जबलपुर की जीसीएफ को मिलेगा 300 धनुष तोपों का मेगा ऑर्डर

Sandeep Kumar | Mar 21, 2026, 18:08 IST
Share
jabalpur gcf
jabalpur gcf

गन कैरिज फैक्ट्री (GCF) को भारतीय सेना से 300 धनुष तोपों का मेगा ऑर्डर मिलेगा है। यह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह निर्णय ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद लिया गया।

मध्यप्रदेश की संस्कारधानी जबलपुर की गन कैरिज फैक्ट्री (जीसीएफ) अब भारतीय सेना की रीढ़ बनने की ओर अग्रसर है। नए वित्त वर्ष 2026-27 के साथ जीसीएफ प्रशासन ने एक नया लक्ष्य निर्धारित किया है। यह रक्षा उत्पादन के इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा। जीसीएफ ने आठ महीने में 300 धनुष हावित्जर तोपों के उत्पादन का संकल्प लिया है।

बताया जा रहा है कि 2012 में जो पिछला कॉन्ट्रैक्ट GCF फैक्ट्री को दिया गया था, उसकी परफॉर्मेंस के आधार पर अब नया कॉन्ट्रैक्ट भी जीसीएफ को मिलने वाला है। 300 तोपों का कॉन्ट्रैक्ट जीसीएफ को दिए जाने की बड़ी वजह यह है कि गन कैरिज फैक्ट्री एक सरकारी फैक्ट्री है, जहां क्वालिटी पर कोई समझौता नहीं होता।

प्राइवेट फैक्ट्रियां मुनाफे पर ध्यान देती हैं, जबकि सरकारी फैक्ट्रियां उत्पाद की गुणवत्ता पर। यही कारण है कि जबलपुर की जीसीएफ फैक्ट्री के उत्पाद भारतीय सेना की परफॉर्मेंस को बेहतर बनाते हैं। पिछले ऑर्डर के आधार पर तय है कि अगला 300 बोफोर्स तोपों का कॉन्ट्रैक्ट भी जीसीएफ को मिलेगा।

धनुष तोप का सटीक प्रदर्शन

यह कदम ऑपरेशन सिंदूर में धनुष तोप द्वारा दिखाए गए सटीक प्रदर्शन के बाद लिया गया है। ऑपरेशन के दौरान धनुष तोप ने दुश्मन के ठिकानों को सटीक तरीके से नष्ट किया था। इससे भारतीय सेना ने जीसीएफ की क्षमता पर भरोसा जताया। पिछले साल जीसीएफ को 150 तोपों का वर्क ऑर्डर मिला था। इस बार सेना ने जीसीएफ की क्षमता पर विश्वास जताते हुए लक्ष्य को दोगुना कर दिया है।

सेना दिवस 2026: जयपुर में राजनाथ सिंह बोले, अभी खत्म नहीं हुआ ऑपरेशन सिंदूर

धनुष तोप की खासियतें

155 मिमी और 45-कैलिबर की रेंज।
38 से 42 किलोमीटर की मारक क्षमता।
80 प्रतिशत स्वदेशी तकनीक।
पिन-पॉइंट सटीकता का प्रदर्शन।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम।

नाबालिगों ने ISIS को भेजा ऑपरेशन सिंदूर का मैप; हथियार उठाने को भी तैयार थे, ATS की जांच में बड़े खुलासे

स्वदेशी तकनीक और आत्मनिर्भर भारत

300 धनुष तोपों का मेगा ऑर्डर जीसीएफ के लिए आर्थिक संजीवनी है। यह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह तोप 155 मिमी और 45-कैलिबर वाली है। इसके 80 प्रतिशत से अधिक पुर्जे स्वदेशी हैं। इसकी रेंज 38 से 42 किलोमीटर तक है। यह दुश्मन के ठिकानों को आसानी से नष्ट कर सकती है।

ऑपरेशन सिंदूर के शहीद राजस्थान के सार्जेंट सुरेन्द्र मोगा को वायुसेना पदक, वीरांगना ने किया ग्रहण

इंदौर के गणेश पंडाल में भी छाए रहे ऑपरेशन सिंदूर, सोनम रघुवंशी और मेरठ का नीला ड्रम, संदेश–अब बेटों को बचाओ

लाइट फील्ड गन में सेना की नई रुचि

धनुष तोप के साथ-साथ भारतीय सेना ने लाइट फील्ड गन (एलएफजी) में भी गहरी रुचि दिखाई है। लगभग एक दशक के इंतजार के बाद, सेना ने इस हल्की और घातक तोप के लिए 24 यूनिट्स का लक्ष्य दिया है। एलएफजी की 17 से 19 किमी तक की मारक क्षमता दुर्गम रास्तों पर वरदान साबित हो सकती है। इन रास्तों पर भारी मशीनरी का पहुंचना मुश्किल होता है।



Tags:
  • जबलपुर
  • भारतीय सेना
  • आत्मनिर्भर भारत
  • धनुष तोप
  • ऑपरेशन सिंदूर
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा