सरिस्का में बाघों का कुनबा आ रहा आबादी के करीब, इंसानी टकराव टालने के लिए जारी एडवाइजरी
Ashish Bhardwaj | May 18, 2026, 16:57 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान के मशहूर सरिस्का टाइगर रिजर्व में बाघों का मूवमेंट बढ़ गया है। ये टाइगर अब आबादी क्षेत्र तक पहुंचने लगे हैं। टकराव रोकने के लिए सरिस्का प्रशासन ने एडवाइजरी जारी की है।
News In Short
- राजस्थान के सरिस्का टाइगर रिजर्व में बाघों का मूवमेंट बढ़ा।
- सरिस्का के जंगल से निकलकर बाघ पहुंच रहे आबादी क्षेत्र तक।
- सरिस्का के अलवर बफर वन क्षेत्र में ही 11 बाघ-बाघिनों का मूवमेंट।
- टकराव रोकने के लिए सरिस्का प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी।
- अब जंगल में पैदल घूमने और ट्रैकिंग करने पर पूरी तरह रोक लगाई।
News In Detail
राजस्थान का सरिस्का टाइगर रिजर्व इन दिनों एक सुखद लेकिन बेहद संवेदनशील हलचल का गवाह बन रहा है। सरिस्का के बफर जोन में बाघों का कुनबा लगातार बढ़ रहा है। लेकिन इस बार वन्यजीव प्रेमियों की उत्सुकता के साथ-साथ वन विभाग की धड़कनें भी बढ़ गई हैं। वजह है-बाघ और बाघिनों का अपने नन्हे शावकों के साथ आबादी क्षेत्रों के बिल्कुल करीब तक पहुंच जाना।
सरिस्का का अलवर बफर वन क्षेत्र इस समय बाघों की मनपसंद सैरगाह बना हुआ है। जंगलों से निकलकर इंसानी बस्तियों के मुहाने तक आते इन वन्यजीवों की सुरक्षा और मानव-वन्यजीव संघर्ष को टालने के लिए सरिस्का प्रशासन ने आपातकालीन एडवाइजरी जारी कर दी है। अब जंगल में पैदल घूमने और ट्रैकिंग करने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
बफर जोन में 11 बाघों का डेरा
बाघिन एसटी-19 (ST-19) अपने चार नन्हे शावकों के साथ बारा लिवारी, श्योदानपुरा, फायरिंग रेंज और जम्मूशाना जैसे पथरीले और घने इलाकों में सक्रिय है। इसी तरह बाघिन एसटी-2302 (ST-2302) अपने दो शावकों के साथ ऐतिहासिक बाला किला, अंधेरी चौड़ की होदी, किशन कुंड नाला और जयविलास के आसपास के क्षेत्रों में लगातार मूवमेंट कर रही है।
सरिस्का टाइगर रिजर्व के एक अधिकारी ने कहा कि शावकों के साथ रहने वाली बाघिनें किसी भी सामान्य बाघ से दस गुना ज्यादा आक्रामक और संवेदनशील होती हैं। वे अपने बच्चों की सुरक्षा के लिए किसी भी आहट को खतरा मानकर सीधा हमला कर सकती हैं।
वन विभाग की चेतावनी
यहां डर भी है और देश के सबसे शानदार वन्यजीव को इतनी करीब से देखने की उत्सुकता भी। इसी उत्सुकता को भांपते हुए वन विभाग ने सख्त चेतावनी जारी की है कि बिना अनुमति के जंगल में प्रवेश करना या ट्रैकिंग करना जानलेवा साबित हो सकता है।
वन अधिकारियों का कहना है कि सरिस्का में बाघों का कुनबा बढ़ना वन्यजीव संरक्षण की एक ऐतिहासिक सफलता है, लेकिन इसके साथ ही इंसानों की सुरक्षा अब सबसे बड़ी चुनौती बन गई है।
चौबीस घंटे निगरानी, कैमरों और ट्रैकर्स का पहरा
सरिस्का प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी को भी आबादी के आसपास बाघ या शावक दिखाई दें, तो उनके नजदीक जाकर सेल्फी लेने या उन्हें परेशान करने की गलती कतई न करें। ऐसी किसी भी स्थिति में तुरंत वन विभाग के कंट्रोल रूम को सूचित करें, ताकि समय रहते सुरक्षात्मक कदम उठाए जा सकें।
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