जयपुर की पूर्व मेयर मुनेश गुर्जर पर आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज, आय से 1.59 करोड़ रुपए अधिक मिले
Amit Baijnath Garg | Nov 04, 2025, 15:16 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान के जयपुर नगर निगम हेरिटेज की पूर्व मेयर मुनेश गुर्जर और उनके पति सुशील गुर्जर पर आय से अधिक सम्पत्ति का मामला साबित हो गया है। आय से 315 फीसदी अधिक संपत्ति मिली। एसीबी की जांच में हुआ खुलासा।
Jaipur. राजस्थान के जयपुर नगर निगम हेरिटेज की पूर्व मेयर मुनेश गुर्जर और उनके पति सुशील गुर्जर पर आय से अधिक सम्पत्ति का मामला साबित हो गया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की ओर से दोनों के खिलाफ जांच में आय से अधिक सम्पत्ति के मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
मुनेश और उनके पति सुशील गुर्जर ने आय से 315 प्रतिशत अधिक परिसंपत्तियां अर्जित की हैं। एसीबी को आय से 1.59 करोड़ रुपए ज्यादा मिले हैं। उनके पति सुशील के कई बैंक अकाउंट में लेन-देन होना भी सामने आया है।
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एसीबी ने पट्टे देने के एवज में रिश्वत लेने के मामले में मेयर पति सुशील गुर्जर, पूर्व महापौर मुनेश गुर्जर व अन्य के खिलाफ जांच की। जांच में सामने आया है कि मुनेश ने 33 महीने के कार्यकाल के दौरान आय से करीब 315 प्रतिशत ज्यादा संपत्ति अर्जित की। इसमें उनके पति सुशील भी शामिल रहे।
दो साल तक चली जांच के बाद एसीबी ने मुनेश और सुशील के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया है। एसीबी उनसे दुबारा पूछताछ करेगी और कोर्ट में चालान पेश करेगी।
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एसीबी की जांच में सामने आया है कि मुनेश जब नगर निगम जयपुर हेरिटेज की मेयर बनीं, तब उनके पास करीब 23 लाख 84 हजार रुपए की संपत्तियां थीं। 33 महीने के कार्यकाल के दौरान पट्टे लेने के मामले में मेयर व दलाल ट्रेप हुए तो तब उनकी संपत्ति दो करोड़ नौ लाख की हो गई।
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एसीबी ने अगस्त, 2023 में मुनेश के पति सुशील और दो दलालों नारायण सिंह और अनिल दुबे को एक जमीन का पट्टा दिलाने के एवज में 2 लाख की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। एसीबी ने मेयर के आधिकारिक आवास पर भी तलाशी ली, जहां से 41 लाख रुपए से अधिक नकदी, पट्टे की फाइलें और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए। तब आरोप लगा कि मुनेश पद का दुरुपयोग कर रही थीं और उनके पति निगम के कार्यों में हस्तक्षेप करते थे। पट्टों पर हस्ताक्षर के लिए रिश्वत ली जाती थी।
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राजस्थान सरकार ने मुनेश को मेयर पद और पार्षद पद से निलंबित कर दिया। यह उनके कार्यकाल का तीसरा निलंबन था। राजस्थान हाई कोर्ट के आदेश पर न्यायिक जांच में मुनेश के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप सही पाए गए हैं। उन पर लगे तीन आरोप पट्टों के बदले पैसे लेना, बिना पैसे लिए हस्ताक्षर न करना और बरामद नकदी का संतोषजनक जवाब न देना सिद्ध हुए हैं। 3 नवंबर, 2025 को एसीबी ने मुनेश और सुशील के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का एक और मामला दर्ज किया है।
मुनेश और उनके पति सुशील गुर्जर ने आय से 315 प्रतिशत अधिक परिसंपत्तियां अर्जित की हैं। एसीबी को आय से 1.59 करोड़ रुपए ज्यादा मिले हैं। उनके पति सुशील के कई बैंक अकाउंट में लेन-देन होना भी सामने आया है।
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दो साल तक चली जांच
दो साल तक चली जांच के बाद एसीबी ने मुनेश और सुशील के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया है। एसीबी उनसे दुबारा पूछताछ करेगी और कोर्ट में चालान पेश करेगी।
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मेयर बनी, तब 23 लाख की संपत्ति
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संपत्ति में बेतहाशा इजाफा जांच में सामने आया कि 33 माह के कार्यकाल में मुनेश व सुशील की वास्तविक आय, वेतन व पूर्व निवेश पर ब्याज सहित 50 लाख 57 हजार की सम्पत्ति होना सामने आया। नौ लाख 54 हजार रुपए खर्च होना पाया गया। महापौर कार्यकाल के दौरान शुद्ध आय 50 लाख 57 हजार रुपए थी, जबकि महापौर पद पर रहते हुए कुल संपत्ति करीब 2 करोड़ 9 लाख रुपए अर्जित कर ली। जो आय से 315 प्रतिशत ज्यादा है।
मेयर पति व दो दलाल पकड़े गए
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सही पाए गए आरोप
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