जेल में गूंजे मंगल गीत, सजा मंडप, विवाह बंधन में बंधे दो बंदी
Ashish Bhardwaj | Jul 22, 2026, 15:47 IST
जेल में शादी
राजस्थान में जोधपुर की मंडोर ओपन जेल में बुधवार को दो बंदियों ने विवाह रचाया। यह विवाह हाई कोर्ट की अनुमति के बाद हुआ है। इसमें मूलाराम दूल्हा और सीमा दुल्हन बनीं।
समझें क्या है पूरा मामला
- जोधपुर की ओपन जेल में बंदी मूलाराम ने सीमा से शादी की।
- राजस्थान हाई कोर्ट की विशेष अनुमति से यह विवाह संभव हुआ।
- दोनों बंदियों ने जेल में वैदिक मंत्रों के बीच सात फेरे लिए।
- जेल प्रशासन ने इस विवाह की सुरक्षा और व्यवस्थाएं संभालीं।
राजस्थान में जोधपुर की मंडोर ओपन जेल बुधवार को शादी के मंडप में बदल गई। यहां उम्रकैद की सजा काट रहे बंदी मूलाराम और सीमा वैदिक मंत्रों के बीच विवाह बंधन में बंधे।
यह पूरा आयोजन राजस्थान हाई कोर्ट की विशेष अनुमति से संभव हुआ। जेल प्रशासन ने सुरक्षा के साथ-साथ सारी रस्में भी पूरी करवाईं। इस शादी ने सुधारात्मक न्याय व्यवस्था की एक नई मिसाल पेश की।
हाई कोर्ट की खास अनुमति
मूलाराम के अधिवक्ता कालूराम भाटी के सहायक स्वप्न चौहान ने इस बारे में जानकारी दी। उनके अनुसार हाई कोर्ट के संवेदनशील निर्णय के कारण ही यह शादी हो पाई। यह फैसला दिखाता है कि अदालतें भी इंसानी भावनाओं को समझती हैं।
आमतौर पर जेल को सिर्फ सजा की जगह माना जाता है। लेकिन इस घटना ने एक अलग संदेश दिया। जेल भी सुधार और नई शुरुआत का मौका दे सकती है।
जेल में शादी
शादी में क्या हुआ
दोनों परिवारों के सदस्य और रिश्तेदार बड़ी संख्या में पहुंचे। शुभचिंतकों ने भी नवदंपती को आशीर्वाद दिया। सभी ने नए जोड़े को सुखी वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दीं।
सीमा के परिवार से महाराष्ट्र से कोई भी इस शादी में शामिल होने नहीं आ पाया। ऐसे में जेल में बनी सीमा की एक सहेली के पिता राधाकिशन वागेला ने कन्यादान किया।
वागेला परिवार ने ही शादी के कार्ड छपवाए हैं। मंगलवार को मायरा और प्रीतिभोज का कार्यक्रम हुआ।
जेल विवाह
जेल प्रशासन की तैयारी
ओपन जेल प्रभारी हापू राम ने पूरी व्यवस्था की निगरानी की। उनकी देखरेख में सुरक्षा इंतजाम और शादी की तैयारियां पूरी हुईं।
सेंट्रल जेल अधीक्षक प्रमोद सिंह शेखावत ने भी कार्यक्रम पर लगातार नजर रखी। उनकी मॉनिटरिंग से पूरा आयोजन बिना किसी बाधा के संपन्न हो सका।
जेल शादी
सलाखों के पीछे बनी जोड़ी
मूलाराम ने कहा, हम भी समाज की मुख्य धारा से जुड़ना चाहते हैं। अच्छा आचरण होने की वजह से उम्मीद है कि राजस्थान सरकार आगे हमारी सजा माफ करेगी और हम एक सामान्य जीवन जी सकेंगे।
ये खबर भी पढे़:-
MLA विनोद गोठवाल पर 60 लाख हड़पने के आरोप, पालिका अध्यक्ष बनाने का दिया था झांसा
अंधेरे में डूबी स्वास्थ्य सेवा, 80 से ज्यादा PHC-CHC पर नहीं है बिजली कनेक्शन
अलग-अलग राज्यों से चुराए पांच करोड़ के वाहन, 6 सदस्य गिरफ्तार
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman
अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब
By VINAY VERMA
RCA चुनाव में बड़ा उलटफेर, राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह ने छोड़ा मैदान
By Ashish Bhardwaj
वेदांता ग्रुप को जल्द नया और युवा नेतृत्व मिलेगा: प्रिया अग्रवाल हेब्बर हो सकती हैं उत्तराधिकारी, कौन सी जिम्मेदारी मिलेगी?
By Arohi Raj
हाईकोर्ट की फटकार से जागा स्वास्थ्य विभाग: सचिव अमित कटारिया पर लगा जुर्माना, लापरवाही में कांकेर CMHO सस्पेंड
By Umeshwari Baghel