बीमार पति की देखभाल नहीं करना क्रूरता, कोर्ट ने तलाक किया मंजूर
Ashish Bhardwaj | Jul 19, 2026, 17:35 IST
पति की देखभाल न करने पर तलाक
राजस्थान के जयपुर फैमिली कोर्ट ने बीमार पति की देखभाल न करने को क्रूरता माना है। कोर्ट ने मामले में तलाक की अर्जी को मंजूर कर लिया है। शादी मैट्रिमोनियल साइट से हुई थी।
समझें क्या है पूरा मामला
- जयपुर फैमिली कोर्ट ने बीमार पति की देखभाल नहीं करने को क्रूरता मानते हुए तलाक मंजूर किया है।
- कोर्ट ने पत्नी के व्यवहार को मानसिक और शारीरिक क्रूरता की श्रेणी में माना।
- पति ने आरोप लगाया था कि बीमारी के दौरान पत्नी ने उसकी देखभाल नहीं की।
- कोर्ट में पत्नी की ओर से कोई जवाब या सबूत पेश नहीं किया गया।
- 2019 में हुई शादी के बाद विवाद बढ़ा और कोर्ट ने पति की तलाक याचिका स्वीकार कर ली।
कोर्ट ने अपने आदेश में कई बिंदुओं को क्रूरता माना। इनमें बिना किसी उचित कारण के पति से झगड़ा करना, उसके माता-पिता और भाई-भाभी के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करना शामिल है। साथ ही पति पर परिवार से दूर रहने का दबाव डालना और बीमारी में उसकी देखभाल न करना भी मानसिक व शारीरिक क्रूरता करार दिया गया।
कोर्ट ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में दोनों का एक ही छत के नीचे साथ रहकर वैवाहिक जीवन निभाना असंभव है।
मैट्रिमोनियल साइट से हुआ था रिश्ता
दोनों की शादी पूरे रीति-रिवाज के साथ 24 नवंबर 2019 को हुई थी। शादी के बाद दोनों दिल्ली में रहने लगे। शुरुआत में दोनों का वैवाहिक जीवन ठीक चल रहा था। लेकिन कुछ महीनों बाद पत्नी का व्यवहार बदल गया और वह बिना किसी वजह के पति से झगड़ा करने लगी।
वकील के मुताबिक जब भी पति अपने परिवार से मिलने जाना चाहता, पत्नी आत्महत्या की धमकी देकर उसे रोक देती थी। दीपावली और अन्य पारिवारिक कार्यक्रमों में भी उसने पति के माता-पिता और रिश्तेदारों के साथ दुर्व्यवहार किया।
लकवा मारने पर नहीं की देखभाल
विवाद इतना बढ़ गया कि तनाव के चलते पति को ब्रेन स्ट्रोक यानी लकवा आ गया। इसके बाद वह 18 जनवरी से 18 मार्च 2023 तक अस्पताल और रिहैबिलिटेशन सेंटर में भर्ती रहा। आरोप है कि इस दौरान पत्नी देखभाल के लिए बहुत कम अस्पताल आती थी। उसकी पूरी देखभाल उसके माता-पिता और एक केयरटेकर ने की।
बैंगलुरु में घर पर रहने के दौरान भी पत्नी ने पति के माता-पिता के साथ दुर्व्यवहार जारी रखा और उन्हें घर छोड़ने के लिए मजबूर किया। वहीं पत्नी के भाई पर भी पति के साथ मारपीट और मानसिक प्रताड़ना का आरोप है। आरोप है कि उसे घर से निकालने की कोशिश भी की गई।
इसके बाद 8 जुलाई 2023 को युवक के पिता उसे बैंगलुरु से जयपुर ले आए। तभी से वह जयपुर में रहकर अपना इलाज करवा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम में उसकी नौकरी भी छूट गई और वह अब पूरी तरह अपने माता-पिता पर आश्रित है।
नोटिस के बावजूद कोर्ट नहीं पहुंची पत्नी
इसके बाद कोर्ट ने ई-मेल के जरिए भी पत्नी को नोटिस तामील करवाया, लेकिन वह फिर भी अदालत में उपस्थित नहीं हुई। इसके चलते कोर्ट ने एकपक्षीय कार्रवाई शुरू की।
कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि शारीरिक और मानसिक क्रूरता साबित करने की जिम्मेदारी पति पर थी। पति ने जो सबूत और तथ्य पेश किए, उनके खंडन में पत्नी की ओर से न कोई सबूत रखा गया और न ही कोई जिरह की गई। इसी आधार पर कोर्ट ने पति के सबूतों को स्वीकार करते हुए तलाक की अर्जी मंजूर कर ली।
ये खबर भी पढे़:-
ट्रेजरी से पास हुए बिल, लेकिन खातों में नहीं आए पैसे, कर्मचारी परेशान
उत्तराखंड में मिले राजस्थान के नवविवाहित दंपती के शव, छह महीने पहले हुई थी शादी
राजस्थान ग्रामीण बैंक का पुराना डोमेन बना खतरा, एडल्ट कंटेंट से फिशिंग तक का जोखिम
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman
अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब
By VINAY VERMA