायटी ने नया संविधान 20 फरवरी से मंजूर किया, 172 हस्तियों के फार्म पहले ले चुकी कमेटी
Pratibha Rana | Feb 25, 2024, 12:29 IST
यशवंत क्लब की सदस्यता का मामला उलझा
मप्र के ख्याती प्राप्त यशवंत क्लब में शहर के नामचीन 172 हस्तियों की सदस्यता के मामले में नया पेंच फंस गया है। फर्म्स एंड सोसायटी ने स्पेशल मेंबर कैटेगरी को लेकर यशवंत क्लब के संविधान संशोधन को मंजूरी दे दी है।
संजय गुप्ता, INDORE. मप्र के ख्याती प्राप्त यशवंत क्लब ( Yashwant Club ) में शहर के नामचीन 172 हस्तियों की सदस्यता के मामले में नया पेंच फंस गया है। फर्म्स एंड सोसायटी ने स्पेशल मेंबर कैटेगरी को लेकर यशवंत क्लब के संविधान संशोधन को मंजूरी दे दी है, लेकिन यह मंजूरी आदेश के दिनांक से 20 फरवरी 2023 से दी गई है। अब सवाल यह उठता है कि यशवंत क्लब की मैनेजिंग कमेटी ( Yashwant Club Managing Committee ) तो इस तारीख से पहले ही सदस्यता फार्म बांट चुकी, उनके आवेदन की स्क्रूटनी कर चुकी और सदस्यता देने की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है, तो इस पूरी प्रक्रिया का क्या होगा?
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जानकारों के अनुसार जब संविधान में संशोधन ही बाद में मान्य हुआ तो इसके पहले जो बीते साल सदस्यता को लेकर प्रक्रिया हुई है, उसका कोई औचित्य ही नहीं बनता है। ऐसे में सदस्यता फार्म भरने सहित अन्य प्रक्रिया फिर से करना होगी। हालांकि सूत्रों के अनुसार वर्तमान मैनेजिंग कमेटी ( Yashwant Club membership issue complicated ) पुरानी प्रक्रिया को ही आगे बढ़ाकर अपने वालों को उपकृत करने पर विचार कर रही है। हालांकि क्लब सचिव संजय गोरानी ने फर्म्स एंड सोसायटी के आदेश के बाद क्लब में नोटिस चस्पा कर इसकी जानकारी दी है कि नया संविधान मंजूर हो गया है लेकिन सदस्यता प्रक्रिया को लेकर कुछ भी नहीं लिखा गया है।
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चेयरमैन टोनी सचदेवा और सचिव संजय गोरानी की मैनेजिंग कमेटी नेर क्लब संविधान में संशोधन कर सदस्यता की नई कैटेगरी का प्रस्ताव 29 जून 2023 को एजीएम में और फिर 18 अगस्त 2023 ईओजीएम में पास किया। इसके साथ ही सदस्यता की प्रक्रिया शुरू कर दी। इसमें करीब 190 आवेदन पहुंचे लेकिन, इसमें से कई आवेदन खारिज कर 172 को मंजूर किया गया। इसे लेकर क्लब सदस्य बलमीत सिंह छाबड़ा ने फर्म्स एंड सोसायटी में केस लगा दिया, याचिका में यही था कि बिना संविधान संशोधन मंजूर हुए ही यह प्रक्रिया की जा रही है। जिससे अक्टूबर में सदस्यता प्रक्रिया पर स्टे हो गया। बाद में क्लब हाईकोर्ट गया, जिस पर आदेश हुए कि फर्म्स एंड सोसायटी दो सप्ताह में इस पर फैसला करें।
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यशवंत क्लब द्वारा चार साल में कुल सौ नए सदस्यों को सदस्यता दी जाएगी। इसमें हर साल 25 सदस्यों को कमेटी द्वारा चयन किया जाएगा। इसके लिए फार्म भरवाकर पहले ही इच्छुक उम्मीदवारों से आवेदन भी ले लिए और इन्हें क्रम से एक से 172 तक नंबर भी दे दिए। यह फार्म स्क्रूटनी किस तरह से हुई, इसमें सदस्यता की प्राथमिकता एक से 172 तक कैसे तय हुई, इसका खुलासा कभी भी क्लब में किसी सदस्य को नहीं दिया और यही पूरी ट्रांसपेंरेंसी नहीं होने से मामला उलझा हुआ है।
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पहले नंबर पर डॉ अमित नाहर है फिर सर्वेश झंवर, गिराज डागा, निरमित शाह, पराग देसाई, निलेश अग्रवाल, दिशा बक्सी, मेहुल मेहता, सौरभ मेहता, हरपाल उर्फ मोन सिंह भाटिया के साथ ही हितेंद्र मेहता, भरत शाह, सौरभ डाफरिया, अमित लालवानी, अमित वाधवानी, नीलेश काबरा, विवेक दम्मामनी, चिराग गर्ग, शांतनु सिंह ठाकुर, अक्षत चेलावत, गौरव चावला, अजय देसाईष कबीर चुग, संजय दासौद, गोपाल गोयल, नीलेश पोरवाल, दीपक जैन, नीतेश चुग, पराक्रम सिंह चंद्रावत आदि शामिल है।
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सदस्यता प्रक्रिया दोबारा नहीं की तो फिर जाएगा कोर्ट में मामला
जानकारों के अनुसार जब संविधान में संशोधन ही बाद में मान्य हुआ तो इसके पहले जो बीते साल सदस्यता को लेकर प्रक्रिया हुई है, उसका कोई औचित्य ही नहीं बनता है। ऐसे में सदस्यता फार्म भरने सहित अन्य प्रक्रिया फिर से करना होगी। हालांकि सूत्रों के अनुसार वर्तमान मैनेजिंग कमेटी ( Yashwant Club membership issue complicated ) पुरानी प्रक्रिया को ही आगे बढ़ाकर अपने वालों को उपकृत करने पर विचार कर रही है। हालांकि क्लब सचिव संजय गोरानी ने फर्म्स एंड सोसायटी के आदेश के बाद क्लब में नोटिस चस्पा कर इसकी जानकारी दी है कि नया संविधान मंजूर हो गया है लेकिन सदस्यता प्रक्रिया को लेकर कुछ भी नहीं लिखा गया है।
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क्यों है विवाद, अभी तक क्या हुआ?
चेयरमैन टोनी सचदेवा और सचिव संजय गोरानी की मैनेजिंग कमेटी नेर क्लब संविधान में संशोधन कर सदस्यता की नई कैटेगरी का प्रस्ताव 29 जून 2023 को एजीएम में और फिर 18 अगस्त 2023 ईओजीएम में पास किया। इसके साथ ही सदस्यता की प्रक्रिया शुरू कर दी। इसमें करीब 190 आवेदन पहुंचे लेकिन, इसमें से कई आवेदन खारिज कर 172 को मंजूर किया गया। इसे लेकर क्लब सदस्य बलमीत सिंह छाबड़ा ने फर्म्स एंड सोसायटी में केस लगा दिया, याचिका में यही था कि बिना संविधान संशोधन मंजूर हुए ही यह प्रक्रिया की जा रही है। जिससे अक्टूबर में सदस्यता प्रक्रिया पर स्टे हो गया। बाद में क्लब हाईकोर्ट गया, जिस पर आदेश हुए कि फर्म्स एंड सोसायटी दो सप्ताह में इस पर फैसला करें।
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एक से 172 सदस्यता की प्राथमिकता सूची कैसे तय हुई?
यशवंत क्लब द्वारा चार साल में कुल सौ नए सदस्यों को सदस्यता दी जाएगी। इसमें हर साल 25 सदस्यों को कमेटी द्वारा चयन किया जाएगा। इसके लिए फार्म भरवाकर पहले ही इच्छुक उम्मीदवारों से आवेदन भी ले लिए और इन्हें क्रम से एक से 172 तक नंबर भी दे दिए। यह फार्म स्क्रूटनी किस तरह से हुई, इसमें सदस्यता की प्राथमिकता एक से 172 तक कैसे तय हुई, इसका खुलासा कभी भी क्लब में किसी सदस्य को नहीं दिया और यही पूरी ट्रांसपेंरेंसी नहीं होने से मामला उलझा हुआ है।
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172 सदस्यता के लिए यह है प्रमुख नाम
पहले नंबर पर डॉ अमित नाहर है फिर सर्वेश झंवर, गिराज डागा, निरमित शाह, पराग देसाई, निलेश अग्रवाल, दिशा बक्सी, मेहुल मेहता, सौरभ मेहता, हरपाल उर्फ मोन सिंह भाटिया के साथ ही हितेंद्र मेहता, भरत शाह, सौरभ डाफरिया, अमित लालवानी, अमित वाधवानी, नीलेश काबरा, विवेक दम्मामनी, चिराग गर्ग, शांतनु सिंह ठाकुर, अक्षत चेलावत, गौरव चावला, अजय देसाईष कबीर चुग, संजय दासौद, गोपाल गोयल, नीलेश पोरवाल, दीपक जैन, नीतेश चुग, पराक्रम सिंह चंद्रावत आदि शामिल है।
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