IPR नहीं भरी तो राजस्थान में रुकी 2.80 लाख कर्मचारियों की वेतन वृद्धि, पेंशनर्स भी परेशान, जानें पूरा मामला
Nitin Kumar Bhal | Aug 30, 2025, 16:15 IST
Photograph: (The Sootr)
राजस्थान सरकार ने कर्मचारियों को व्यक्तिगत संपत्ति रिपोर्ट (IPR) जमा करने का आदेश दिया था, 2.8 लाख कर्मचारियों की वार्षिक वेतन वृद्धि रोक दी गई। The Sootr में जानें पूरा मामला।
राजस्थान सरकार ने 2.80 लाख सरकारी कर्मचारियों की वेतन वृद्धि रोक दी है। वहीं, लगभग 3,000 पेंशनर्स की पेंशन भी निलंबित कर दी गई है। इसे लेकर राजस्थान के कर्मचारियों और पेंशनर्स में आक्रोश और चिंता है। दरअसल, राजस्थान सरकार ने सभी सरकारी कर्मचारियों से अचल संपत्ति रिटर्न (IPR) जमा करने का आदेश दिया था।
तकनीकी समस्याओं के कारण कर्मचारियों को ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी रिपोर्ट दाखिल करने में समस्याओं का सामना करना पड़ा। ऐसे में बड़ी संख्या में कर्मचारी और पेंशनर्स अपनी IPR अपलोड करने से रह गए। इस पर सरकार ने इन कर्मचारियों की वार्षिक वेतन वृद्धि रोक दी और पेंशन भी निलंबित कर दी। The Sootr में जानें पूरा मामला।
यह खबर भी देखें...
सोशल मीडिया पर युवती बोली- राजस्थान में महिलाएं ससुर-देवर से भी बनाती हैं संबंध, जानें दावे की पूरी सच्चाई
IPR पोर्टल का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों की संपत्ति की जानकारी सरकार के पास जमा करना था। यह एक पारदर्शी प्रक्रिया है, जिसके तहत कर्मचारियों को अपनी संपत्ति का विवरण ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना होता है। यह कदम कर्मचारियों की संपत्तियों की निगरानी और भ्रष्टाचार को रोकने के लिए उठाया गया था। लेकिन पोर्टल की तकनीकी समस्याओं के कारण लाखों कर्मचारियों ने इस प्रक्रिया को पूरा नहीं किया।
महावीर प्रसाद शर्मा
राजस्थान सरकार ने जुलाई तक अपनी अचल संपत्ति रिटर्न (IPR) जमा करने में असफल रहने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई की। राज्य सरकार के अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया कि जो कर्मचारी अपनी रिपोर्ट नहीं जमा करेंगे, उनकी वार्षिक वेतन वृद्धि रोक दी जाएगी। इसके साथ ही, पेंशनर्स के लिए भी यह निर्णय लिया गया कि जिन लोगों ने अपनी रिपोर्ट दाखिल नहीं की, उनकी पेंशन भी रोक दी जाएगी।
इस निर्णय के बाद राज्यभर में हलचल मच गई, और कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि सरकार से यह अनुरोध करने के लिए सक्रिय हो गए कि IPR पोर्टल को फिर से खोला जाए ताकि कर्मचारी अपनी रिपोर्ट अपलोड कर सकें।
यह खबर भी देखें...
मीणा-बेनीवाल जुबानी जंग के बाद पसीजे दिल, किरोड़ी ने मांगी माफी, हनुमान बोले-किरोड़ी मेरे बड़े भाई
अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के अध्यक्ष महावीर प्रसाद शर्मा ने मुख्य सचिव और डीओपी सचिव से मुलाकात की और एक ज्ञापन सौंपते हुए IPR पोर्टल को फिर से खोलने की मांग की। उनका कहना था कि राजकाज पोर्टल का सही ढंग से काम न करना, तकनीकी समस्याएं और धीमी गति से काम करने के कारण लाखों कर्मचारी अपनी संपत्ति की रिपोर्ट ऑनलाइन नहीं भर पाए, जिसके कारण वे वार्षिक वेतन वृद्धि से वंचित हो गए।
शर्मा ने सरकार से यह भी अनुरोध किया कि राज्य कर्मचारियों को ऑनलाइन IPR भरने की अनुमति दी जाए, जैसा कि IAS अधिकारियों को दी गई है। उनका कहना था कि अगर IAS अधिकारियों के पास इस प्रक्रिया को पूरा करने की सुविधा है, तो राज्य सरकार के कर्मचारियों को इससे क्यों वंचित किया जाए?
यह खबर भी देखें...
वाह रे शिक्षा विभाग, राजस्थान में शिक्षक दंपति से वसूले जाएंगे 8.48 करोड़, 25 साल से स्कूल ही नहीं गए
राजस्थान राज्य के कर्मचारियों को व्यक्तिगत संपत्ति रिपोर्ट जमा करने के लिए जिस पोर्टल का इस्तेमाल करना था, वह पोर्टल कुछ समय तक ठीक से काम नहीं कर रहा था। इसके कारण, लाखों कर्मचारियों को ऑनलाइन IPR भरने में समस्याएं आईं, जिससे वे तय समय सीमा में अपनी रिपोर्ट नहीं जमा कर पाए।
कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों ने इसे लेकर सरकार से सवाल उठाए और पोर्टल में सुधार की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि यदि पोर्टल में सुधार नहीं किया गया तो लाखों कर्मचारी अपनी रिपोर्ट जमा करने में सक्षम नहीं होंगे, और उनका वेतन वृद्धि और पेंशन प्रभावित होगी।
यह खबर भी देखें...
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ राजस्थान विधानसभा से भी लेंगे पेंशन, जानिए धनखड़ को कितनी मिलेगी पेंशन
सरकार द्वारा कर्मचारियों की वार्षिक वेतन वृद्धि को रोकने का निर्णय निश्चित रूप से कर्मचारियों के लिए एक बड़ा झटका था। वार्षिक वेतन वृद्धि सरकारी कर्मचारियों का अधिकार है, और यदि राजस्थान में कर्मचारियों की वेतन वृद्धि रोकी जाती है तो यह उसकी आर्थिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।
राजस्थान सरकार ने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि यह कदम सरकारी कर्मचारियों के संपत्ति विवरण को पारदर्शी और सत्यापित करने के उद्देश्य से था। इसके बावजूद, कर्मचारियों को अपने अधिकारों से वंचित होने की स्थिति का सामना करना पड़ा, जिससे उनमें असंतोष और चिंता का माहौल बन गया।
इसके साथ ही पेंशनर्स के लिए भी यह आदेश जारी किया गया कि यदि वे अपनी संपत्ति रिपोर्ट नहीं जमा करते हैं तो उनकी पेंशन को भी रोक लिया जाएगा। इस कदम से पेंशनर्स में भी चिंता की लकीरें उभरने लगीं, क्योंकि यह उनका जीवनयापन का मुख्य स्रोत होता है।
कर्मचारी संघ ने इस आदेश के खिलाफ विरोध जताया और सरकार से यह आग्रह किया कि पेंशनर्स को इस प्रक्रिया से बाहर रखा जाए, क्योंकि वे पहले से ही रिटायर हो चुके हैं और उनकी आर्थिक स्थिति पर इसका गंभीर असर पड़ सकता है।
राज्य सरकार को राजस्थान में कर्मचारियों की आईपीआर मामले में अपनी तकनीकी व्यवस्था में सुधार करना होगा। पोर्टल की कार्यप्रणाली को प्रभावी बनाने के लिए अधिक संसाधन और सुधार की आवश्यकता है। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी कर्मचारियों को एक समान अवसर मिले, जिससे वे अपनी रिपोर्ट समय पर और सही तरीके से जमा कर सकें।
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬
👩👦👨👩👧👧
तकनीकी समस्याओं के कारण कर्मचारियों को ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी रिपोर्ट दाखिल करने में समस्याओं का सामना करना पड़ा। ऐसे में बड़ी संख्या में कर्मचारी और पेंशनर्स अपनी IPR अपलोड करने से रह गए। इस पर सरकार ने इन कर्मचारियों की वार्षिक वेतन वृद्धि रोक दी और पेंशन भी निलंबित कर दी। The Sootr में जानें पूरा मामला।
यह खबर भी देखें...
सोशल मीडिया पर युवती बोली- राजस्थान में महिलाएं ससुर-देवर से भी बनाती हैं संबंध, जानें दावे की पूरी सच्चाई
IPR पोर्टल का उद्देश्य क्या था?
महावीर प्रसाद शर्मा
IPR पोर्टल को फिर से खोला जाए
इस निर्णय के बाद राज्यभर में हलचल मच गई, और कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि सरकार से यह अनुरोध करने के लिए सक्रिय हो गए कि IPR पोर्टल को फिर से खोला जाए ताकि कर्मचारी अपनी रिपोर्ट अपलोड कर सकें।
राजस्थान में कर्मचारियों की IPR क्या है?
| |
यह खबर भी देखें...
मीणा-बेनीवाल जुबानी जंग के बाद पसीजे दिल, किरोड़ी ने मांगी माफी, हनुमान बोले-किरोड़ी मेरे बड़े भाई
कर्मचारी संघ ने मुख्य सचिव और डीओपी सचिव को सौंपा ज्ञापन
शर्मा ने सरकार से यह भी अनुरोध किया कि राज्य कर्मचारियों को ऑनलाइन IPR भरने की अनुमति दी जाए, जैसा कि IAS अधिकारियों को दी गई है। उनका कहना था कि अगर IAS अधिकारियों के पास इस प्रक्रिया को पूरा करने की सुविधा है, तो राज्य सरकार के कर्मचारियों को इससे क्यों वंचित किया जाए?
यह खबर भी देखें...
वाह रे शिक्षा विभाग, राजस्थान में शिक्षक दंपति से वसूले जाएंगे 8.48 करोड़, 25 साल से स्कूल ही नहीं गए
राजकाज पोर्टल में तकनीकी समस्याएं
rajasthan-employee-ipr-portal-issue-annual-increment
कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों ने इसे लेकर सरकार से सवाल उठाए और पोर्टल में सुधार की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि यदि पोर्टल में सुधार नहीं किया गया तो लाखों कर्मचारी अपनी रिपोर्ट जमा करने में सक्षम नहीं होंगे, और उनका वेतन वृद्धि और पेंशन प्रभावित होगी।
यह खबर भी देखें...
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ राजस्थान विधानसभा से भी लेंगे पेंशन, जानिए धनखड़ को कितनी मिलेगी पेंशन
वेतन वृद्धि पर रोक: कर्मचारियों के लिए एक बड़ा झटका
राजस्थान सरकार ने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि यह कदम सरकारी कर्मचारियों के संपत्ति विवरण को पारदर्शी और सत्यापित करने के उद्देश्य से था। इसके बावजूद, कर्मचारियों को अपने अधिकारों से वंचित होने की स्थिति का सामना करना पड़ा, जिससे उनमें असंतोष और चिंता का माहौल बन गया।
पेंशन पर भी पड़ा असर
कर्मचारी संघ ने इस आदेश के खिलाफ विरोध जताया और सरकार से यह आग्रह किया कि पेंशनर्स को इस प्रक्रिया से बाहर रखा जाए, क्योंकि वे पहले से ही रिटायर हो चुके हैं और उनकी आर्थिक स्थिति पर इसका गंभीर असर पड़ सकता है।
राजकाज पोर्टल को बनाया जाए सक्षम
FAQ
- 1. राजस्थान में कर्मचारियों की वेतन वृद्धि क्यों रोकी गई?
राजस्थान सरकार ने जुलाई तक व्यक्तिगत संपत्ति रिपोर्ट (IPR) जमा नहीं करने वाले कर्मचारियों की वेतन वृद्धि रोक दी। यह कदम सरकारी कर्मचारियों की संपत्ति की जानकारी इकट्ठा करने के लिए उठाया गया था। - 2. राजस्थान के कर्मचारी IPR रिपोर्ट जमा करने में क्यों विफल रहे?
कर्मचारियों को IPR रिपोर्ट जमा करने में समस्याएं आईं क्योंकि राजकाज पोर्टल तकनीकी कारणों से सही ढंग से काम नहीं कर रहा था। - 3. क्या राजस्थान में पेंशनर्स की पेंशन भी रोकी गई?
हां, पेंशनर्स की पेंशन भी रोक दी गई थी, अगर उन्होंने अपनी संपत्ति रिपोर्ट नहीं जमा की थी। - 4. अखिल राजस्थान राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ ने इस फैसले के खिलाफ क्या कदम उठाए?
अखिल राजस्थान राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ ने सरकार से IPR पोर्टल को फिर से खोलने का आग्रह किया ताकि कर्मचारी अपनी रिपोर्ट जमा कर सकें और वेतन वृद्धि का लाभ उठा सकें। - 5. राजस्थान में IPR पोर्टल में सुधार के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
राज्य सरकार ने पोर्टल में सुधार की योजना बनाई है ताकि कर्मचारियों को रिपोर्ट जमा करने में कोई समस्या न हो और प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी हो।
thesootr links
- मध्यप्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
- जॉब्स और एजुकेशन की खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
- निशुल्क वैवाहिक विज्ञापन और क्लासिफाइड देखने के लिए क्लिक करें
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬
👩👦👨👩👧👧
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA