पधारो म्हारे देस : पावणे आवारा कुत्तों से बचने का इंतजाम करके आएं, किसी की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी!

Amit Baijnath Garg | Oct 29, 2025, 18:37 IST
Share
dog bite
Photograph: (the sootr)

राजस्थान और उसकी राजधानी जयपुर में बढ़ते डॉग बाइटिंग के मामलों से पर्यटकों और निवासियों में भय है। सरकार को जल्द प्रभावी कदम उठाने होंगे, विशेषकर आवारा कुत्तों के प्रबंधन के लिए। यहां जानिए पूरी जानकारी।

योगेन्द्र योगी @ जयपुर

आओ जी पधारो, म्हारे देस। यह स्लोगन राजस्थान में देसी-विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए है। प्रदेश में जिस तरह आवारा कुत्तों के काटने की घटनाएं बढ़ रही हैं, उससे पता नहीं ये पावणे भी कब चपेट मे आ जाएं। दूसरे शब्दों में कहें तो डॉग बाइटिंग के केस पर्यटन के लिहाज से राजस्थान का नाम बदनाम कर रहे हैं। अफसरशाही को इसकी परवाह नहीं है।

राजस्थान हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद प्रदेश में डॉग बाइटिंग की घटनाएं थम नहीं रही हैं। प्रदेशवासी और पर्यटक इन घटनाओं से भयभीत हैं। डॉग बाइटिंग के मामले में राजधानी जयपुर का भी बुरा हाल है।

राजस्थान विधानसभा स्पीकर वासुदेव देवनानी की पत्नी आईसीयू में, घर में बेहोश होकर गिर पड़ी थीं

एसएमएस हॉस्पिटल में 79 मरीज

जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल में डॉग बाइट के 79 मरीजों का अभी इलाज चल रहा है, जिनमें 45 नए और 34 पुराने केस हैं। डॉक्टरों के अनुसार, 50 प्रतिशत से अधिक मामले बच्चों से संबंधित हैं।

राजस्थान और देशभर में कुत्तों के काटने के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं और अब हालात चिंताजनक हो चुके हैं। सरकारी आंकड़े बताते हैं कि हर साल इन मामलों में भारी बढ़ोतरी हो रही है। कुत्तों का शिकार सबसे ज्यादा 15 वर्ष तक की आयु के बच्चे हो रहे हैं।

राजस्थान में SIR : 70 फीसदी वोटर को नहीं देने होंगे कोई दस्तावेज, आयोग ने पहले ही शुरू की मैपिंग

समय रहते जरूरी कदम उठाने होंगे

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर समय रहते जरूरी कदम नहीं उठाए गए, तो स्थिति और भी भयावह हो सकती है। राजस्थान में वर्ष 2023 के मुकाबले 2024 में डॉग बाइट के मामलों में 35.74 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई। अधिकतर हमले स्ट्रीट डॉग्स करते हैं।

गुना में किसान की हत्या करने वाला बीजेपी नेता महेंद्र नागर एमपी की बिजली कराता था राजस्थान में सप्लाई

मुख्य वजह है उनका गंदे खाद्य पदार्थों का सेवन करना। साथ ही, कुत्तों के व्यवहार में बदलाव भी देखा गया है, क्योंकि उनकी जनसंख्या लगातार बढ़ रही है। खासकर बरसात के मौसम में कुत्ते अधिक आक्रामक हो जाते हैं और थोड़ी भी असहजता महसूस होने पर हमला कर देते हैं।
बिश्नोई-गोदारा गैंग का गैंगस्टर जग्गा अमेरिका में डिटेन, राजस्थान पुलिस को मिली बड़ी सफलता

जयपुर में इस तरह बढ़े मामले

जयपुर में वर्ष 2021 में 6741, 2022 में 7243, 2023 में 7874, 2024 में 8804 और वर्ष 2025 में (जून तक) 5228 डॉग बाइट के मामले सामने आ चुके हैं। आवारा कुत्तों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सहित कई राज्य सरकारों को फटकार लगाई है।

राज्य सरकार पर एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) नियमों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाने का भारी दबाव है। ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि वे 22 अगस्त के उस आदेश का पालन नहीं कर पाए, जिसमें आवारा कुत्तों की नसबंदी, डी-वार्मिंग और टीकाकरण के लिए ABC रूल्स, 2023 के तहत एक नीति बनाने का निर्देश दिया गया था।

अब राजस्थान में भी लागू होगा SIR, प्रक्रिया से जुड़े सभी जरूरी दस्तावेज और जानकारी यहां समझिए

केवल सात दिन बाकी

राजस्थान सरकार को सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करने के लिए केवल सात दिन बचे हैं। आवारा कुत्तों के प्रबंधन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य सचिव को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया गया है। सरकार पर एनिमल बर्थ कंट्रोल नियमों के प्रति प्रतिबद्धता दिखाने का भारी दबाव है।

देश में भी हालात भयावह

देश के तमाम राज्यों में कुत्तों के काटने के मामले सामने आते हैं, जिनका आंकड़ा सरकार की तरफ से जारी किया जाता है। राजधानी दिल्ली में पिछले साल यानी 2024 में 25 हजार से ज्यादा डॉग बाइट के मामले सामने आए। वहीं महाराष्ट्र में 4 लाख 85 हजार से ज्यादा मामले सामने आए।

तमिलनाडु में चार लाख 80 हजार, गुजरात में तीन लाख 92 हजार, कर्नाटक में तीन लाख 61 हजार, उत्तर प्रदेश में एक लाख 64 हजार, राजस्थान में एक लाख 40 हजार, बिहार में दो लाख 63 हजार, आंध्र प्रदेश में दो लाख 45 हजार और असम में एक लाख 66 हजार मामले सामने आए।

Tags:
  • सुप्रीम कोर्ट
  • राजस्थान
  • राजस्थान सरकार
  • जयपुर
  • राजस्थान हाई कोर्ट
  • एसएमएस हॉस्पिटल
  • डॉग बाइट
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज

By Sanjay Dhiman

UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज