IAS संदीप वर्मा का वेतन रुकेगा, दर्ज होगी FIR, लेबर कोर्ट का आदेश

Mukesh Sharma | Aug 20, 2026, 18:54 IST
Share
ओवरटाइम रोका था अब कटेगी सैलरी
ओवरटाइम रोका था अब कटेगी सैलरी

जयपुर लेबर कोर्ट ने आरएसआरटीसी कंडक्टर सीताराम के बकाया ओवरटाइम भुगतान मामले में आईएएस संदीप वर्मा और एमडी पुरुषोत्तम शर्मा का वेतन रोकने, संदीप वर्मा पर एफआईआर दर्ज करने तथा अवमानना व अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के कड़े निर्देश दिए हैं।

समझें क्या है पूरा मामला

  • ओवरटाइम और विश्राम वेतन भुगतान न करने का विवाद।
  • बकाया राशि वसूली और अधिकारियों का वेतन रोकने के आदेश।
  • आईएएस संदीप वर्मा पर संगीन धाराओं में एफआईआर के निर्देश।
  • हाई कोर्ट में अवमानना रेफरेंस और डीओपीटी को विभागीय कार्रवाई की सिफारिश।
जयपुर की लेबर कोर्ट ने राजस्थान स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (RSRTC) कंडक्टर के बकाया ओवरटाइम और साप्ताहिक विश्राम के भुगतान से जुड़े मामले में IAS संदीप वर्मा और RSRTC के एमडी पुरुषोत्तम शर्मा के खिलाफ कड़ा आदेश दिया है।

जज दिनेश गुप्ता ने बकाया राशि की वसूली के साथ दोनों अधिकारियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं। वहीं, संदीप वर्मा के खिलाफ FIR दर्ज करने और विभागीय कार्रवाई शुरू करने को भी कहा है।

क्या है पूरा मामला?

मामला राजस्थान राज्य सड़क परिवहन निगम (RSRTC) के कंडक्टर सीताराम से जुड़ा है। उन्होंने औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 की धारा 33C(2) के तहत लेबर कोर्ट में आवेदन दिया था। सीताराम ने 1996 से 2013 के बीच घोषित साप्ताहिक विश्राम के दिनों में किए गए 124 दिन के काम का दोगुना ओवर टाइम भुगतान मांगा था।

30 जून 2026 को कोर्ट ने ब्याज और मुकदमे के खर्च समेत 1,09,740 रुपए की राशि तय की थी। इसके बाद RSRTC ने 30 जुलाई को सिर्फ 13076 रुपए का भुगतान किया।

कोर्ट ने भुगतान में गड़बड़ी मानी

13 अगस्त 2026 के आदेश में लेबर कोर्ट ने कहा कि RSRTC ने पैसों की सही गणना नहीं की। महंगाई भत्ते (DA) को हटाने और मूल वेतन की गलत गणना के कारण हाईकोर्ट की ओर से लगाए गए सशर्त स्थगन की शर्तों का भी पालन नहीं हुआ।

कोर्ट ने अब बाकी राशि 96664 रुपए की वसूली के निर्देश दिए हैं। इसके साथ 2 जुलाई 2018 से 30 जून 2023 तक 18% सालाना ब्याज, 25 हजार रुपए मुकदमे का खर्च और 3 हजार रुपए क्षतिपूर्ति भी वसूली जाएगी। जिला कलेक्टर, जयपुर को यह रकम भू-राजस्व की बकाया राशि की तरह RSRTC से वसूलने का आदेश दिया गया है।

IAS संदीप वर्मा का वेतन रोकने के निर्देश

कोर्ट ने राजस्थान के मुख्य सचिव को IAS संदीप वर्मा के वेतन से 12% सालाना ब्याज की व्यक्तिगत वसूली करने को कहा। यह राशि पूरी तरह वसूल होने तक उनका वेतन रोकने के निर्देश भी दिए गए हैं। संदीप वर्मा वर्तमान में कौशल,नियोजन एवं उद्यमिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत हैं।

आरएसआरटीसीके एमडी पुरुषोत्तम शर्मा से भी 6% सालाना अतिरिक्त ब्याज की व्यक्तिगत वसूली के निर्देश दिए गए हैं। यह राशि पूरी होने तक उनका वेतन रोकने को कहा गया है।

संदीप वर्मा पर FIR के निर्देश

लेबर कोर्ट ने आईएएस संदीप वर्मा के खिलाफ FIR दर्ज करने के लिए आदेश की कॉपी संबंधित थानाधिकारी को भेजने के निर्देश दिए हैं। इस आदेश की कॉपी DCP और पुलिस आयुक्त, जयपुर महानगर को भी भेजी जाएंगी।

कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 166, 219, 374, 384, 385, 406, 409 और 307-308 के साथ धारा 36 व 37, संविधान के अनुच्छेद 23 और मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 30 के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

विभागीय कार्रवाई और अवमानना की सिफारिश भी की

कोर्ट ने श्रम आयुक्त, राजस्थान और संबंधित निरीक्षकों को न्यूनतम मजदूरी अधिनियम 1948, वेतन भुगतान अधिनियम 1936 और औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947 के तहत भी कानूनी कार्रवाई शुरू करने को कहा है।

आदेश की प्रतियां राजस्थान के मुख्य सचिव और केंद्र सरकार के कार्मिक एवं लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के सचिव को भी भेजी जाएंगी।

संदीप वर्मा के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने और भारतीय राज्य चिन्ह (अनुचित प्रयोग का निषेध) अधिनियम, 2005 के तहत अभियोजन की मंजूरी पर विचार करने के निर्देश दिए गए हैं।

हाई कोर्ट को भेजा जाएगा रेफरेंस

लेबर कोर्ट ने संदीप वर्मा और पुरुषोत्तम शर्मा दोनों के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्रवाई शुरू करने के लिए राजस्थान हाई कोर्ट को रेफरेंस भेजने का भी आदेश दिया है।

कोर्ट ने टिप्पणी की कि किसी कर्मचारी से तय मजदूरी दिए बिना ओवरटाइम काम कराना संविधान के अनुच्छेद 23 के तहत बेगार और जबरन श्रम के समान है। मामले की पालना रिपोर्ट के लिए अगली सुनवाई 1 सितंबर 2026 को होगी।

ये भी पढ़ें:-

राजस्थान हाई कोर्ट ने लगाई राज्य भूमि नगर निकायों को देने के आदेश पर अंतरिम रोक

पूर्व विधायक बलजीत यादव को राजस्थान हाई कोर्ट से झटका, कोर्ट ने नहीं दी जमानत

आसाराम को राजस्थान हाई कोर्ट से मिली राहत, जेल में उचित चिकित्सा सुविधा के आदेश

राजस्थान हाई कोर्ट का आदेश, यौन अपराधों में फोटो-वीडियो सीलबंद लिफाफे में हों पेश



Tags:
  • राजस्थान हाई कोर्ट
  • लेबर कोर्ट
  • राजस्थान राज्य सड़क परिवहन निगम
  • आरएसआरटीसी
  • IAS संदीप वर्मा
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज

By Sanjay Dhiman

UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब

By VINAY VERMA

अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब
RCA चुनाव में बड़ा उलटफेर, राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह ने छोड़ा मैदान

By Ashish Bhardwaj

RCA चुनाव में बड़ा उलटफेर, राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह ने छोड़ा मैदान
वेदांता ग्रुप को जल्द नया और युवा नेतृत्व मिलेगा: प्रिया अग्रवाल हेब्बर हो सकती हैं उत्तराधिकारी, कौन सी जिम्मेदारी मिलेगी?

By Arohi Raj

वेदांता ग्रुप को जल्द नया और युवा नेतृत्व मिलेगा: प्रिया अग्रवाल हेब्बर हो सकती हैं उत्तराधिकारी, कौन सी जिम्मेदारी मिलेगी?
हाईकोर्ट की फटकार से जागा स्वास्थ्य विभाग: सचिव अमित कटारिया पर लगा जुर्माना, लापरवाही में कांकेर CMHO सस्पेंड

By Umeshwari Baghel

हाईकोर्ट की फटकार से जागा स्वास्थ्य विभाग: सचिव अमित कटारिया पर लगा जुर्माना, लापरवाही में कांकेर CMHO सस्पेंड
बंटी नागर सुसाइड केस: रियल एस्टेट कारोबारी की मौत पर तीन महिलाएं पुलिस के राडार पर

By Sanjay Gupta

बंटी नागर सुसाइड केस: रियल एस्टेट कारोबारी की मौत पर तीन महिलाएं पुलिस के राडार पर