सरकार का बड़ा फैसला, यूनिवर्सिटी नियमों में मिली ढील
Ashish Bhardwaj | Jul 25, 2026, 18:47 IST
राजस्थान यूनिवर्सिटी
राजस्थान सरकार ने निजी यूनिवर्सिटी स्थापित करने के लिए भूमि की शर्त 30 एकड़ से घटाकर 20 एकड़ कर दी है। अब दो अलग-अलग भू-खंडों पर भी यूनिवर्सिटी बन सकेगी।
समझें क्या है पूरा मामला
- राजस्थान में निजी यूनिवर्सिटी खोलने के नियम आसान हुए।
- अब 30 नहीं सिर्फ 20 एकड़ जमीन जरूरी होगी।
- दो अलग-अलग भूखंडों पर भी यूनिवर्सिटी बन सकेगी।
- 7 साल बाद नई निजी यूनिवर्सिटी का रास्ता साफ हुआ।
- जयपुर, जोधपुर, कोटा जैसे शहरों को मिलेगा फायदा।
क्यों लिया गया यह फैसला
पिछले 7 सालों से राज्य में एक भी नई प्राइवेट यूनिवर्सिटी न खुलना उच्च शिक्षा क्षेत्र में ठहराव की बड़ी वजह बन रहा था। 30 एकड़ की सख्त शर्त और शहरी इलाकों में इतनी जमीन न मिलने के कारण कई बड़े एजुकेशनल ग्रुप्स राजस्थान में निवेश करने से हिचकिचा रहे थे।
चार बड़े बदलाव
पहला बदलाव भूमि की सीमा से जुड़ा है। पहले नई निजी यूनिवर्सिटी के लिए कम से कम 30 एकड़ जमीन जरूरी थी, जिसे अब घटाकर 20 एकड़ कर दिया गया है।
दूसरा बदलाव खुले क्षेत्र से जुड़ा है। सरकार ने शर्त रखी है कि 20 एकड़ के परिसर में कम से कम 40 प्रतिशत हिस्सा खुले क्षेत्र के रूप में सुरक्षित रखना होगा, ताकि हरित परिसर और खेलकूद जैसी गतिविधियों के लिए जगह बनी रहे।
तीसरा बदलाव कारपेट एरिया और ओपन स्पेस के गणित से जुड़ा है। स्पॉन्सरिंग बॉडी के पास न्यूनतम 25,000 वर्गमीटर का निर्मित भवन और न्यूनतम 25,000 वर्गमीटर का खुला क्षेत्र होना अनिवार्य होगा।
चौथा और अहम बदलाव यह है कि अब यूनिवर्सिटी दो अलग-अलग भू-खंडों पर भी बनाई जा सकेगी। इसके लिए कुछ जरूरी सुरक्षा और दूरी की शर्तें तय की गई हैं।
तत्काल प्रभाव से लागू हुआ आदेश
जयपुर, जोधपुर, कोटा को मिलेगा फायदा
गुणवत्ता पर नहीं पड़ेगा असर
उनका कहना है कि आधुनिक शिक्षा के लिए सिर्फ विशाल जमीन की बजाय आधुनिक लैब्स, लाइब्रेरी, डिजिटल क्लासरूम और योग्य फैकल्टी की ज्यादा जरूरत होती है। उनके अनुसार यह सब 20 एकड़ और 25 हजार वर्गमीटर के परिसर में भी बेहतरीन तरीके से विकसित किया जा सकता है।
FAQ
- निजी यूनिवर्सिटी के लिए अब कितनी जमीन जरूरी है?
पहले 30 एकड़ जमीन जरूरी थी, जिसे अब घटाकर 20 एकड़ कर दिया गया है। इसके साथ 25,000 वर्गमीटर निर्मित भवन और 25,000 वर्गमीटर खुला क्षेत्र भी जरूरी होगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। - क्या यूनिवर्सिटी अब दो अलग-अलग जगह पर भी बन सकती है?
हां, सरकार ने अब दो अलग-अलग भू-खंडों पर भी यूनिवर्सिटी स्थापित करने की छूट दी है। इसके लिए कुछ सुरक्षा और दूरी की शर्तें तय की गई हैं। इससे शहरों के पास बड़ी जमीन न मिलने की समस्या हल होगी।
ये खबर भी पढे़:-
अब पाकिस्तान बहकर नहीं जाएगा पानी, जैसलमेर में बनी लंबी-चौड़ी कृत्रिम झील
चपरासी भर्ती में जीरो नंबर वालों को हाई कोर्ट से राहत, 6 हफ्ते में मांगा जवाब
पहले धर्म परिवर्तन कराया, फिर सीलिंग से बचाया, अब कर दिया एससी की जमीन का सौदा
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava