विवादित जमीन पर गैर-मुमकिन कब्रिस्तान घोषित करने का दावा निरस्त, मुस्लिम वक्फ कमेटी की अपील खारिज
Amit Baijnath Garg | Nov 04, 2025, 10:53 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान हाई कोर्ट ने सवाई माधोपुर के ग्राम आलनपुर पंचायत स्थित एक जमीन को गैर-मुमकिन कब्रिस्तान मानने से इनकार करते हुए कहा कि विवादित जमीन कभी भी वक्फ की संपत्ति नहीं थी। इस संबंध में कोई अधिसूचना भी जारी नहीं हुई।
Jaipur. राजस्थान हाई कोर्ट ने सवाई माधोपुर के ग्राम आलनपुर पंचायत स्थित एक जमीन को गैर-मुमकिन कब्रिस्तान मानने से इनकार करते हुए अधीनस्थ अदालत के आदेश में दखल देने से मना कर दिया है। जस्टिस सुदेश बंसल ने यह आदेश सवाई माधोपुर मुस्लिम वक्फ कमेटी की नौ अपीलों खारिज करते हुए दिया।
एसआई भर्ती 2025 : राजस्थान हाई कोर्ट की लताड़, भर्ती परीक्षा मामलों में विश्वसनीयता खो चुकी सरकार
कोर्ट ने आदेश में कहा है कि रिकॉर्ड से ही साफ है कि विवादित जमीन कभी भी वक्फ की संपत्ति नहीं थी और इस संबंध में 1965 कोई अधिसूचना भी जारी नहीं हुई। वक्फ कमेटी भूमि पर अपने स्वामित्व या कब्जे का कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सकी है और ना ही एडीजे सवाई माधोपुर के आदेश में कोई कानूनी गलती है।
राजस्थान हाई कोर्ट की जयपुर बेंच में धमकी भरे मेल से मचा हड़कंप, बम होने की धमकी दी, कोर्ट में सुनवाई रुकी
अदालत ने कहा है कि केवल राजस्व अभिलेखों में दर्ज प्रविष्टि या बिना सटीक सीमांकन के अधिसूचना के आधार पर किसी जमीन को वक्फ संपत्ति घोषित नहीं किया जा सकता। जब जमीन को वैध रूप से ग्राम पंचायत या नगर निकाय ने आबादी उपयोग में बदलकर आवंटित कर दिया हो, तो उसका स्वामित्व निजी व्यक्तियों के पक्ष में वैध माना जाएगा।
राजस्थान हाई कोर्ट : ससुर को हर महीने बहू देगी 20 हजार रुपए, सैलरी से कटकर बैंक खाते में जाएगी रकम
राजस्थान हाई कोर्ट ने दिए जयपुर के चारदीवारी क्षेत्र में 19 अवैध बिल्डिंगों को सीज करने के आदेश
कई साल बाद अचानक मुस्लिम वक्फ कमेटी ने जमीन को गैर-मुमकिन कब्रिस्तान की वक्फ संपत्ति बताया और इसके लिए 23 सितंबर, 1965 की अधिसूचना भी पेश की। कमेटी ने जमीन पर मस्जिद, प्याऊ और एक मजार होने का भी दावा किया। वक्फ कमेटी के इस दावे को आवंटियों ने अदालत में चुनौती दी और स्थायी निषेधाज्ञा जारी करने की गुहार करते हुए अपनी जमीन पर वक्फ कमेटी के करवाए गए कच्चे-पक्के निर्माण को हटाने के आदेश देने की गुहार की थी।
राजस्थान हाई कोर्ट की फटकार : अधिकारी कोर्ट के आदेश को कितने समय तक दबाकर रख सकते हैं?
सवाई माधोपुर की एडीजे कोर्ट ने अधीनस्थ अदालत के वक्फ कमेटी के पक्ष में दिए फैसले को पलटते हुए आवंटियों के पास जमीन का कानूनी तौर पर जारी पट्टा होने तथा कब्जा साबित होने के आधार पर वक्फ कमेटी के दावे को खारिज कर दिया था।
सभी नौ
इस आदेश को कमेटी ने हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। सभी पक्षों की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने कहा है कि प्रथम अपीलीय कोर्ट ने ही वादियों को आवंटित प्लॉट्स का कानूनी मालिक व कब्जाधारी मान लिया था। अदालत ने सभी नौ अपीलों को खारिज करते हुए एडीजे कोर्ट के फैसले को यथावत रखा है।
एसआई भर्ती 2025 : राजस्थान हाई कोर्ट की लताड़, भर्ती परीक्षा मामलों में विश्वसनीयता खो चुकी सरकार
रिकॉर्ड से सब कुछ साफ
राजस्थान हाई कोर्ट की जयपुर बेंच में धमकी भरे मेल से मचा हड़कंप, बम होने की धमकी दी, कोर्ट में सुनवाई रुकी
ऐसे ही घोषित नहीं कर सकते
राजस्थान हाई कोर्ट : ससुर को हर महीने बहू देगी 20 हजार रुपए, सैलरी से कटकर बैंक खाते में जाएगी रकम
यह है मामला सवाई माधोपुर के ग्राम पंचायत आलनपुर स्थित खसरा नंबर 1508 की जमीन को 1963 में ग्राम पंचायत ने भू-उपयोग आबादी कर दिया था और नीलामी के जरिए विभिन्न व्यक्तियों को बेचकर पट्टे दे दिए थे। 20 मार्च, 1963 को कलेक्टर ने भी ग्राम पंचायत को 31 बीघा 4 बिस्वा भूमि आबादी प्रयोजन के लिए उपयोग की अनुमति दी थी। 1965 में कई व्यक्तियों को पंजीकृत पट्टे देकर रजिस्ट्री भी करवाकर जमीन का कब्जा भी दे दिया था।
अदालत में दी चुनौती
राजस्थान हाई कोर्ट की फटकार : अधिकारी कोर्ट के आदेश को कितने समय तक दबाकर रख सकते हैं?
एडीजे कोर्ट में कमेटी का दावा खारिज
सभी नौ अपील खारिज
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari