सरिस्का के पास डंपर से चार युवकों की मौत, अवैध खनन बना मौत की वजह

Nitin Kumar Bhal | Sept 24, 2025, 13:54 IST
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Photograph: (TheSootr)

राजस्थान के सरिस्का टाइगर रिजर्व के पास अवैध खनन से जुड़े डंपर की दुर्घटना में चार युवकों की मौत हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन और पुलिस की मिलीभगत से अवैध खनन बंद नहीं हो रहा है।

राजस्थान के अलवर जिले में सरिस्का टाइगर रिजर्व के आसपास खनन को लेकर दौड़ रहे डंपर लोगों की मौत का सबब बने हुए हैं। अलवर जिले में प्रतापगढ़ थाना क्षेत्र के कबराला की ढाणी के पास एक डंपर ने बाइक पर सवार चार लोगों की जान ले ली। घटना के बाद ग्रामीणों ने रास्ता जाम कर दिया। उनका आरोप है कि पुलिस और प्रशासन की मिलीभगत से इन डंपरों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। यह क्षेत्र सरिस्का टाइगर रिजर्व के नजदीक है, जहां अवैध खनन धड़ल्ले से हो रहा है। इन खानों से निकलने वाले पत्थरों को डंपरों से ले जाया जाता है। फिलहाल मौके पर हालात तनावपूर्ण है। बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है। ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है।

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जयपुर जा रहे थे सभी

डंपर प्रतापगढ़ से झिरी की तरफ जा रहा था। बाइक सवार झिरी की ओर से प्रतापगढ़ की ओर आ रहे थे। बाइक सवार चारों लोग थानागाजी के मेजोड़ गांव के रहने वाले थे। यह गांव घटना स्थल से 20 किलोमीटर दूर है। मृतकों में बाबूलाल (40), मोनू (5), अशोक (22) और नरसी (25) शामिल हैं। बाबूलाल, मोनू और अशोक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि नरसी ने जयपुर ले जाते समय दम तोड़ दिया। बाबूलाल, मोनू के ताऊ थे। ये लोग मोनू को उसके बड़े भाई से मिलवाने जा रहे थे। मोनू का बड़ा भाई जयपुर के जमवारामगढ़ के निकट दंताला स्कूल के हॉस्टल में रहता है।

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सरिस्का क्या है?

  • स्थान: सरिस्का राजस्थान के अलवर जिले में स्थित है, जो जयपुर से लगभग 107 किलोमीटर दूर है।
  • पशु-जीवन: यहाँ रॉयल बंगाल टाइगर्स, तेंदुए, काकड़, जंगली सूअर, हिरण और विभिन्न पक्षी प्रजातियाँ पाई जाती हैं।
  • स्थापना: पहले इसे एक वन्यजीव अभयारण्य के रूप में स्थापित किया गया था, और बाद में 1979 (या 1990) में इसे राष्ट्रीय उद्यान का दर्जा मिला।
  • वनस्पति: अरावली की पहाड़ियों में सूखा जंगल है, जहाँ बबूल, बड़ और अर्जुन जैसे पेड़ों की प्रजातियाँ मिलती हैं।
  • पर्यटन: यह एक प्रसिद्ध पर्यटक स्थल है, जहाँ लोग वन्यजीवों को देखने के लिए सफारी करते हैं।
  • सर्वोत्तम समय: अक्टूबर से मार्च तक का समय यहाँ यात्रा के लिए सबसे अच्छा माना जाता है, क्योंकि इस दौरान जंगल हरा-भरा और बहुत सुंदर होता है।
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डंपरों ने छीना लोगों का चैन

अलवर सड़क दुर्घटना के बाद मेजोड़ गांव में कोहराम मच गया। परिजन प्रतापगढ़ अस्पताल पहुंचे। इस बीच, आसपास के ग्रामीणों ने जाम लगा दिया। उनकी मांग है कि डंपरों के खिलाफ एक्शन हो और मृतकों के परिजनों को मुआवजा दिया जाए।

ग्रामीणों का आरोप है कि खनन कार्य बंद होने के बाबजूद ये डंपर अवैध खनन से जुड़े हुए है। इन डंपरों से न केवल सड़कें खराब हो रही है, वहीं इनसे दुर्घटनाएं भी बढ़ रही हैं। सरिस्का टाइगर रिजर्व के कारण आसपास के क्षेत्रों में खनन कार्य बंद है। लेकिन, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध खनन थम नहीं रहा है। लोगों का आरोप है कि अवैध खनन के वाहनों के कारण राजस्थान में सड़क दुर्घटनाएंथमने का नाम नहीं ले रही हैं।

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FAQ

  1. 1. सरिस्का में अवैध खनन क्यों हो रहा है?
    सरिस्का में अवैध खनन पुलिस और प्रशासन की मिलीभगत के कारण जारी है। इसके चलते खनन कार्य में शामिल डंपर लगातार अवैध तरीके से खनन सामग्री का परिवहन कर रहे हैं।
  2. 2. सरिस्का में डंपर दुर्घटना का कारण क्या है?
    डंपर द्वारा किए गए अवैध खनन कार्य और खराब सड़कों के कारण यह दुर्घटना हुई। डंपर का चलना खतरनाक साबित हो रहा है और इसके कारण कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।
  3. 3. अलवर में ग्रामीणों ने किस कारण से विरोध किया?
    ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध खनन पर प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है, जिसके कारण ये डंपर सड़कों पर दौड़ते हैं और हादसों का कारण बनते हैं।
  4. 4. सरिस्का के पास दुर्घटना के बाद प्रशासन को क्या कदम उठाने चाहिए?
    प्रशासन को अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए और खनन कार्यों को सही तरीके से नियंत्रित करना चाहिए। इसके साथ ही, डंपरों को प्रतिबंधित करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।


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