राजस्थान के थार के रेगिस्तान में बड़ी खोज: 'मोग्रस शुष्का' नाम से मिली जंपिंग स्पाइडर की नई प्रजाति
thesootr Desk | Apr 15, 2026, 19:15 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान के थार रेगिस्तान में वैज्ञानिकों ने जंपिंग स्पाइडर की नई प्रजाति 'मोग्रस शुष्का' की खोज की। यह प्रजाति अत्यधिक गर्मी और रेत में आसानी से ढल जाती है। यह खोज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त है।
News In Short
- राजस्थान के रेगिस्तान में मोग्रस शुष्का नाम की नई जंपिंग स्पाइडर प्रजाति मिली।
- शोध 'European Journal of Taxonomy' और 'Zootaxa' जैसी पत्रिकाओं में प्रकाशित।
- यह खोज वैज्ञानिकों द्वारा जैसलमेर के डेजर्ट नेशनल पार्क में की गई है।
- मोग्रस शुष्का प्रजाति शुष्क इलाकों में आसानी से ढलने में सक्षम है।
- डेजर्ट नेशनल पार्क अब 120 से अधिक स्पाइडर प्रजातियों का घर।
News In Detail
राजस्थान के माहौल में आसानी से खुद को ढाल लेती है
यह खोज डेजर्ट नेशनल पार्क, जैसलमेर में की गई है, जो अपनी विशिष्ट रेगिस्तानी पारिस्थितिकी के लिए प्रसिद्ध है। यह पार्क अब सिर्फ बड़े जानवरों के लिए ही नहीं, बल्कि छोटे से दिखने वाले इन मकड़ी वर्ग के लिए भी वैश्विक स्तर पर चर्चा का केंद्र बन गया है।
अकेले एक नहीं, चार नई प्रजातियों की पहचान
मोग्रस शुष्का (Mogrus shushka) – राजस्थान-गुजरात के रेगिस्तान से।
मोग्रस पुणे लैंगेलुरिलस (Mogrus pune langelurillus) – पुणे क्षेत्र से।
सह्याद्री लैंगेलुरिलस (Sahyadri langelurillus) – पश्चिमी घाट (सह्याद्री) से।
लैंगेलुरिलस उदयपुरीन्सिस (Langelurillus udaipurensis) – उदयपुर क्षेत्र से।
यानी, यह खोज केवल रेगिस्तान तक सीमित नहीं है, बल्कि राजस्थान और महाराष्ट्र के अलग-अलग पारिस्थितिकी तंत्रों से ये नई प्रजातियाँ सामने आई हैं। यह दर्शाता है कि भारत में अभी भी कितने अनदेखे जीव छिपे हैं।
पुरानी प्रजातियों के राज भी खुले
सबसे चौंकाने वाली खोज यह रही कि मोग्रस लारिसाए नामक मकड़ी, जो अब तक केवल मध्य एशिया के देशों कजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान में पाई जाती थी, उसे पहली बार भारत में दर्ज किया गया। यानी, यह प्रजाति भारत में भी मौजूद है, जो वैश्विक जैव-भूगोल के लिए एक अहम खोज है।
क्यों मायने रखती हैं ये छोटी मकड़ियाँ?
दुनिया भर में मकड़ियाँ हर साल लगभग 300 मिलियन टन कीट खा जाती हैं। यानी, अगर मकड़ियाँ न हों, तो कीटों की संख्या अनियंत्रित हो जाएगी।
डेजर्ट नेशनल पार्क की नई पहचान
इस खोज को अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिल चुकी है। यह शोध 'European Journal of Taxonomy' और 'Zootaxa' जैसी दुनिया की प्रतिष्ठित वैज्ञानिक पत्रिकाओं में प्रकाशित हुआ है। ये जर्नल्स अपने क्षेत्र में बेहद सख्त मानकों के लिए जाने जाते हैं यहाँ किसी भी नई प्रजाति का प्रकाशन होना उसकी वैश्विक स्वीकार्यता साबित करता है।
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