बेसिक गवर्नेंस ठीक होने से देश की 80% समस्याएं हो सकती हैं खत्म: आईएएस आशीष तिवारी

Abhilasha Saksena Chakraborty | Feb 04, 2026, 11:43 IST
Share
IAS Ashish Tiwari
IAS Ashish Tiwari

इंजीनियरिंग के बाद पांच साल तक नौकरी करने के बाद आशीष तिवारी को महसूस हुआ कि उनके जीवन का उद्देश्य कुछ अलग है। इसी आत्ममंथन ने उन्हें प्रशासनिक सेवा की ओर मोड़ा और 2016 में ऑल इंडिया रैंक 6 हासिल कर वे आईएएस बने।

इंजीनियरिंग करने वाले अधिकतर युवाओं का मकसद अच्छी सैलरी वाली नौकरी पाना होता है। लेकिन आईएएस आशीष तिवारी की सोच इससे अलग थी। उनका सपना ग्रामीण स्तर पर काम करने और लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव लाने का था। इसी वजह से उन्होंने एक अच्छी-खासी कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर सिविल सेवा में जाने का फैसला किया।

वर्ष 2016 में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 6 के साथ यूपीएससी सिविल सर्विसेज परीक्षा पास की। आज आशीष तिवारी लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा हैं। वे 2015 की यूपीएससी टॉपर टीना डाबी के बैचमेट भी रहे हैं।

आईएएस अधिकारी टीना डाबी के बैचमेट से मिलिए, जिन्होंने फुल-टाइम नौकरी करते  हुए यूपीएससी परीक्षा पास की, उनकी आईएआर रैंक है...
आईएएस अधिकारी टीना डाबी के बैचमेट से मिलिए, जिन्होंने फुल-टाइम नौकरी करते हुए यूपीएससी परीक्षा पास की, उनकी आईएआर रैंक है...


हिंदी मीडियम से की पढ़ाई

आशीष तिवारी का जन्म 2 अक्टूबर 1989 को मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में हुआ था। उनके पिता पीके तिवारी भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) में इंजीनियर के रूप में कार्यरत थे।

उनकी शुरुआती पढ़ाई एक सरकारी स्कूल से हुई। आठवीं तक वे हिंदी माध्यम में पढ़े, लेकिन सीखने की ललक ने कभी भाषा को बाधा नहीं बनने दिया। बारहवीं की पढ़ाई उन्होंने छतरपुर के शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय से पूरी की।

इंजीनियर बनने के सपने के साथ वे कोटा पहुंचे और बाद में एनआईटी जमशेदपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। कॉलेज के दौरान अलग-अलग पृष्ठभूमि से आए लोगों से मिलने का अवसर मिला, जिससे उनकी सोच और व्यक्तित्व दोनों का विस्तार हुआ।

ये भी पढ़ें: कौन हैं आईएएस पुलकित गर्ग जिन्होंने आंगनबाड़ी में कराया बेटी का एडमिशन? बने मिसाल

IOCL की नौकरी में नहीं मिली संतुष्टि

कैंपस सिलेक्शन के जरिए आशीष तिवारी का चयन इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) में हुआ। वे जयपुर में फुल-टाइम नौकरी करने लगे। पांच साल तक नौकरी करने के भी उन्हें भीतर से संतुष्टि नहीं मिल रही थी। मन में बार-बार यह सवाल आता था कि अगर यूपीएससी की कोशिश नहीं की तो जीवन भर इसका मलाल रहेगा। परिवार से चर्चा के बाद उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने का निर्णय लिया।

पहले नौकरी के साथ ही तैयारी शुरू की। लेकिन, फुल-टाइम नौकरी के साथ यूपीएससी की तैयारी आसान नहीं थी, लेकिन इरादे मजबूत थे। वे रोजाना कम से कम छह घंटे पूरी एकाग्रता के साथ पढ़ाई करते थे।

9e2dbdbf-285
9e2dbdbf-285


कॉपी करने से बचें

आशीष का मानना है कि दूसरों की रणनीति को कॉपी करने के बजाय अपनी खुद की रणनीति बनानी चाहिए। क्योंकि, हर व्यक्ति की ताकत और कमजोरी अलग होती है। हर इंसान का अपना अलग व्यक्तित्व होता है।

असफलता से नहीं घबराए

इस कठिन सफर में कई बार हताशा और चुनौतियां भी आईं, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। वे कहते हैं कि असफलता से डरने के बजाय उसका विश्लेषण करना चाहिए। हमेशा यह जानने की कोशिश करनी चाहिए कि कमी कहां रह गई।

आशीष के मुताबिक, चुनौती जीवन का हिस्सा है और उससे भागने के बजाय उसका सामना करना ही आगे बढ़ने का रास्ता है। अपनी कमजोरियों को पहचानिए, उन्हें सुधारिए और अपनी ताकत को आगे बढ़ाइए।

ये भी पढ़ें: कॉरपोरेट की जॉब छोड़ सिविल सेवा की राह चुनी और तीसरे प्रयास में बन गईं आईएएस संस्कृति सोमानी

बेसिक गवर्नेंस ठीक करने से हल होंगी अधिकांश समस्याएं

आशीष तिवारी को फील्ड में रहकर लोगों से संवाद करना बेहद पसंद है। वे अक्सर गांवों में बच्चों, महिलाओं और आम नागरिकों से बातचीत करते हैं। इससे उन्हें जमीनी फीडबैक मिलता है और काम करने की नई ऊर्जा भी। उनका मानना है कि अगर बेसिक गवर्नेंस को दुरुस्त कर दिया जाए तो 80 प्रतिशत समस्याएं अपने आप हल हो सकती हैं।

बैडमिंटन और किताबों का शौक

फ्री टाइम में आशीष बैडमिंटन खेलना पसंद करते हैं। इसके अलावा उन्हें किताबें पढ़ने का भी शौक है, खासतौर पर इतिहास से जुड़ी किताबें।

UPSC अभ्यर्थियों के लिए संदेश

यूपीएससी के उम्मीदवारों को संदेश देते हुए आशीष कहते हैं कि सबसे पहले यह स्पष्ट होना चाहिए कि क्या आप वाकई इस फील्ड में आना चाहते हैं और क्या आपको इसकी पढ़ाई में रुचि है। इसके बाद इस परीक्षा के लिए कम से कम डेढ़ साल तक रोजाना लगभग छह घंटे पूरी एकाग्रता के साथ मेहनत करना जरूरी है।

ये भी पढ़ें: ईडी का बड़ा एक्शन: पूर्व IAS से लेकर प्राचार्य और ऑटो कंपनी की करोड़ों की संपत्ति कुर्क

रियलिस्टिक लक्ष्य तय करें

आईएएस आशीष तिवारी हमेशा ऐसे लक्ष्य तय करने में विश्वास करते हैं जिन्हें हासिल किया जा सके। वे कहते हैं कि हर पोस्टिंग में वे छोटे-छोटे लक्ष्य तय करते हैं और उन्हें पूरा करने पर ध्यान देते हैं। ऐसे लक्ष्यों के पीछे भागने का कोई फायदा नहीं, जिन्हें हासिल ही न किया जा सके।

ये भी पढ़ें: सुर और कानून की दुनिया छोड़कर चुनी देशसेवा, बिना कोचिंग भाई के गाइडेंस से बनीं आईएएस पल्लवी मिश्रा

करियर एक नजर

नाम: आईएएस आशीष तिवारी

जन्म: 2-11-1989

जन्मस्थान: टीकमगढ़

एजुकेशन: बीटेक

बैच: 2016

कैडर: मध्य प्रदेश

पदस्थापना

IAS Ashish Tiwari वर्तमान में कटनी के कलेक्टर हैं। इसके पहले वो जल संसाधन विभाग में मुख्य सचिव ऑफिस में उप सचिव के पद पर कार्यरत थे ।

आईएएस आशीष तिवारी की सफलता यह संदेश देती है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और इरादे मजबूत हों, तो संसाधनों की कमी भी रास्ता नहीं रोक सकती।

FAQ

  1. आईएएस आशीष तिवारी का यूपीएससी में कौन-सा रैंक था?
    आशीष तिवारी ने वर्ष 2016 की यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 6 हासिल की थी।
  2. वर्तमान में आईएएस आशीष तिवारी की पोस्टिंग कहां है?
    वर्तमान में वे मध्य प्रदेश के कटनी जिले में कलेक्टर के पद पर कार्यरत हैं।
  3. क्या आशीष तिवारी ने हिंदी माध्यम से पढ़ाई की थी?
    हां, आठवीं तक उन्होंने हिंदी माध्यम से पढ़ाई की, लेकिन बाद में अंग्रेज़ी को बाधा नहीं बनने दिया।
(प्रोफाइल 253- 2 मार्च 2026 तक अपडेट)

Tags:
  • मध्य प्रदेश
  • IAS
  • यूपीएससी
  • यूपीएससी सिविल सर्विसेज
  • आईएएस आशीष तिवारी
  • सिविल सेवा
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा