दो माह से चल रहा गिरल माइंस आंदोलन खत्म, मजदूरों की मान ली ये मांगें
Jageshwar prasad | Jun 06, 2026, 17:41 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान के बाड़मेर के गिरल माइंस में श्रमिकों की मांगों को लेकर चल रहा दो माह का धरना प्रदर्शन शनिवार को समाप्त हो गया। शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने धरना खत्म करने की घोषणा की। प्रशासन ने श्रमिकों की 24 मांगें स्वीकार कर ली हैं।
News In Short
- गिरल माइंस में दो माह से चल रहा श्रमिक आंदोलन समाप्त, 24 मांगें मंजूर।
- विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने आंदोलन की औपचारिक समाप्ति की घोषणा की।
- भाटी ने धरने के दौरान खुद पर पेट्रोल डालकर विरोध दर्ज कराया था।
- धरने के दौरान श्रमिक जैसाराम की मौत पर 10 लाख की सहायता की घोषणा।
- विधायक ने कहा- भविष्य में श्रमिकों के हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं होगी।
News In Detail
इस अवसर पर हजारों की संख्या में श्रमिक, स्थानीय ग्रामीण और क्षेत्र के प्रमुख जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। आंदोलन की समाप्ति के तुरंत बाद विधायक भाटी ने धरने के दौरान जान गंवाने वाले श्रमिक जैसाराम के आश्रितों को 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता का आधिकारिक पत्र सौंपा।
24 सूत्रीय मांगों पर बनी सहमति
रविंद्र सिंह भाटी ने आगे कहा कि यह जीत किसी एक व्यक्ति या नेता की नहीं है, बल्कि पिछले दो महीनों से इस रेतीले धरातल पर तपती और झुलसाने वाली गर्मी में अपने हक के लिए डटे रहने वाले सभी श्रमिकों, माताओं-बहनों और क्षेत्र के युवाओं के सामूहिक संघर्ष और एकजुटता की जीत है।
इस जटिल समस्या के समाधान और वार्ता को सफल बनाने में पूर्व कैप्टन हीरसिंह भाटी तथा पूर्व चेयरमैन बलराम प्रजापत सहित इलाके के कई वरिष्ठ प्रबुद्धजनों ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई, जिससे प्रशासन के साथ सकारात्मक समझौता संभव हो सका।
100 से अधिक श्रमिकों को हटाने से छिड़ा था आंदोलन
इसके विरोध में स्थानीय ग्रामीणों ने माइंस के बाहर ही पड़ाव डाल दिया था, जो देखते ही देखते एक बड़े जन आंदोलन में तब्दील हो गया। श्रमिकों की आवाज को मुखर करने के लिए विधायक रविंद्र सिंह भाटी स्वयं लगभग एक महीने तक धरना स्थल पर जमे रहे।
आंदोलन के दौरान जब मांगें अनसुनी की गईं, तो बाड़मेर कूच के दौरान विरोध स्वरूप विधायक ने अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आत्मदाह का प्रयास तक किया था। इस बेहद आक्रामक कदम के बाद यह मुद्दा पूरे राजस्थान की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में सुर्खियों में आ गया था।
श्रमिक की मौत के बाद बढ़ा प्रशासनिक दबाव
शनिवार को धरना समाप्त कराने के बाद विधायक भाटी सीधे मृतक श्रमिक जैसाराम के पैतृक घर पहुंचे और शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाते हुए 10 लाख रुपए की सहायता राशि का पत्र सुपुर्द किया। इसके साथ ही उन्होंने माइंस प्रबंधन को कड़े लहजे में चेतावनी दी कि भविष्य में यदि स्थानीय श्रमिकों के हितों की अनदेखी की गई या उनके अधिकारों पर कुठाराघात हुआ, तो इससे भी बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
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