पंचायतों में प्रशासक बने पूर्व सरपंचों को हटाने के आदेश रद्द, राजस्थान हाई कोर्ट ने कहा-जल्द कराओ चुनाव

Amit Baijnath Garg | Aug 18, 2025, 18:49 IST
Share
rajasthan high court
Photograph: (the sootr)

राजस्थान हाई कोर्ट का अहम आदेश, समय पर पंचायत चुनाव नहीं करवाने पर सरकार से जताई गहरी नाराजगी। हाई होर्ट ने राज्य सरकार को जल्द से जल्द चुनाव कराने का आदेश दिया।

राजस्थान हाई कोर्ट ने ग्राम पंचायतों में राज्य सरकार की ओर से प्रशासक के तौर पर लगाए गए पूर्व सरपंचों को हटाने के आदेश को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि किसी भी निर्वाचित प्रतिनिधि को बिना अवसर दिए हटाना लोकतंत्र की जड़ों पर प्रहार है। कोर्ट ने सरकार को जल्द से जल्द पंचायतों के चुनाव करवाने को भी कहा है। इस फैसले के बाद सरकार पर पंचायत चुनाव जल्द कराने का दबाव बढ़ गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने पलटा राजस्थान हाई कोर्ट का फैसला, कहा-पुलिस का काम वसूली करना नहीं

कई प्रशासकों को हटाया

जनवरी, 2025 में पंचायती राज संस्थाओं का पांच साल का कार्यकाल खत्म हो गया था। नई पंचायतों के चुनाव समय पर नहीं हो सके। ऐसे में सरकार ने अस्थायी व्यवस्था के तहत पूर्व सरपंचों को ही प्रशासक बनाकर ग्राम पंचायतों का कामकाज सौंप दिया, लेकिन बाद में भ्रष्टाचार और कदाचार के आरोप लगाते हुए कई प्रशासकों को हटा दिया गया।

राजस्थान हाई कोर्ट लापता बच्चियों के मामले में पुलिस की नाकामी पर सख्त, कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

याचिकाकर्ताओं का कहना था कि सरकार ने बिना सुनवाई और बिना जांच किए ही हटाने का आदेश दिया। वहीं सरकार का तर्क था कि प्रशासकों का पद कोई वैधानिक अधिकार नहीं है, यह केवल अस्थायी व्यवस्था थी, इसलिए उन्हें हटाने में किसी प्रक्रिया की जरूरत नहीं।
राजस्थान हाई कोर्ट ने 1992 अजमेर ब्लैकमेल कांड में चार आरोपियों की उम्रकैद की सजा स्थगित की

कोर्ट ने यह कहा

जस्टिस अनूप कुमार ढंड ने कहा कि धारा 38 (राजस्थान पंचायती राज अधिनियम, 1994) के तहत किसी भी सदस्य या प्रतिनिधि को हटाने से पहले सुनवाई और जांच अनिवार्य है। सिर्फ पोस्ट-डिसीजनल (बाद की औपचारिक सुनवाई) पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूर्व सुनवाई जरूरी है। सरकार ने पूर्व निर्धारित मन बनाकर प्रशासकों को हटाया और बाद में चार्जशीट थमाई, जो कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत के खिलाफ है। कोर्ट ने कहा कि किसी आरोपी को सुनवाई से पहले ही दोषी मान लेना लोकतंत्र और न्याय की मूल आत्मा के विपरीत है।

सुप्रीम कोर्ट ने पलटा राजस्थान हाई कोर्ट का आदेश, पॉक्सो के दोषी की सजा बरकरार

चुनाव नहीं कराने से लोकतंत्र पंगु

अदालत ने कहा है कि अनंतकाल से जनता की आवाज को भगवान की आवाज माना जाता है। ग्राम पंचायतें गांव के स्तर पर मूल प्रशासक के रूप में काम करती हैं। अदालत ने पंचायत चुनावों में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि संविधान के अनुच्छेद 243-ई और अधिनियम की धारा 17 के तहत पंचायतों का चुनाव हर पांच साल में अनिवार्य है।

अधिकतम छह माह के भीतर चुनाव होना चाहिए, लेकिन राजस्थान सरकार ने अब तक चुनाव नहीं कराए, जिससे स्थानीय लोकतंत्र पंगु हो गया है। लगातार टालमटोल से पंचायत स्तर पर शासन और विकास कार्य ठप पड़े हैं। कोर्ट ने मुख्य सचिव, राज्य निर्वाचन आयोग और चुनाव आयोग को आदेश दिया कि पंचायत चुनाव जल्द से जल्द कराए जाएं।

FAQ

  1. Q1: राजस्थान हाई कोर्ट ने पंचायत चुनावों को लेकर क्या आदेश दिया?
    राजस्थान हाई कोर्ट ने पंचायतों में पूर्व सरपंचों को प्रशासक बनाने के आदेश को रद्द करते हुए सरकार को जल्द पंचायत चुनाव कराने का आदेश दिया है।
  2. Q2: क्या राजस्थान सरकार ने पंचायत चुनाव समय पर नहीं कराए?
    हां, राजस्थान सरकार ने संविधान के अनुसार पंचायत चुनाव समय पर नहीं कराए, जिसके कारण स्थानीय लोकतंत्र पंगु हो गया है।
  3. Q3: हाई कोर्ट ने सरकार को पंचायत चुनाव जल्द कराने के लिए कौन से निर्देश दिए?
    हाई कोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग और मुख्य सचिव को आदेश दिए हैं कि पंचायत चुनाव जल्द से जल्द कराए जाएं और देरी की स्थिति में जिम्मेदारी तय की जाए।

thesootr links

दसूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट केसाथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें

अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧

Tags:
  • राजस्थान
  • राजस्थान सरकार
  • राजस्थान हाई कोर्ट
  • पंचायत चुनाव
  • मुख्य सचिव
  • राज्य निर्वाचन आयोग
  • जस्टिस अनूप कुमार ढंड
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज

By Sanjay Dhiman

UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज