चीनी AI ने दुनिया में मचाया तहलका, शेयर मार्केट भी हिला, आखिर क्या है Deepseek?
Vikram Jain | Jan 30, 2025, 01:53 IST
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आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस को नए स्तर पर ले जाने वाले डीपसीक (deepseek) ने पूरे टेक जगत में खलबली मचा दी है। इसने ऐप स्टोर पर टॉप रैंक हासिल की है। साथ ही दिग्गज अमेरिकी कंपनियों को भी हिला दिया है।
चीन के नए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सिस्टम DeepSeek ने आते ही टेक इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है। अमेरिका की टेक कंपनियों के वर्चस्व को चुनौती देते हुए, DeepSeek ने एप्पल के ऐप स्टोर पर टॉप रैंक हासिल की और यूएस में डाउनलोड में ChatGPT को भी पीछे छोड़ दिया। इसने अमेरिकी निवेशकों के माथे पर बल डाल दिए, और एक ही दिन में यूएस की टेक कंपनियों से 1 ट्रिलियन डॉलर का सफाया कर दिया।
चीन के एआई ने अमेरिका के वर्चस्व में सेंध लगा दी है। इसने अमेरिकी तकनीकी दिग्गजों को हिलाकर रख दिया है। कम लागत और सस्ते प्लान्स की वजह से DeepSeek पूरी दुनिया में चर्चा बटौर रहा है। चीनी छोटी सी कंपनी डीपसीक (DeepSeek) को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह है कि इसके पीछे कौन है। अमेरिकी टेक कंपनियों की नींद उड़ाने वाले इस नए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के पीछे दिमाग किसका है?
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आपको बता दें कि DeepSeek एक चीनी कंपनी है, जिसका निर्माण 2023 में लियांग वेनफेंग (Liang Wenfeng) ने किया है। इस कंपनी ने ओपन-सोर्स एआई मॉडल DeepSeek R1 लॉन्च किया है जिसने ग्लोबल मार्केट में एंट्री लेते ही OpenAI के ChatGPT सहित Gemini और Claude AI जैसे अपने सभी प्रतिद्वंदियों को पीछे छोड़ दिया है।
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39 वर्षीय लियांग वेनफेंग, जो कि इस क्रांति के केंद्र में हैं, ने अपनी कंपनी की स्थापना केवल 20 महीने पहले की थी। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मीडिया से कहा था कि ओपन एआई (OpenAI) कोई भगवान नहीं है और वह हमेशा सबसे आगे नहीं रह सकता। इसके बाद, उन्होंने यह दिखा दिया कि वे गलत नहीं थे। DeepSeek ने AI असिस्टेंट के रूप में जबरदस्त सफलता हासिल की है और उसे "स्पुतनिक मोमेंट" करार दिया गया है, जो AI के एक नए युग की शुरुआत की ओर इशारा करता है।
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लियांग वेनफेंग का जन्म 1980 में चीन के ग्वांगडोंग में हुआ था। उनके पिता एक प्राइमरी स्कूल के शिक्षक थे। लियांग ने झेजियांग यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन और पीजी की डिग्री प्राप्त की, जो चीन के सबसे पुराने और सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों में से एक है। वह DeepSeek के संस्थापक और CEO हैं, और उनका सपना है कि चीन AI के क्षेत्र में नेतृत्व की भूमिका निभाए।
लियांग ने एक बार कहा था, "हम देखते हैं कि चीन का AI हमेशा फॉलोअर की स्थिति में नहीं रह सकता।" उन्होंने यह भी कहा, "हम अक्सर कहते हैं कि चीन और अमेरिका के बीच एक या दो साल का अंतर है, लेकिन असली अंतर मौलिकता और नकल के बीच है। अगर यह नहीं बदला, तो चीन हमेशा अनुयायी ही रहेगा। इसलिए कुछ रिसर्च अपरिहार्य है।"
DeepSeek ने AI की दुनिया में एक नई दिशा दिखाई है। यह केवल एक स्टार्टअप है, लेकिन इसने अपनी तकनीकी और नवाचार से एक नई लहर शुरू की है। लियांग ने OpenAI के शुरुआती निवेशकों का उदाहरण देते हुए कहा कि वे रिटर्न के बारे में नहीं सोचते थे, बल्कि वे सच्चे AI इनोवेशन की ओर काम कर रहे थे। DeepSeek के इस AI असिस्टेंट ने दुनिया भर में ध्यान खींचा है और इसे एक "स्पुतनिक मोमेंट" के रूप में देखा जा रहा है।
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