सरकारी अस्पताल से लाकर मां ने खांसी की सिरप बच्चे को पिलाई, सुबह सोकर नहीं उठा 5 साल का मासूम
Amit Baijnath Garg | Sept 29, 2025, 19:18 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान के सीकर में खांसी की सिरप पीने से 5 साल के बच्चे की मौत हो गई। यह घटना चिराना सीएचसी में हुई। यह पहली बार नहीं है, जब इसी सिरप के कारण लोगों की तबीयत बिगड़ी हो।
राजस्थान के सीकर जिले के खोरी ब्राह्मणान गांव में एक दुखद घटना घटी। 5 साल के नीतियांश की तबीयत खराब होने पर उसकी मां ने चिराना सीएचसी से मिली खांसी की सिरप दी थी।
सिरप पिलाने के बाद नीतियांश की हालत और बिगड़ी गई। इसके बाद वह सुबह उठ नहीं पाया। इस घटना ने पूरे इलाके में चिंता की लहर दौड़ा दी है। परिजनों के मुताबिक, रात को सिरप पीने के बाद बच्चे की हालत खराब हो गई थी।
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यह पहली बार नहीं है कि खांसी की सिरप से किसी की तबीयत बिगड़ी हो। दो दिन पहले ही अजीतगढ़ इलाके में दो बच्चों की तबीयत भी इसी सिरप के कारण खराब हो गई थी। यह सिरप जो सरकारी अस्पतालों में निशुल्क वितरित की जाती है, अब कई सवालों का कारण बन चुकी है। जब ये दवाइयां इतनी खतरनाक साबित हो रही हैं, तो यह सवाल उठता है कि आखिर ऐसी दवाओं के वितरण पर नियंत्रण क्यों नहीं रखा जा रहा?
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इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। क्या विभाग ने इस दवाई के उत्पादन और वितरण की सही तरीके से निगरानी की थी? बच्चों के लिए इस सिरप का सेवन सुरक्षित क्यों नहीं है? सरकारी अस्पतालों में ऐसी सिरपें क्यों वितरित की जाती हैं, जो खतरनाक साबित हो रही है? सरकार को अब इस दिशा में कड़ी कार्रवाई कर सुनिश्चित करना चाहिए कि बच्चों के स्वास्थ्य के साथ कोई समझौता न हो।
सिरप पिलाने के बाद नीतियांश की हालत और बिगड़ी गई। इसके बाद वह सुबह उठ नहीं पाया। इस घटना ने पूरे इलाके में चिंता की लहर दौड़ा दी है। परिजनों के मुताबिक, रात को सिरप पीने के बाद बच्चे की हालत खराब हो गई थी।
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पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
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भरतपुर में दवा वितरण पर बैन खांसी की सिरप से न केवल बच्चे, बल्कि अस्पताल के कर्मचारी भी प्रभावित हो चुके हैं। भरतपुर में अस्पताल स्टाफ के बीमार होने के बाद यह मामला सामने आया था। डॉक्टर को निमोनिया होने के बाद जयपुर के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके अलावा, जिले में 108 एंबुलेंस के ड्राइवर और 3 साल के बच्चे की भी तबीयत बिगड़ी थी। इस घटना के बाद जिले में खांसी की सिरप के बैच के वितरण पर रोक लगा दी गई है।
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स्वास्थ्य विभाग को जिम्मेदार ठहराया
FAQ
- 1. खांसी की सिरप से बच्चों की तबीयत क्यों बिगड़ी?
खांसी की सिरप में ऐसे तत्व हो सकते हैं जो बच्चों के लिए हानिकारक हो सकते हैं, जैसा कि सीकर में 5 साल के बच्चे की मौत से साबित हुआ है। - 2. क्या खांसी की सिरप का वितरण सुरक्षित है?
राज्य के अस्पतालों में सिरप का वितरण सुरक्षित नहीं पाया गया है, इसके कारण बच्चों और अस्पताल कर्मचारियों की तबियत बिगड़ी है। - 3. इस घटना के बाद क्या कार्रवाई की गई?
इस घटना के बाद, खांसी की सिरप के वितरण पर पूरे जिले में रोक लगा दी गई है और स्वास्थ्य विभाग से जांच की मांग की गई है।
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