स्कूल खुलने से पहले गिरा बरामदा, बड़ा हादसा टला, विभाग-प्रशासन की लापरवाही फिर उजागर
Amit Baijnath Garg | Sept 08, 2025, 13:04 IST
Photograph: (the sootr)
राजस्थान के सवाई माधोपुर के एचेर गांव में स्कूल खुलने से कुछ घंटे पहले जर्जर भवन का बरामदा गिर गया, बड़ा हादसा टला। शिक्षा विभाग की लापरवाही पर एक बार फिर उठ रहे सवाल।
राजस्थान के सवाई माधोपुर के चौथ का बरवाड़ा तहसील क्षेत्र के एचेर गांव में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में बीते शनिवार को एक बड़ी घटना घटी। सुबह के समय विद्यालय का बरामदा और अन्य हिस्से अचानक गिर गए। गनीमत यह रही कि यह घटना विद्यालय खुलने से कुछ घंटे पहले हुई, वरना एक बड़ा हादसा हो सकता था।
पिछले कुछ दिनों से जिले में हुई मूसलाधार बारिश के बाद कई पुरानी और जर्जर इमारतें कमजोर हो गई थीं। इस घटना के बाद शिक्षा विभाग की लापरवाही पर सवाल खड़े हो गए हैं, क्योंकि पहले ही इस भवन को जर्जर घोषित किया जा चुका था, लेकिन इसे हटाया नहीं गया था।
राजस्थान मानसून अलर्ट : आज 4 जिलों में रेड अलर्ट, एक दर्जन जिलों में होगी बारिश, आठ जिलों में स्कूलों की छुट्टी
विद्यालय की प्रधानाचार्य कविता ने इस मामले में बताया कि उन्होंने पहले ही शिक्षा विभाग को इस भवन के जर्जर होने की सूचना दी थी। इसके बाद ही इसे जर्जर घोषित किया गया था और इसे गिराने के आदेश भी दिए गए थे, लेकिन विभाग ने कार्रवाई करने में देरी की।
प्रधानाचार्य ने कहा कि हम बच्चों को यहां नहीं बैठाते थे, लेकिन कई बार वे खेलते हुए इस स्थान पर चले जाते थे। यदि यह घटना स्कूल के समय होती, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था।
जर्जर स्कूलों में पढ़ाई रोकने के बाद क्या वैकल्पिक व्यवस्था की गई, राजस्थान शिक्षा विभाग ने मांगी रिपोर्ट
ग्रामीण हनुमान प्रसाद जांगिड़ ने बताया कि इस विद्यालय के 10 कमरों और बरामदे की स्थिति कई सालों से खराब थी। उन्होंने कहा कि इस साल झालावाड़ हादसे के बाद इन कक्षाओं में बच्चों को बैठाने से मना कर दिया गया था, लेकिन बच्चे फिर भी खेलते समय इन जर्जर हिस्सों के पास चले जाते थे।
REET 2021 : पेपर लीक मामले में सरकारी स्कूल का वाइस प्रिंसीपल गिरफ्तार, जानें कैसे कसा SOG ने शिकंजा
शिक्षा विभाग और
इस घटना के बाद लोगों में नाराजगी बढ़ गई है। उनका कहना है कि जब जर्जर स्कूल भवन को पहले ही चिन्हित किया गया था और उसे हटाने के आदेश दिए गए थे, तो विभाग ने समय रहते उसे क्यों नहीं हटाया। यह लापरवाही न केवल बच्चों की सुरक्षा को खतरे में डाल रही थी, बल्कि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाती है।
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧
पिछले कुछ दिनों से जिले में हुई मूसलाधार बारिश के बाद कई पुरानी और जर्जर इमारतें कमजोर हो गई थीं। इस घटना के बाद शिक्षा विभाग की लापरवाही पर सवाल खड़े हो गए हैं, क्योंकि पहले ही इस भवन को जर्जर घोषित किया जा चुका था, लेकिन इसे हटाया नहीं गया था।
राजस्थान मानसून अलर्ट : आज 4 जिलों में रेड अलर्ट, एक दर्जन जिलों में होगी बारिश, आठ जिलों में स्कूलों की छुट्टी
शिक्षा विभाग की लापरवाही पर नाराजगी
प्रधानाचार्य ने कहा कि हम बच्चों को यहां नहीं बैठाते थे, लेकिन कई बार वे खेलते हुए इस स्थान पर चले जाते थे। यदि यह घटना स्कूल के समय होती, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था।
जर्जर स्कूलों में पढ़ाई रोकने के बाद क्या वैकल्पिक व्यवस्था की गई, राजस्थान शिक्षा विभाग ने मांगी रिपोर्ट
ग्रामीणों की प्रतिक्रिया और घटनाक्रम
ग्रामीण जांगिड़ ने कहा कि विभाग ने जर्जर भवन को हटाने के निर्देश तो दिए थे, लेकिन मौके पर कार्रवाई नहीं होने के कारण यह घटना घटी। उनका कहना है कि अगर स्कूल के समय में यह हादसा हुआ होता, तो किसी न किसी बच्चे की जान खतरे में पड़ सकती थी।
शिक्षा विभाग और प्रशासन की जवाबदेही
FAQ
- Q1: क्या जर्जर भवन में बच्चों को बैठाने पर पाबंदी थी?
हां, शिक्षा विभाग ने जर्जर भवन को लेकर आदेश जारी किए थे कि बच्चों को इन कक्षाओं में नहीं बैठाया जाएगा। फिर भी, कुछ बच्चे यहां खेलते वक्त इन जर्जर हिस्सों में चले जाते थे। - Q2: इस घटना में किसकी लापरवाही सामने आई है?
यह घटना शिक्षा विभाग की लापरवाही के कारण हुई, क्योंकि भवन को पहले ही जर्जर घोषित किया जा चुका था, लेकिन उसे हटाने की कार्रवाई नहीं की गई। - Q3: क्या इस घटना से कोई बड़ा हादसा टल गया?
हां, गनीमत रही कि यह घटना विद्यालय खुलने से कुछ घंटे पहले हुई। यदि यह घटना स्कूल के समय होती, तो बच्चों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती थी।
- thesootr links
- मध्यप्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
- जॉब्स और एजुकेशन की खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
- निशुल्क वैवाहिक विज्ञापन और क्लासिफाइड देखने के लिए क्लिक करें
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari