हाई कोर्ट ने रोडवेज आदेश को बताया बौद्धिक शून्यता का उदाहरण, अधिकारी को ट्रेनिंग लेने के दिए आदेश
Mukesh Sharma | Apr 01, 2026, 14:53 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान हाई कोर्ट ने रोडवेज की कार्यकारी निदेशक डॉ. ज्योति चौहान के आदेश को "बौद्धिक शून्यता" का उदाहरण बताया। कोर्ट ने उनके द्वारा मानव संसाधन संबंधी कार्यों पर रोक लगाते हुए प्रमुख सचिव को उन्हें कानूनी प्रक्रिया का प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए हैं।
News In Short
- राजस्थान हाई कोर्ट की टिप्पणी, स्बौद्धिक शून्यता से ग्रस्त है रोडवेज।
- निदेशक की कार्यशैली पर सवाल, कहा-पहले कानून सीखें, फिर करें फैसला।
- रोडवेज में मानव संसाधन प्रबंधन का काम करने पर लगाई रोक।
- कोर्ट ने अधिकारी की कानून व प्रक्रिया की ट्रेनिंग करवाने के दिए निर्देश।
- कोर्ट की तल्ख टिप्पणी से राजस्थान रोडवेज निगम में हलचल मची।
News In Detail
निलंबन को दी थी चुनौती
सिर्फ सही है कहकर खारिज किया रिप्रेजेंटेशन
रोडवेज में बौद्धिक शून्यता का नमूना है यह
फिर से करो तय
और इनकी करवाओ ट्रेनिंग
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