दिल्ली दरबार में तीन मंत्रियों की हाजिरी, क्या जल्द होने वाला है फेरबदल?
Mukesh Sharma | Jul 04, 2026, 17:32 IST
किरोड़ी लाल मीणा और अमित शाह
राजस्थान के तीन मंत्रियों की दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। इन मुलाकातों को मंत्रिमंडल के संभावित फेरबदल से जोड़कर देखा जा रहा है।
समझें क्या है पूरा मामला
- किरोड़ीलाल, खींवसर और दिलावर ने दिल्ली में अमित शाह से की मुलाकात।
- तीनों ही मंत्री अपने कामकाज और बयानों को लेकर चल रहे विवादों में।
- इन मंत्रियों की शाह से मुलाकात के बाद राजस्थान में सियासी हलचल तेज।
- इन मुलाकातों को संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल से जोड़कर देखा जा रहा है।
अचानक हुई इन मुलाकातों के बाद प्रदेश में सियासी हलचल तेज हो गई है। हालांकि, तीनों मंत्रियों के करीबियों ने दावा किया कि उनके पहले से ही दिल्ली में कार्यक्रम तय थे।
जानकारों का कहना है कि केंद्रीय नेतृत्व राजस्थान में संभावित मंत्रिमंडल फेरबदल के तहत फीडबैक ले रहा है। रोचक बात यह है कि जो तीन मंत्री दिल्ली में शाह से मिले हैं, वे अभी विवादों में चल रहे हैं।
शाह से जिन तीन मंत्रियों ने मुलाकात की, उनमें चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीणा हैं। तीनों मंत्री अलग-अलग समय शाह से मिले।
बताया जा रहा है कि शाह ने तीनों मंत्रियों से उनकी परफार्मेंस की जानकारी ली है। उन्हे कामकाज में सुधार और अनवाश्यक बयानों से बचने की हिदायतें भी दी हैं।
सरकार में महसूस किया जा रहा फेरबदल
सूत्रों के अनुसार कुछ मंत्रियों के कामकाज को लेकर अच्छा फीडबैक नहीं आ रहा है। लगातार विवादों में रहने के कारण सरकार और भाजपा की छवि पर असर पड़ रहा है।
माना जा रहा है कि पीएम मोदी के चार जुलाई के राजस्थान दौरे के ठीक बाद मंत्रिमंडल फेरबदल और राजनीतिक नियुक्तियां संभावित हैं।
हालांकि, भाजपा के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि राजस्थान से पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल संभव है। इसके बाद राज्यों की बारी आ सकती है।
गजेंद्र सिंह खींवसर और अमित शाह
तीनों ही मंत्री चल रहे विवादों में
पिछले दिनों मंत्री किरोड़ीलाल इस मामले में स्पष्टीकरण मांगने एसीबी मुख्यालय पहुंच गए थे। बताया जाता है कि पार्टी ने इस मामले को गंंभीरता से लिया।
इसी तरह चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर भी अस्पतालों में प्रसूताओं की मौत के बाद से विवाद में चल रहे हैं। प्रदेश में पहले कोटा, फिर बीकानेर और जोधपुर में चिकित्सा लापरवाही का मामला सामने आया।
खींवसर पर आरोप हैं कि उन्होंने इन मामलों को सही तरीके हैंडल नहीं किया। उनके विवादित बयानों से भी सरकार और पार्टी की किरकिरी हुई।
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के विवादित बयानों से जनता के बीच सही संदेश नहीं गया है। उन पर विपक्ष लगातार हमलावर रहा है।
जानकारों का कहना है कि इस बात की पूरी संभावना है कि केंद्रीय नेतृत्व ने तीनों को संयमित रहने और परफारर्मेंस पर फोकस करने की हिदायत दी हो।
तीनों मंत्रियों ने दिल्ली में रहने की यह बताई वजह
दिलावर ने बताया कि उन्होंने अपने मंत्रालय की राष्ट्रीय कार्यशाला में हिस्सा लिया। इससे पहले चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर दिल्ली पहुंचे। उन्होंने सोशल मीडिया पर शाह के साथ मुलाकात की फोटो शेयर की।
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