दुर्लभजी अस्पताल दुकानें सीलिंग मामला, JDA को सभी पक्षों को सुनकर नए सिरे से फैसले के निर्देश

Mukesh Sharma | Oct 27, 2026, 19:28 IST
Share
दुर्लभजी अस्पताल दुकानें सीलिंग मामले में राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला। जेडीए को सभी पक्षों को सुनकर नए सिरे से निर्णय लेने के निर्देश।
दुर्लभजी अस्पताल दुकानें सीलिंग मामले में राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला। जेडीए को सभी पक्षों को सुनकर नए सिरे से निर्णय लेने के निर्देश।

राजस्थान हाई कोर्ट ने जयपुर के संतोकबा दुर्लभजी अस्पताल में मेडिकल स्टोर सहित तीन दुकानों के सीलिंग से जुड़े आठ साल पुराने विवाद पर JDA को सभी पक्षों को सुनकर नए सिरे से फैसला करने के निर्देश दिए हैं। अंतिम निर्णय तक मेडिकल स्टोर की दुकान पर कॉन्फेड का कब्जा रहेगा। तारा मेडिकोज को उसकी दवाइयां व सामान लौटाने को भी कहा है।

राजस्थान हाई कोर्ट ने संतोकबा मेमोरियल दुर्लभजी अस्पताल (Santokba Durlabhji Memorial Hospital) में मेडिकल स्टोर सहित तीन दुकानों को सील करने को लेकर चल रहे करीब आठ साल पुराने विवाद में जेडीए को संतोकबा दुर्लभजी ट्रस्ट, तारा मेडिकोज और अन्य संबंधित पक्षों को सुनने के बाद मामले में नए सिरे से फैसला करने के निर्देश दिए हैं।

अदालत ने ने कहा है कि जब तक जेडीए नए सिरे से अंतिम आदेश नहीं देता,तब तक मेडिकल स्टोर वाले परिसर पर राजस्थान राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ (कॉन्फेड) का कब्जा बना रहेगा।

जस्टिस सुदेश बंसल व जस्टिस अनुरुप सिंघी की बैंच ने यह निर्देश संतोकबा-द फार्मेसी-ओपीडी, राजस्थान राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ तथा जेडीए की अपीलों का निपटारा करते हुए दिए।

30 नवंबर तक जवाब दे सकेंगे संबंधित पक्ष

कोर्ट ने सभी पक्षों को जेडीए के 13 जुलाई 2018 के नोटिस पर जवाब और जरूरी दस्तावेज पेश करने के लिए 30 नवंबर 2026 तक का समय दिया है। इसके बाद जेडीए को चार सप्ताह के भीतर सभी तथ्यों और दस्तावेजों पर विचार कर कारणों सहित आदेश पारित करना होगा। आदेश पारित होने के सात दिन के भीतर इसकी जानकारी सभी पक्षों को देनी होगी।

राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: हिरासत में मौत पर राहत योजना 3 महीने में लागू होगी, जेलों में सुरक्षा-सुविधाओं पर कड़े निर्देश | Rajasthan High Court's Big Decision: Relief Scheme for Custodial Death to be Implemented in 3 Months, Strict Directives on Jail Security and Facilities
राजस्थान हाईकोर्ट के निर्देश, तीन महीने में लागू हो हिरासत में मौत पर राहत योजना
27 Oct 2026 ,
By Mukesh Sharma
राजस्थान हाईकोर्ट ने जेल में होने वाली मौतों को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को कस्टोडियल डेथ रिलीफ स्कीम-2025को तीन महीने के भीतर लागू करने का निर्देश दिया है। साथ ही जेलों की सुरक्षा, निगरानी, स्वच्छता और प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ाने के लिए कई अहम आदेश दिए हैं।
राजस्थान हाईकोर्ट ने जेल में होने वाली मौतों को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को कस्टोडियल डेथ रिलीफ स्कीम-2025को तीन महीने के भीतर लागू करने का निर्देश दिया है। साथ ही जेलों की सुरक्षा, निगरानी, स्वच्छता और प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ाने के लिए कई अहम आदेश दिए हैं।

1998 में रियायती दर पर मिली थी जमीन

जेडीए ने 17 अक्टूबर 1998 को संतोकबा दुर्लभजी ट्रस्ट को 3,048.790 वर्ग मीटर जमीन रियायती दर पर आवंटित की थी। इसका उद्देश्य ब्लड बैंक और उससे जुड़ी चिकित्सा गतिविधियां संचालित करना था। इसके बाद 19 दिसंबर 1998 को ट्रस्ट के पक्ष में लीज डीड भी जारी हो गई।

बाद में जेडीए ने आरोप लगाया कि ट्रस्ट ने आवंटन की शर्तों का उल्लंघन करते हुए परिसर में व्यावसायिक गतिविधियां शुरु कर दी हैं। बिना पूर्व अनुमति के जमीन पर दुकानें, कैंटीन, पार्किंग सहित अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने लगीं। जेडीए ने 13 जुलाई 2018 को नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर व्यावसायिक गतिविधियां बंद करने को कहा था।

राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: जांच लंबित होने पर भी मिलेगी प्रोविजनल पेंशन और 50% ग्रेच्युटी | Rajasthan High Court's Big Decision: Provisional Pension and 50% Gratuity to be Provided Even if Investigation is Pending
राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: जांच लंबित होने पर भी मिलेगी प्रोविजनल पेंशन, 50% ग्रेच्युटी
27 Oct 2026 ,
By Ashish Bhardwaj
राजस्थान हाईकोर्ट ने रिटायर कर्मचारियों के पेंशन को लेकर अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि विभागीय कार्यवाही लंबित होने से किसी कर्मचारी को पेंशन और 50 प्रतिशत ग्रेच्युटी से वंचित नहीं किया जा सकता। जस्टिस कुलदीप माथुर ने सहकारिता विभाग से रिटायर अर्जुन सिंह की याचिका स्वीकार कर ली। उन्होंने जरूरी दस्तावेज जमा होने के 60 दिन के भीतर अर्जुन सिंह को लाभ जारी करने के निर्देश दिए।
राजस्थान हाईकोर्ट ने रिटायर कर्मचारियों के पेंशन को लेकर अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि विभागीय कार्यवाही लंबित होने से किसी कर्मचारी को पेंशन और 50 प्रतिशत ग्रेच्युटी से वंचित नहीं किया जा सकता। जस्टिस कुलदीप माथुर ने सहकारिता विभाग से रिटायर अर्जुन सिंह की याचिका स्वीकार कर ली। उन्होंने जरूरी दस्तावेज जमा होने के 60 दिन के भीतर अर्जुन सिंह को लाभ जारी करने के निर्देश दिए।

31 जुलाई 2018 को सील कर दिया था परिसर

जेडीए ने 31 जुलाई 2018 को कार्रवाई करते हुए तारा मेडिकोज के मेडिकल स्टोर और दो अन्य दुकानों को सील कर दिया था। इनमें राधेलाल बांकर और मूलचंद प्रजापति की दुकानें भी शामिल थीं। बाद में चार अगस्त, 2018 को मेडिकल स्टोर परिसर खोला गया और छह अगस्त को रियायती दरों पर दवाईयां बेचने के लिए इसका कब्जा कॉन्फेड को सौंप दिया।

इस कार्रवाई के खिलाफ संतोकबा दुर्लभजी ट्रस्ट और तारा मेडिकोज ने जेडीए ट्रिब्यूनल में अपील की। ट्रिब्यूनल ने 23 अक्टूबर, 2018 को सीलिंग संबंधी नोटिस रद्द करते हुए कब्जा वापस देने के निर्देश दिए थे। जेडीए ने इस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। 2019 में सिंगल बैंच ने ट्रिब्यूनल के आदेश को बहाल रखा। जेडीए और कॉन्फेड ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की।

तबादले में प्रशासनिक जरूरतें सर्वोपरि, राजस्थान हाई कोर्ट ने कहा- मनचाही पोस्टिंग का कानूनी अधिकार नहीं | Administrative needs paramount in transfers, Rajasthan High Court says no legal right to desired posting
तबादले में प्रशासनिक जरूरतें अहम, कोर्ट ने कहा- कर्मचारी को मनचाही जगह पोस्टिंग का कानूनी अधिकार नहीं
23 Oct 2026 ,
By Jageshwar prasad
राजस्थान हाई कोर्ट ने जीवनसाथी के पास तबादले की मांग वाली याचिकाएं खारिज कर दी हैं। कोर्ट ने कहा कि एक ही स्थान पर पोस्टिंग का कानूनी अधिकार नहीं है। परिवार की जिम्मेदारी सिर्फ एक जीवनसाथी पर नहीं डाली जा सकती। याचिकाकर्ताओं को दोबारा अभ्यावेदन देने की छूट मिली है।
राजस्थान हाई कोर्ट ने जीवनसाथी के पास तबादले की मांग वाली याचिकाएं खारिज कर दी हैं। कोर्ट ने कहा कि एक ही स्थान पर पोस्टिंग का कानूनी अधिकार नहीं है। परिवार की जिम्मेदारी सिर्फ एक जीवनसाथी पर नहीं डाली जा सकती। याचिकाकर्ताओं को दोबारा अभ्यावेदन देने की छूट मिली है।

कॉन्फेड को सुनवाई का मौका दिए बिना नहीं बदलेगा कब्जा

डिविजन बैंच ने कहा है कि जब जेडीए ट्रिब्यूनल (JDA Tribunal) ने कब्जा वापस देने का निर्देश दिया था,तब तक परिसर कॉन्फेड को सौंपा जा चुका था। इसके बावजूद ट्रिब्यूनल में कॉन्फेड को पक्षकार नहीं बनाया गया और न ही उसे अपनी बात रखने का मौका मिला। हाईकोर्ट ने इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए स्पष्ट किया कि जेडीए के अंतिम निर्णय तक परिसर कॉन्फेड के पास ही रहेगा।

हालांकि, कोर्ट ने ट्रस्ट या तारा मेडिकोज को स्थायी रूप से कब्जे से बाहर रखने का कोई अंतिम फैसला नहीं दिया है। जेडीए जांच और सुनवाई के बाद तय करेगा कि परिसर पर कॉन्फेड का कब्जा जारी रहेगा या इसे ट्रस्ट अथवा तारा मेडिकोज को वापस सौंपा जाएगा। यदि कब्जा लौटाने का आदेश होता है, तो संबंधित पक्ष कानून के अनुसार कब्जे से बाहर रहने की अवधि के मुआवजे का दावा भी कर सकेंगे।

गंभीर आपराधिक आरोप तय होने पर चुनाव नहीं लड़ सकते: राजस्थान हाई कोर्ट | Cannot contest elections if serious criminal charges are framed: Rajasthan High Court
गंभीर आपराधिक आरोप तय होने पर नहीं लड़ सकेंगे चुनाव, हाई कोर्ट बोला- यह मौलिक नहीं, वैधानिक अधिकार
08 Oct 2026 ,
By Jageshwar prasad
राजस्थान हाई कोर्ट ने निकाय चुनावों में गंभीर आपराधिक मामलों का सामना कर रहे आरोपियों को चुनाव लड़ने से रोकने वाले प्रावधान को बरकरार रखा है।चुनाव लड़ने का अधिकार मौलिक नहीं बल्कि वैधानिक है। कोर्ट ने कहा कि निर्णय से स्थानीय संस्थाओं में जनता का विश्वास बढ़ेगा और चुनावों की गुणवत्ता में सुधार होगा।
राजस्थान हाई कोर्ट ने निकाय चुनावों में गंभीर आपराधिक मामलों का सामना कर रहे आरोपियों को चुनाव लड़ने से रोकने वाले प्रावधान को बरकरार रखा है।चुनाव लड़ने का अधिकार मौलिक नहीं बल्कि वैधानिक है। कोर्ट ने कहा कि निर्णय से स्थानीय संस्थाओं में जनता का विश्वास बढ़ेगा और चुनावों की गुणवत्ता में सुधार होगा।

तारा मेडिकोज को अपना सामान वापस मिलेगा

कोर्ट ने कॉन्फेड को निर्देश दिया है कि सीलिंग के समय तैयार की गई सूची के अनुसार तारा मेडिकोज की दवाइयां, उपकरण, सामान और अन्य वस्तुएं तत्काल लौटाई जाएं।

अदालत ने संतोकबा द फार्मेसी की दवा लाइसेंस से जुड़ी अपील को बेकार होने के आधार पर खत्म कर दिया है। क्यों कि लाइसेंस की वैधता 18 फरवरी 2020 को समाप्त हो चुकी थी। हालांकि,भविष्य में परिस्थितियां बदलने पर नया लाइसेंस लेने या लाइसेंस संबंधी मुद्दे उठाने की छूट दी गई है।
Tags:
  • राजस्थान हाई कोर्ट
  • जेडीए
  • संतोकबा मेमोरियल दुर्लभजी अस्पताल
  • Santokba Durlabhji Memorial Hospital
  • राजस्थान राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ
  • मेमोरियल मेडिकल स्टोर सीलिंग
  • JDA Tribunal
  • जयपुर
  • तारा मेडिकोज
  • संतोकबा दुर्लभजी ट्रस्ट
कोटा में एक और प्रसूता की मौत, अक्टूबर में आंकड़ा 4 पर पहुंचा; परिजनों ने एंबुलेंसकर्मियों पर लगाए आरोप

By Ashish Bhardwaj

कोटा में एक और प्रसूता की मौत, अक्टूबर में आंकड़ा 4 पर पहुंचा; परिजनों ने एंबुलेंसकर्मियों पर लगाए आरोप
दीपावली से पहले राजस्थान पुलिस के 31 RPS अफसरों को प्रमोशन का तोहफा, डीएसपी से बने एएसपी

By Mukesh Sharma

दीपावली से पहले राजस्थान पुलिस के 31 RPS अफसरों को प्रमोशन का तोहफा, डीएसपी से बने एएसपी
JNKVV को हाईकोर्ट से बड़ा झटका, चारों अपीलें खारिज, रिटायर कर्मचारियों को 6% ब्याज के साथ देना होगा पिछला वेतन

By Neel Tiwari

JNKVV को हाईकोर्ट से बड़ा झटका, चारों अपीलें खारिज, रिटायर कर्मचारियों को 6% ब्याज के साथ देना होगा पिछला वेतन
राजस्थान की 80 तहसीलें सूखाग्रस्त, मुआवजे पर सवाल: रामपाल जाट बोले- पटवारी खेतों में नहीं जाते, किसानों का नुकसान कौन देखेगा?

By Raghvendra Singh Rathore

राजस्थान की 80 तहसीलें सूखाग्रस्त, मुआवजे पर सवाल: रामपाल जाट बोले- पटवारी खेतों में नहीं जाते, किसानों का नुकसान कौन देखेगा?
छग मे बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट: जिले की स्थिति देखकर कलेक्टर छुट्टी पर ले सकेंगे फैसला, सरकारी और निजी स्कूल दोनों आएंगे दायरे में

By VINAY VERMA

छग मे बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट: जिले की स्थिति देखकर कलेक्टर छुट्टी पर ले सकेंगे फैसला, सरकारी और निजी स्कूल दोनों आएंगे दायरे में
एमपी के आयुष विभाग में अफसरों की मनमानी? नियमितीकरण से ट्रांसफर तक नियमों की अनदेखी के आरोप

By Atul Dwivedi

एमपी के आयुष विभाग में अफसरों की मनमानी? नियमितीकरण से ट्रांसफर तक नियमों की अनदेखी के आरोप
राजस्थान में पंचायत चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग होगी कल, 1.06 करोड़ वोटर डालेंगे वोट

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान में पंचायत चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग होगी कल, 1.06 करोड़ वोटर डालेंगे वोट