129 बीघा सरकारी जमीन वक्फ के नाम, जजों के बंगले-गीता भवन-स्कूल-कॉलेज शामिल
Jageshwar prasad | Jul 27, 2026, 18:07 IST
वक्फ संपत्ति में दर्ज हुए मंदिर, स्कूल, कॉलेज और जजों के बंगले, 61 साल बाद खुलासा
जोधपुर शहर के खसरा नंबर 482, 485 और 490 की 129 बीघा सरकारी जमीन वक्फ गजट में दर्ज। इसे उम्मीद पोर्टल और वक्फ गजट में दर्ज करने का मामला उजागर हुआ है। राजस्व रिकॉर्ड में यह भूमि नगर निगम के नाम दर्ज है।
समझें क्या है पूरा मामला
- जोधपुर में 129 बीघा सरकारी भूमि वक्फ बोर्ड के नाम दर्ज
- दर्ज भूमि में जजों के बंगले-गीता भवन-स्कूल-कॉलेज शामिल
- 250 साल पुराना तुंवरजी का झालरा भी ताजिया के नाम से दर्ज
- उम्मीद पोर्टल पर बिना मुतवल्ली के अपलोड हुई संपत्तियां
- वक्फ सीईओ बोले- गीता भवन शामिल, कलेक्टर से मांगा रिकॉर्ड
इसमें प्रमुख धार्मिक केंद्र गीता भवन, सोहनलाल मनिहार स्कूल, शाह गोवर्धन काबरा कॉलेज, दो उच्च न्यायालय के जजों के बंगलों, 4 प्रसिद्ध मंदिरों और 2 न्याति भवनों सहित एक घनी आबादी वाले आवासीय व व्यावसायिक क्षेत्र की 129 बीघा जमीन शामिल है।
मामला ग्राम जोधपुर के खसरा नंबर 482, 485 और 490 से जुड़ा है। राजस्व विभाग की जमाबंदी में यह जमीन जोधपुर नगर निगम के नाम दर्ज है, लेकिन वक्फ के 1965 के गजट और आधुनिक डिजिटल डेटाबेस में इसे वक्फ संपत्ति बताया गया है।
ऐतिहासिक धरोहर तुंवरजी का झालरा भी वक्फ सूची में
इस प्रविष्टि का खुलासा 61 साल बाद हुआ है, जिससे प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
खसरा नंबर 490 और वीआईपी संपत्तियां
हालांकि, कागजों में किस्म कब्रिस्तान दर्ज होने के कारण इस खसरे में स्थित जस्टिस विनीत माथुर व पूर्व जस्टिस प्रकाश टाटिया के सरकारी बंगले, गीता भवन, काबरा मातुश्री कला मंदिर, अग्रवालों की बगीची, अग्रवाल महावीर मंदिर, सतगुरु कबीर आश्रम और गीतेश्वर महादेव मंदिर को वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज कर दिया गया।
इसी तरह खसरा नंबर 482 (37.06 बीघा) और 485 (74.11 बीघा) में भी मारू लोहार सिकलीगरों का मंदिर और जीनगर न्याति बगीची स्थित हैं, जिन्हें वक्फ सूची में चढ़ा दिया गया है।
तीन स्तरों पर हुई बड़ी चूक
मेकर की अनुपस्थिति: नियमों के मुताबिक वक्फ संपत्ति के प्रबंधन के लिए मेकर (मुतवल्ली) आवश्यक होता है, लेकिन बिना मुतवल्ली ही एंट्री की गई।
चेकर का खेल: वक्फ कार्यालय प्रभारी को चेकर बनाया गया था। डाटा अपलोडिंग का कार्य जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कार्यालय के बजाय एक निजी सोसायटी के परिसर में बैठकर किया गया।
लापरवाह अप्रूवल: बोर्ड स्तर पर बिना प्राथमिक राजस्व रिकॉर्ड (जमाबंदी) की पड़ताल किए 595 में से 571 संपत्तियों को अप्रूव कर दिया गया।
वक्फ बोर्ड का पक्ष
उन्होंने स्पष्ट किया कि जोधपुर कलेक्ट्रेट से 1928 और 1956 के पुराने राजस्व रिकॉर्ड मांगे गए हैं। यदि इन भूखंडों पर किसी की निजी खातेदारी दर्ज पाई जाती है, तो वक्फ दावे को रिजेक्ट किया जाएगा, हालांकि सरकारी किस्म कब्रिस्तान होने के कारण विधिक जांच के बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा।
ये भी पढ़ें:-
बॉर्डर एरिया में धार्मिक स्थलों पर एक्शन से उड़ी नींद, मामला अब कोर्ट में पहुंचा
बॉर्डर पर धार्मिक स्थल ढहाने ने सियासी बवाल, ओवैसी की एंट्री
सड़क चौड़ीकरण के लिए प्रशासन अलर्ट, धार्मिक स्थलों पर होगी कार्रवाई, नेट बंद
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari