राजस्थान कांग्रेस में क्यों नहीं हो पा रही ओवरहॉलिंग, न तो आन्दोलन और न ही कोई संदेश
Santosh Kumar pandey | Jul 09, 2025, 16:05 IST
Photograph: (The Sootr)
राजस्थान कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की प्रतीक्षा जारी है। मुख्य विपक्षी दल होने के बावजूद पार्टी की ओर से कोई बड़ा आंदोलन या बदलाव नहीं हो पा रहा है।
राजस्थान कांग्रेस (Rajasthan Congress) में इन दिनों नेतृत्व परिवर्तन और बड़े बदलावों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। पार्टी विपक्ष में होते हुए भी जनता से जुड़े मुद्दों पर कोई बड़ा आंदोलन या संदेश देने में नाकाम रही है। इसके साथ ही, पार्टी में होने वाले बदलावों को लेकर निरंतर इंतजार किया जा रहा है। राजस्थान (Rajasthan) कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा (Govind singh Dotasara) का पांच साल का कार्यकाल इस महीने पूरा हो जाएगा। जब डोटासरा को अध्यक्ष बनाया गया था, तब राज्य में कांग्रेस की सरकार थी। हालांकि, सरकार जाने के बाद भी डोटासरा का पद स्थिर बना रहा। 2023 के विधानसभा चुनाव के बाद कांग्रेस में बड़े बदलाव की बात की जा रही थी, लेकिन लोकसभा चुनाव के समय डोटासरा को ही अध्यक्ष बनाए रखा गया। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को बेहतर परिणाम मिले, लेकिन पार्टी की टीम में कोई बदलाव नहीं हुआ। अब इस स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं।
यह खबर भी देखें... कन्हैयालाल हत्याकांड : सुप्रीम कोर्ट की उदयपुर फाइल्स की रिलीज पर रोक से मनाही
हालांकि, कुछ नेताओं के पदों में बदलाव किए गए हैं, जैसे यूथ कांग्रेस, महिला कांग्रेस और एनएसयूआई के अध्यक्षों को बदला गया है, लेकिन गोविंद सिंह डोटासरा अपनी जगह पर बने हुए हैं। सूत्रों का कहना है कि पार्टी में बड़ा बदलाव करने की योजना है, लेकिन यह अभी तक संभव नहीं हो पाया है। नई पीसीसी अध्यक्ष की नियुक्ति का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद पार्टी में ओवरहालिंग की उम्मीद की जा रही है।
पिछले कुछ महीनों से राजस्थान कांग्रेस सिर्फ सामान्य कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है। बड़े मुद्दों पर प्रदेशभर में कोई आंदोलन या प्रदर्शन नहीं हुआ है। पार्टी के अंदर एक धड़ा चाहता है कि कोई बड़ा आंदोलन किया जाए, लेकिन यह नहीं हो पा रहा है। छोटे-छोटे आंदोलनों और धरनों का आयोजन कुछ जिलों में हुआ है, लेकिन इनका प्रभाव सीमित रहा है। पार्टी के अंदर कुछ निष्क्रिय नेताओं को बदलने की आवश्यकता महसूस की जा रही है, लेकिन इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
राजस्थान में यूथ कांग्रेस, महिला कांग्रेस, एनएसयूआई और सेवादल की स्थिति कमजोर दिखाई दे रही है। इन संगठनों के अध्यक्ष लगातार कुछ करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उनके प्रयासों का कोई बड़ा असर नहीं दिखाई दे रहा है। महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सारिका सिंह ने एक बार संघर्ष दिखाया था, लेकिन अब महिला कांग्रेस का कोई प्रभावी काम नहीं दिखाई दे रहा है। सेवा दल की ओर से भी कोई महत्वपूर्ण कार्य नहीं दिखाया जा रहा है।
यह खबर भी देखें... गर्लफ्रेंड के लिए सेना का जवान बना गद्दार,गंदे काम के लिए हर बार लेता था 3 लाख
राजस्थान कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और नेताओं की निगाहें अब नए प्रदेश अध्यक्ष पर टिकी हुई हैं। चूंकि, पार्टी निकाय चुनाव में गोविंद सिंह डोटासरा के नेतृत्व में नहीं उतरना चाहती है, कुछ नेताओं का मानना है कि डोटासरा के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ा जाए। अब इस पर फैसला दिल्ली से लिया जाना है, और प्रदेश स्तर पर कोई भी नेता इस पर कोई बयान नहीं दे पा रहा है।
यह खबर भी देखें... चातुर्मास में कौन जैन मुनि आज से कहां विराजमान हैं, जानिए प्रमुख संतों का कार्यक्रम
राजस्थान कांग्रेस में पहले केवल दो गुट थे, लेकिन अब कई छोटे-छोटे गुट बन चुके हैं। इसका असर पार्टी की रणनीतियों पर भी पड़ा है, खासकर विधानसभा उपचुनावों में यह स्थिति स्पष्ट तौर पर देखने को मिली। गुटबाजी की वजह से पार्टी को कई मोर्चों पर नुकसान उठाना पड़ा है, और इसके कारण एकजुटता की कमी भी महसूस हो रही है।
🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧
यह खबर भी देखें... कन्हैयालाल हत्याकांड : सुप्रीम कोर्ट की उदयपुर फाइल्स की रिलीज पर रोक से मनाही
कुछ बदलाव, लेकिन डोटासरा बने रहे
बड़ा आंदोलन या प्रदर्शन नहीं
कमजोर संगठनात्मक स्थिति
यह खबर भी देखें... गर्लफ्रेंड के लिए सेना का जवान बना गद्दार,गंदे काम के लिए हर बार लेता था 3 लाख
नए अध्यक्ष की उम्मीद
यह खबर भी देखें... चातुर्मास में कौन जैन मुनि आज से कहां विराजमान हैं, जानिए प्रमुख संतों का कार्यक्रम
गुटबाजी का असर
FAQ
- 1. राजस्थान कांग्रेस में बदलाव क्यों नहीं हो पा रहे हैं?
राजस्थान कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन और बड़े बदलावों को लेकर लगातार इंतजार किया जा रहा है। पार्टी में नए पीसीसी अध्यक्ष की नियुक्ति का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन अभी तक कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया है। - 2. गोविंद सिंह डोटासरा का कार्यकाल कब पूरा हो रहा है?
गोविंद सिंह डोटासरा का पांच साल का कार्यकाल इस महीने समाप्त हो रहा है, लेकिन अभी तक उनके स्थान पर किसी नए अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं की गई है। - 3. राजस्थान कांग्रेस में गुटबाजी का क्या असर पड़ा है?
राजस्थान कांग्रेस में गुटबाजी का असर पार्टी की एकजुटता पर पड़ा है। इससे पार्टी की रणनीतियों और चुनावों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है, जैसा कि विधानसभा उपचुनावों में देखा गया था।
🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧
thesootr links
- मध्यप्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
- जॉब्स और एजुकेशन की खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
- निशुल्क वैवाहिक विज्ञापन और क्लासिफाइड देखने के लिए क्लिक करें
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman