धार भोजशाला देखने जाएगी हाईकोर्ट की बेंच, इसके बाद दो अप्रैल से करेगी फाइनल सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद धार भोजशाला को लेकर इंदौर हाईकोर्ट में सुनवाई शुरू हो चुकी है। बीती सुनवाई में सभी पक्षकारों को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण यानी एएसआई सर्वे रिपोर्ट (ASI Survey Report) पर अपनी आपत्ति, सुझाव देने के लिए कहा गया था। इसके बाद सोमवार को इस मामले (धार भोजशाला मामले में सुनवाई) में जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की बेंच में सुनवाई हुई। इसमें हाईकोर्ट की बेंच ने कहा कि वह एक बार खुद मौके पर जाकर धार भोजशाला को देखेगी।
पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें...उज्जैन संभागायुक्त, शाजापुर कलेक्टर ऋजु बाफना दोनों के आदेश पर स्टे, रंगशाही को फिर DEO का जिम्मा
शाजापुर में जिला आबकारी अधिकारी (डीईओ) विनय रंगशाही मामले में सोमवार को सुनवाई के बाद देर शाम औपचारिक आदेश आ गया है। हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने शाजापुर कलेक्टर का 20 जनवरी का आदेश स्टे कर दिया है। साथ ही संभागायुक्त उज्जैन आशीष सिंह के 16 फरवरी के निलंबन आदेश भी स्टे कर दिया है। विनय रंगशाही को एक बार फिर जिला आबकारी अधिकारी शाजापुर पद पर काम करने की मंजूरी दी है।
पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें...सोम डिस्टिलरीज केस बन रहा 'नो बेंच केस'! सुप्रीम कोर्ट पहुंचते ही हाईकोर्ट से वापस ली अपील
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में सोम डिस्टिलरी का मामला सोमवार को एक बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच गया। चीफ जस्टिस की डिविजनल बेंच में लिस्ट होते ही अदालत ने साफ कर दिया कि यह बेंच भी इस मामले की सुनवाई नहीं कर सकती।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की वजह से सोम डिस्टिलरी ने हाईकोर्ट से अपील वापस ले ली गई। अगर अपील वापस नहीं ली जाती तो यह ऐसा दुर्लभ मामला बन सकता था जिसकी सुनवाई कई जजों के साथ ही चीफ जस्टिस की डिविजनल बेंच के सामने भी संभव नहीं रहती।
पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें...उज्जैन सिंहस्थ से पहले फर्जी बाबाओं की होगी तलाशी, अखाड़ा परिषद में चलेगा कालनेमि अभियान
उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ से पहले ही साधु-संतों को लेकर विवाद सामने आ रहे हैं। इसी बीच अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्रपुरी ने फर्जी साधुओं की पहचान के लिए खास अभियान चलाने की बात कही है। महंत रविंद्रपुरी का कहना है कि संतों की अपनी परंपरा और नियम होते हैं। सिर्फ अलग-अलग रंग के कपड़े पहन लेने से कोई भी संत नहीं बन जाता है। उन्होंने कहा कि इन दिनों कई लोग साधु का भेष बनाकर घूम रहे हैं। इनमें कुछ संदिग्ध लोग भी हो सकते हैं। शक यह भी है कि कुछ बांग्लादेशी घुसपैठिए भी हो सकते हैं।इसी वजह से ऐसे लोगों की पहचान करना और उनकी जांच करना जरूरी है।
पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें...जबलपुर डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में धमाके से हड़कंप, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
जबलपुर के जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब कोर्ट नंबर-2 के सामने स्थित खुले परिसर में अचानक तेज धमाके की आवाज सुनाई दी। धमाका इतना तेज था कि आसपास मौजूद अधिवक्ता, कर्मचारी और अपने मामलों की सुनवाई के लिए आए फरियादी घबरा गए। कुछ ही पलों में बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्रित हो गए और पूरे परिसर में घटना को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें...सिपाही भर्ती परीक्षा में नकल घोटाले पर ESB ने सायबर सेल में की शिकायत, भोपाल केंद्र के 14 उम्मीदवार संदिग्ध
कर्मचारी चयन मंडल (ESB) की आबकारी परीक्षा के साथ ही सिपाही भर्ती परीक्षा में भी नकल घोटाला हुआ है। इन दोनों ही घोटालों को खुलासा द सूत्र ने किया था। द सूत्र के खुलासे के बाद अब ईएसबी ने सिपाही भर्ती परीक्षा के संदिग्ध 12 उम्मीदवारों के खिलाफ भोपाल सायबर सेल में औपचारिक तौर पर शिकायत दर्ज कर दी है। सायबर सेल इसकी जांच करेगी, इसके बाद खुलासा होगा कि इस नेटवर्क में कौन शामिल है।
पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें...भोपाल में ED की बड़ी कार्रवाई : नकली मिल्क प्रोडक्ट और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में किशन मोदी गिरफ्तार
भोपाल में प्रवर्तन निदेशालय ( ED)ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जयश्री गायत्री फूड प्रा लिमिटेड कंपनी के किशन मोदी को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी 13 मार्च 2026 को मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोपों में की गई। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) 2002 के तहत की गई है। ED की जांच के मुताबिक यह मामला Jayshri Gayatri Food Products Pvt Ltd कंपनी से जुड़ा हुआ है। यह कंपनी Milk Magic ब्रांड नाम से डेयरी उत्पाद तैयार और बेचती थी। जांच में सामने आया कि कंपनी ने देश और विदेश में डेयरी उत्पादों का व्यापार किया। लेकिन इस व्यापार के दौरान कई गंभीर अनियमितताओं और धोखाधड़ी के आरोप सामने आए।
पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें...महिला IAS के फार्महाउस जुआकांड में SI, ASI की भूमिका संदिग्ध, हटाए गए TI के साथ क्राइम ब्रांच में थे
महिला आईएएस वंदना वैद्य के मानपुर के फार्महाउस के जुआ कांड में पुलिस की भूमिका संदिग्ध होती जा रही है। खासकर जिस तरह से मुख्य सरगना जगदीश हड्डा राठौर उर्फ कूबड़ा के साथ ही कई अन्य साथी भी मौके से फरार हुए थे। इनके साथ ही लाखों रुपए गायब हुए और केवल 13 लाख 67 हजार की ही जब्ती हुई है। इस मामले में लापरवाही के चलते मानपुर टीआई लोकेंद्र सिंह हिरवे को सस्पेंड किया गया है। साथ ही सब इंस्पेक्टर मिथुन ओसारी और एएसआई रेशम गिरवाल को भी सस्पेंड किया गया है। वहीं अब इसमें इंदौर में ही पदस्थ एक सब इंस्पेक्टर और एएसआई की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है।
पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें...भोपाल के सीबीएसई स्कूलों में नई किताबों की मनमानी खत्म, पुरानी मान्य
भोपाल के प्राइवेट स्कूलों में नई किताबों के नाम पर होने वाली मनमानी पर अब लगाम लगती नजर आ रही है। प्रशासन की सख्ती के बाद शहर के कई निजी स्कूलों ने अभिभावकों को मैसेज भेजकर जानकारी दी है कि बच्चे अब पुरानी किताबें भी स्कूल ला सकते हैं। नई किताबें खरीदने की कोई जरूरी नहीं होगी। इस फैसले से उन हजारों माता-पिता ने राहत की सांस ली है, जो हर साल किताबों के बढ़ते बोझ और खर्च से परेशान थे।
पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें...पेशाब टपकने की समस्या है तो खुद पढ़ें नमाज, इमाम बनकर दूसरों को न पढ़ाए, वायरल हुआ फतवा
एमपी टॉप न्यूज:मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में इन दिनों एक धार्मिक आदेश यानी फतवा चर्चा का विषय बना हुआ है। जामे एहतमाम मसाजिद कमेटी के दारुल इफ्ता के जारी इस फतवे ने न केवल धार्मिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है, बल्कि सोशल मीडिया पर एक नई बहस को भी जन्म दे दिया है। मामला इमामत (Imamat - नमाज का नेतृत्व करना) और शारीरिक शुद्धि से जुड़ा है।
पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें...एक्सीडेंट में सिर्फ ड्राइवर नहीं… गलत लाइसेंस, गड्ढे और खराब सड़क बनाने वालों पर भी सवाल
मध्य प्रदेश की बड़ी खबरें: मध्यप्रदेश में सड़क हादसे लगातार बढ़ रहे हैं। मौतों के मामलों में भी बढ़ोतरी दर्ज हुई। जबलपुर के समाजसेवी आशीष शिवहरे ने याचिका दायर की। याचिका हाईकोर्ट में दाखिल की गई है। सड़क हादसों के कारणों पर सवाल उठाए गए। अधिकतर मामलों में चालक को दोषी ठहराया जाता है।
पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें...