Vote For Note - सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, अब रिश्वतखोरी की तो बच नहीं पाएंगे नेताजी

Sandeep Kumar | Mar 04, 2024, 14:26 IST
Share
PIC
नेताओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला

वोट के बदले नोट लेने वाले विधायकों-सांसदों को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने 'वोट फॉर नोट' के मामले में बड़ा कदम उठाते हुए SC ने अपने ही पिछले फैसले को पलट दिया है। कोर्ट ने कहा कि घूस के मामले में राहत नहीं दी जा सकती है।

डॉ. रामेश्वर दयाल @ DELHI

भारत के सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) ने जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली को लेकर एक कड़ा फैसला सुनाया है। नए आदेश के अनुसार जो सांसद रकम लेकर सदन (संसद) ( Parliament ) में भाषण ( Speech ) या वोट ( Vote ) देते हैं तो उनके खिलाफ मुकदमा चलाया जाएगा। अभी तक सांसदों को ऐसे आरोपों से मुक्ति मिलती रही है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने इस मसले पर एक पुराने आदेश को पलटते हुए जनप्रतिनिधियों को भ्रष्टाचार ( Curreption ) के दायरे में ला दिया है।

ये खबर भी पढ़िए...पश्चिम बंगाल की किरकिरी रहे न्यायाधीश Abhijit Gangopadhyay करेंगे राजनीति

ये खबर भी पढ़िए...आखिरी कैबिनेट बैठक में Narendra Modi ने कहा, सोच समझकर बोलें मंत्री

ऐसे समझें पूरे मामले को


इस महत्वपूर्ण खबर को समझने से पहले थोड़ा सा पुराने आदेश को समझ लें। असल में वर्ष 1998 को केंद्र की नरसिम्हा राव सरकार के समय संसद में ऐसा ही मामला आया था। तब आरोप लगे थे कि सरकार बचाने के लिए सांसदों को मोटी रकम दी गई। बात सुप्रीम कोर्ट तक पहुंची थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की संविधान पीठ ने 3:2 के बहुमत से यह निर्णय दिया था कि इस मामले पर जनप्रतिनिधियों पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता। तब कहा गया था कि संसद को विशेषाधिकार प्राप्त है इसलिए न्यायपालिका वहां हुए मसलों पर दखल नहीं दे सकती है। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने पुराने फैसले को पलट दिया है और कहा है कि अब सांसद के अलावा विधायक भी सदन में मतदान के लिए रिश्वत लेकर मुकदमे से बच नहीं सकते हैं। भारत के मुख्य न्यायाधीश ( CJI ) की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस मसले पर सहमति से फैसला दिया और कहा कि विधायिका का कोई सदस्य अगर भ्रष्टाचार या रिश्वतखोरी में पाया जाता है तो इससे सार्वजनिक जीवन में उसकी ईमानदारी पर सवाल खड़े होंगे। चूंकि मसला विशेष था, इसलिए चीफ जस्टिस के बैंच ने इस पर विस्तार से विचार-विमर्श करने के बाद कहा कि उसने विवाद के सभी पहलुओं पर स्वतंत्र व निष्पक्ष रूप से निर्णय लिया है कि क्या सांसदों को ऐसे मसले पर छूट मिलनी चाहिए।

ये खबर भी पढ़िए...भारत जोड़ो न्याय यात्रा MP में छोड़ पटना रवाना हुए राहुल गांधी

रिश्वतखोरी में किसी प्रकार की छूट नहीं


बेंच ने बहुमत से इस तरह की छूट पर असहमति जताई और कहा कि बेंच इसे बहुमत से खारिज करती है। बेंच के अनुसार नरसिम्हा राव सरकार के मसले में बहुमत से जो निर्णय लिया गया था, उससे सावर्जनिक जीवन में लोगों को रिश्वत लेने से छूट मिलती है, जिसका असर सार्वजनिक जीवन पर पड़ता है। बेंच के अनुसार संविधान की धारा 105 के तहत रिश्वतखोरी में किसी भी प्रकार की छूट का प्रावधान नहीं है।

ये खबर भी पढ़िए...राशिफलः आज इन पर होगी महाकाल की कृपा, जानिए कौन सी हैं वो राशियां

Tags:
  • Supreme Court
  • parliament
  • CURREPTION
  • vote
  • Speech
  • नरसिम्हा राव सरकार
  • भारत के मुख्य न्यायाधीश
  • Vote For Note
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता

By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar

नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई