जल जीवन मिशन घोटाला, महेश जोशी समेत 7 की जमानत पर फैसला सुरक्षित

Mukesh Sharma | Aug 05, 2026, 20:11 IST
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पूर्व मंत्री महेश जोशी
पूर्व मंत्री महेश जोशी

जल जीवन मिशन घोटाला मामले में राजस्थान हाई कोर्ट ने पूर्व मंत्री महेश जोशी समेत सात आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। एसीबी ने इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

समझें क्या है पूरा मामला

  • जल जीवन मिशन घोटाला मामले में हाई कोर्ट में सुनवाई पूरी हुई।
  • महेश जोशी समेत सात आरोपियों की जमानत पर फैसला सुरक्षित है।
  • आरोपियों पर टेंडर में अनियमितताओं के आरोप हैं।
  • एसीबी इस मामले की जांच कर रही है।
राजस्थान के बहुचर्चित जल जीवन मिशन घोटाले में पूर्व मंत्री महेश जोशी सहित सात आरोपियों की जमानत पर बहस पूरी होने के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित कर लिया है। जोशी को एसीबी ने 7 मई,2026 को उनकी वैवाहिक वर्षगांठ वाले दिन सुबह करीब 5 बजे गिरफ्तार ​किया था। जोशी को इससे पूर्व ईडी ने भी गिरफ्तार किया था और वह करीब सात महीने जेल में रहे थे। जबकि पूर्व आईएएस सुबोध अग्रवाल को कई महीने फरार रहने के बाद एसीबी ने 9 अप्रेल को दिल्ली से गिरफ्तार किया था।

बुधवार को जस्टिस चंद्रप्रकाश ​श्रीमाली की कोर्ट में आरोपी मुकेश पाठक व के.डी.गुप्ता की ओर से बहस हुई जबकि बाकी पांच आरोपियों की ओर से बहस पहले ही पूरी हो चुकी थी।

महेश जोशी की ओर से कोर्ट को बताया गया कि उन्हें गिरफ्तार करने की जरुरत नहीं थी। क्यों कि ईडी की गिरफ्तारी के बाद सात महीने तक हिरासत में रहने के दौरान एसीबी ने ना उनसे कोई अनुसंधान किया था और ना ही गिरफ्तार किया था।

एसीबी ने कानूनी रुप से अनिवार्य 17-ए की मंजूरी मिलने से पहले ही प्रारंभिक अनुसंधान शुरु कर दिया था। एसीबी के पास किसी से भी डिमांड करने का कोई दस्तावेजी सबूत नहीं है।

फर्जी प्रमाण-पत्र का उपयोग महेश जोशी के जलदाय मंत्री और सुबोध अग्रवाल के एसीएस बनने के पहले से ही हो रहा था। विभाग ने जल जीवन मिशन के कुल 140 टेंडर किए थे। इनमें से मंत्री महेश जोशी व एसीएस सुबोध अग्रवाल के कार्यकाल में मात्र चार टेंडर हुए थे।

इनको भी शिकायत मिलने के बाद और एफआईआर दर्ज होने से पूर्व ही रद्ध कर दिया था और भुगतान पर भी रोक लगा दी थी। दोनों फर्म को ब्लैक-लिस्ट कर दिया था व दोषी अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया था।
सरकार की ओर से सभी आरोपियों के विरुद्ध पुख्ता सबूत होने का दावा किया और जमानत का विरोध किया।

इनकी जमानत पर हुई सुनवाई

महेश जोशी,सुबोध अग्रवाल,दिलीप कुमार गौड़,के.डी.गुप्ता,एम.पी.सोनी,सुबोध अग्रवाल,संजय बड़ाया की नियमित जमानत,जबकि आरोपी संजीव कुमार गुप्ता की अग्रिम जमानत पर फैसला सुरक्षित हुआ है।

यह है मामला

मामला जल जीवन मिशन के तहत जारी किए गए टेंडरों में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। मिशन केंद्र सरकार की पहल है जिसका उद्देश्य हर घर नल पहुंचाना है। इस मामले में जोशी समेत अन्य पर चहेती कंपनी को टेंडर देने के बदले रिश्वत लेने का आरोप हैं।

जांचकर्ताओं का आरोप है कि श्री गणपति ट्यूबवेल और श्री श्याम ट्यूबवेल नामक कंपनियों ने IRCON इंटरनेशनल के फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र के आधार पर टेंडर हासिल किया था। मिशन में 9O0 करोड़ रुपए से अधिक के घोटाले का आरोप है। श्री गणपति ट्यूबवेल ने फर्जी तरीके से 859.2 करोड़ रुपये का तथा श्याम ट्यूबवेल ने 120.25 करोड़ रुपये का टेंडर हासिल किया था। एसीबी इस मामले में 2024 में एफआईआर दर्ज की थी।

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