कौन हैं आईपीएस जगमोहन मीणा, जिन्होंने 13 साल बाद छोड़ दी नौकरी
Ashish Bhardwaj | Jul 09, 2026, 20:28 IST
आईपीएस जगमोहन मीणा
ओडिशा कैडर के आईपीएस जगमोहन मीणा ने इस्तीफा दे दिया है। वे राजस्थान के रहने वाले है। वे भविष्य में क्या करेंगे, इसका अभी खुलासा नहीं किया है।
समझें क्या है पूरा मामला
- ओडिशा कैडर के IPS जगमोहन मीणा ने पद से इस्तीफा दिया।
- मीणा ने इस्तीफे को व्यक्तिगत फैसला बताया, दबाव की अटकलें खारिज कीं।
- सरकार ने अभी तक त्यागपत्र को औपचारिक मंजूरी नहीं दी है।
- 2013 बैच के IPS अधिकारी मीणा वर्तमान में भुवनेश्वर DCP पद पर थे।
- जगमोहन मीणा मूल रूप से राजस्थान के अलवर निवासी है।
ओडिशा कैडर के 2013 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस – Indian Police Service) अधिकारी जगमोहन मीणा के इस्तीफे का मामला इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है। उन्होंने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए पद से इस्तीफा दे दिया है।
वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार जगमोहन मीणा का त्यागपत्र प्रक्रिया के लिए भेज दिया गया है। लेकिन सक्षम प्राधिकारी से औपचारिक स्वीकृति मिलना अभी बाकी है।
कब तक सेवा में रहेंगे मीणा
बताया व्यक्तिगत निर्णय
उन्होंने सभी से अपनी निजता का सम्मान करने का अनुरोध किया। साथ ही इस्तीफे के पीछे किसी बाहरी दबाव की अटकलों को भी सिरे से खारिज कर दिया।
मीणा ने स्पष्ट किया कि इसमें किसी तरह का दबाव या बाहरी कारण शामिल नहीं है। उन्होंने ओडिशा के लोगों का आभार जताया और राज्य सरकार को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों के लिए धन्यवाद दिया।
करियर में कब-कब रहे चर्चा में
मूल रूप से राजस्थान में अलवर के निवासी जगमोहन मीणा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी – Indian Institute of Technology) के पूर्व छात्र हैं। उन्होंने दिसंबर 2013 में कार्यभार संभाला था।
पहली पोस्टिंग उन्हें कालाहांडी जिले में उप-मंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ – Sub-Divisional Police Officer) के रूप में मिली थी। 2019 में मालकानगिरि में पुलिस अधीक्षक रहते हुए उन्होंने माओवादी विरोधी अभियानों का नेतृत्व किया था, जिससे वे चर्चा में आए।
इसके बाद उन्होंने मल्कानगिरी, अंगुल और गंजम जैसे जिलों में पुलिस अधीक्षक (एसपी – Superintendent of Police) के तौर पर काम किया। बाद में उन्हें कटक में डीसीपी बनाया गया।
मार्च 2025 में मीणा ने भुवनेश्वर के डीसीपी के रूप में कार्यभार संभाला। अपने करियर में उन्होंने कानून-व्यवस्था प्रबंधन, आपराधिक जांच और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े कई संवेदनशील कार्य सफलतापूर्वक निभाए।
मिले कई पुलिस पदक
उन्होंने अपनी भविष्य की योजनाओं का आधिकारिक खुलासा नहीं किया है। हालांकि चर्चा है कि इस्तीफे की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद वे निजी कॉर्पोरेट क्षेत्र में जा सकते हैं। उनके राजनीति में जाने की भी अटकलें हैं।
अलवर के गांव से जुड़ी है जड़ें
पिता ने कहा कि बेटे को लेकर लोगों के कई फोन आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह निर्णय परिवार के लिए मुश्किल है, लेकिन उस पर कोई राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव नहीं है।
नंदलाल मीणा ने यह भी बताया कि अभी सरकार ने इस्तीफा मंजूर नहीं किया है। उन्होंने कहा कि बेटे ने पूरी निष्ठा और समर्पण से अपनी जिम्मेदारियां निभाईं।
पिता के अनुसार जगमोहन ने सेवा के दौरान अपनी सेहत की परवाह किए बिना दिन-रात काम किया। परिवार ने कभी उन पर किसी तरह का दबाव नहीं बनाया, बल्कि हमेशा ईमानदारी से काम करने की सीख दी।
FAQ
- जगमोहन मीणा ने इस्तीफा क्यों दिया?
जगमोहन मीणा ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए इस्तीफा दिया है। उन्होंने इसे परिवार और दोस्तों से विचार-विमर्श के बाद लिया गया फैसला बताया। उन्होंने किसी बाहरी दबाव की बात से इनकार किया है। - क्या जगमोहन मीणा का इस्तीफा स्वीकार हो गया है?
अभी तक केंद्रीय गृह मंत्रालय ने औपचारिक रूप से इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है। नियमों के अनुसार स्वीकृति मिलने तक वे सेवा में बने रहेंगे। त्यागपत्र फिलहाल प्रक्रिया में है। - जगमोहन मीणा किस लिए जाने जाते हैं?
वे 2019 में मालकानगिरि में माओवादी विरोधी अभियानों के नेतृत्व से चर्चा में आए थे। उन्हें करियर में कई पुलिस पदक भी मिले हैं। वर्तमान में वे भुवनेश्वर के डीसीपी हैं।
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