VIT University पर फिर उठे सवाल, राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग एक्शन में

Ramanand Tiwari | Mar 28, 2026, 19:10 IST
Share
VIT Bhopal University
VIT Bhopal University

BHOPAL: सीहोर स्थित VIT विश्वविद्यालय पर छात्रों को गुमराह करने का आरोप है। विश्वविद्यालय का नाम भोपाल जोड़ा गया है, जबकि यह शहर से 100 किलोमीटर दूर है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इस मामले को दर्ज किया है।

सीहोर स्थित वीआईटी विश्वविद्यालय एक बार फिर विवादों में है। VIT Bhopal नाम को लेकर उठे सवाल अब मानवाधिकार आयोग तक पहुंच गए हैं। आयोग ने मामला दर्ज कर लिया है। हैरानी की बात यह है कि कई विवादों और छात्रों के हंगामों के बावजूद सरकार ने ठोस कार्रवाई नहीं की। जांच समितियां बनीं, शिकायतें हुईं, लेकिन नतीजा सिफर ही रहा। आरोप हैं कि राजनीतिक रसूख के कारण संस्थान पर सख्ती नहीं हो पा रही।

क्या है पूरा मामला?

सीहोर जिले के आष्टा स्थित कोठरी में संचालित यह विश्वविद्यालय VIT Bhopal University नाम से चल रहा है। जबकि इसका भोपाल से भौगोलिक रूप से कोई सीधा संबंध नहीं है। कैंपस राजधानी से करीब 60 किलोमीटर दूर है, लेकिन नाम में भोपाल जोड़कर छात्रों को आकर्षित किया जा रहा है।

वीआईटी सीहोर प्रकरण : दो महीने की खामोशी, क्या सिस्टम की सुस्ती दबा रही है फैसला? आखिर कब होगी कार्रवाई?

मानवाधिकार आयोग ने क्या किया?

शिकायत पर NHRC ने केस दर्ज किया। आयोग ने संबंधित पक्षों से जवाब तलब करने की प्रक्रिया शुरू की। छात्रों के अधिकार और पारदर्शिता को लेकर मामला गंभीर माना गया।

सीहोर वीआईटी यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई हुई ठंडी, सरकार के तेवर पड़े नरम

छात्रों को कैसे होता है नुकसान?

एडमिशन के समय भोपाल नाम देखकर छात्र भ्रमित होते हैं। दूर-दराज से आने वाले विद्यार्थियों को बाद में असुविधा होती है। उन्हें मानसिक दबाव और व्यवस्थागत समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

पहले भी हो चुके हैं बड़े विवाद

यह पहला मामला नहीं है। एक-दो साल पहले भी छात्रों का भारी हंगामा हुआ था। रात में प्रदर्शन और हनुमान चालीसा पाठ जैसे घटनाक्रम सामने आए। मूलभूत सुविधाओं की कमी और अव्यवस्था को लेकर आक्रोश फूटा। इन घटनाओं के बाद जांच समितियां बनीं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर फाइलें ही चलीं।

वीआईटी यूनिवर्सिटी मामले को लेकर विधानसभा में हंगामा, तीन विधायकों ने मिलकर खोला मोर्चा

गंभीर आरोप क्या हैं?

कैंपस में अव्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही है। कथित अवैध क्लीनिक संचालन की शिकायतें आईं। छात्रों की समस्याओं को नजरअंदाज किया गया। सूत्रों का दावा है कि शासन स्तर पर शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया।

NSUI नेता रवि परमार का आरोप

परमार ने साफ कहा है कि भोपाल नाम का इस्तेमाल छात्रों और अभिभावकों को गुमराह करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने इस पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और संबंधित विभागों से भी की है। VIT Bhopal नाम से 'भोपाल' शब्द हटाया जाए। पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच हो। छात्रों को बेहतर सुविधाएं और सुरक्षित माहौल मिले।

वीआईटी यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट का रवैया तानाशाह जैसा, आयोग की रिपोर्ट में खुलासा, सरकार ने थमाया नोटिस

सरकार पर क्यों उठ रहे सवाल?

लगातार शिकायतों, विवादों और अब NHRC की एंट्री के बावजूद ठोस कार्रवाई का अभाव सरकार की मंशा पर सवाल खड़े कर रहा है। सवाल यह है कि जब मामला मानवाधिकार आयोग तक पहुंच चुका है, तो फिर जिम्मेदारों पर कार्रवाई

क्यों नहीं हो रही?

VIT University का यह मामला सिर्फ एक नाम का नहीं, बल्कि सिस्टम की जवाबदेही का टेस्ट बन चुका है। अब देखना होगा कि NHRC की कार्रवाई के बाद सरकार जागती है या यह मामला भी बाकी फाइलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाता है।

Tags:
  • भोपाल
  • NHRC
  • वीआईटी
  • VIT BHOPAL UNIVERSITY
  • vit university
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा