जयपुर मेयर पद अनारक्षित, लॉटरी खुलते ही रेस तेज़!

Ashish Bhardwaj | Aug 14, 2026, 11:10 IST
Share
जयपुर मेयर
जयपुर मेयर

राजस्थान निकाय चुनाव की आरक्षण लॉटरी जारी होते ही जयपुर मेयर पद सामान्य घोषित हो गया। पिछली बार ओबीसी महिला के लिए आरक्षित इस सीट पर अब किसी भी वर्ग का पार्षद दावेदारी कर सकता है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • आरक्षण ने बदला गणित,अनारक्षित श्रेणी में आने से सभी वर्गों के रास्ते खुले।
  • अनारक्षित पद होते ही भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों में मेयर के दावेदारों की दौड़ तेज़।
  • ग्रेटर-हेरिटेज के विलय के बाद 150 पार्षद चुनेंगे गुलाबी नगरी का मेयर।
  • सीएम का शहर होने से मुकाबला बेहद दिलचस्प और प्रतिष्ठा का सवाल।
राजस्थान में स्थानीय निकाय की आरक्षण लॉटरी निकलने के साथ ही चुनावी रणभेरी बज चुकी है। जयपुर मेयर पद इस बार अनारक्षित श्रेणी में आया है। पिछली बार जयपुर मेयर का पद ओबीसी महिला के​ लिए आरक्षित था। लेकिन,लॉटरी निकलने के बाद कांग्रेस-भाजपा में दावेदारों की धड़कने भी बढ़ गई हैं। क्यों कि अनारक्षित होने के कारण किसी भी वर्ग का पार्षद मेयर पद के लिए दावेदारी कर सकता है।

राजस्थान की राजधानी होने के कारण जयपुर मेयर का पद महत्वपूर्ण हो जाता है। दोनों ही पार्टी में दावेदारों की भी कमी नहीं है। इनमें अनेक पूर्व पार्षद भी शामिल हैं तो नए दावेदार भी तैयार हैं। अनारक्षित होने से दायरा बढ़ गया है विशेषकर सत्तारुढ़ भाजपा में मेयर पद के लिए संघर्ष होना तय है।

कांग्रेस के लिए परीक्षा की घड़ी

गहलोत सरकार ने जयपुर सहिज जोधपुर व कोटा नगर निगमों को तोड़कर दो-दो निगम बना दिए थे। इसके पीछे प्रमुख कारण तीनों ही शहरों में स्थानीय निकायों में भाजपा का दबदबा रहना था। दो निगम बनाने का फायदा भी कांग्रेस केा मिला था। जयपुर में हैरीटेज निगम का इलाका मुस्लिम बहुल होने से कांग्रेस ने यहां बोर्ड बना लिया था। लेकिन,नगर निगम ग्रेटर में भाजपा का दबदबा कायम रहा था।

ऐसे में अब जयपुर में कांग्रेस नेताओं के लिए आगामी निकाय चुनाव परीक्षा साबित होने वाले हैं। जयपुर में कांग्रेस के फिलहाल दो विधायक हैं। किशनपोल से अमीन कागजी और आदर्श नगर से रफीक खान। इसके अलावा जयपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा,पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास,पूर्व अध्यक्ष आर.आर.तिवाड़ी के लिए भी यह चुनाव चुनौती साबित होने वाले हैं।

जयपुर से सीएम होने का मिलेगा फायदा !

कुछ मौकों को छोड़कर जयपुर परंपरागत रुप से भाजपा का गढ़ रहा है। ऐसे में भाजपा को यहां जीत दर्ज करने में ज्यादा परेशानी का सामना नहीं पड़ता। जयपुर में कांग्रेस 2009 में मेयर के प्रत्यक्ष चुनाव में एक बार अपना मेयर बनाने में कामयाब रही थी, लेकिन बोर्ड भाजपा का ही था। उस समय की मेयर रहीं ज्योति खंडेलवाल अब भाजपा में हैं।

राज्य के मुख्यमंत्री जयपुर की सांगानेर विधानसभा सीट से विधायक हैं। वहीं भाजपा के पास विधायक कालीचरण सर्राफ, पूर्व मंत्री राजपाल सिंह शेखावत, डिप्टी सीएम दीया कुमारी, कैबिनेट मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ होने का फायदा मिलना तय है।


दावेदारों की बड़ी संख्या बन सकती सिरदर्द

जयपुर मेयर का पद अनारक्षित होने से भाजपा व कांग्रेस में मेयर पद के दावेदारों की संख्या बढ़ना तय है। विशेषकर भाजपा को मेयर पद के दावेदारों की बढ़ी तादाद से निपटना होगा। क्योंकि राजधानी होने से जयपुर में भाजपा नेता व कार्यकर्ताओं की संख्या भी ज्यादा है। भाजपा में अनेक नेता लंबे समय से चुनाव व लॉटरी निकलने का इंतजार कर रहे थे। लॉटरी में जयपुर मेयर पद अनारक्षित के लिए होने से उनकी आशाओं को पंख लगना तय है।

150 पार्षदों में से चुना जाएगा मेयर

जयपुर में पिछली बार 2 नगर निगम थे। एक जयपुर ग्रेटर और दूसरा जयपुर हेरिटेज। वर्तमान सरकार ने पूर्व की भांति वापस जयपुर में एक नगर निगम कर दिया है। जयपुर नगर निगम में कुल 150 वार्ड हैं। 150 वार्ड में पार्षद के लिए चुनाव होंगे और उन्हीं पार्षदों में से बहुमत वाले दल का एक पार्षद मेयर चुना जाएगा।

जिला प्रमुख पर भी होगा संग्राम

जयपुर में मेयर के साथ ही जिला प्रमुख पद भी लॉटरी में अनारक्षित हुआ है। पिछली बार जयपुर जिला प्रमुख पद ओबीसी महि​ला के लिए आरक्षित था और इस पर भाजपा ने कांग्रेस में सेंध लगाकर कब्जा किया था। लेकिन,इस बार इस पद के ​अनारक्षित होने के कारण भाजपा-कांग्रेस में दावेदारों की संख्या बढ़ना तय है।

ये खबर भी पढे़:-

अजमेर-सीकर समेत 20 जिलों में महिला जिला प्रमुख, जयपुर में लॉटरी के दौरान विवाद

खेजड़ी काटने पर 1 लाख जुर्माना, UCC में बहुविवाह पर बैन, कैबिनेट के 5 बड़े फैसले

अजमेर में फिर महिला मेयर की बारी, नहीं होगा कोई जातिगत बंधन

उदयपुर मेयर पद रहेगा अनारक्षित ओपन वर्ग से, 28 निकायों के लिए निकली लॉटरी

Tags:
  • दीया कुमारी
  • जयपुर हेरिटेज
  • राज्यवर्धन सिंह राठौड़
  • नगर निगम
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच