भारत सस्ता कर्ज देकर बेचेगा हथियार, 20 देशों में भेजे डिप्लोमैट, जानें किन हथियारों की डिमांड

Jitendra Shrivastava | Apr 17, 2025, 16:07 IST
Share
THE SOOTR
exim-bank-cheap-loans Photograph: (THE SOOTR)

भारत सस्ते कर्ज के जरिए अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और एशिया के देशों में हथियारों के निर्यात को बढ़ा रहा है। रूस-यूक्रेन युद्ध ने इस बदलाव को और बढ़ा कर दिया है और भारत इसके लाभ को भुना रहा है।

भारत, एक प्रमुख हथियार आयात करने वाला देश होने के साथ-साथ अब एक बड़े हथियार बेचने वाले देश के रूप में भी उभर रहा है। भारत अपनी रक्षा जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ अब विदेशों में हथियार बेचने में भी सक्रिय हो गया है। यह कदम उन देशों को आकर्षित करने के लिए उठाया जा रहा है जो रूस और पश्चिमी देशों पर निर्भर थे और अब उन्हें नए विकल्पों की आवश्यकता है। रूस-यूक्रेन युद्ध ने इस बदलाव को और तीव्र कर दिया है और भारत इसके लाभ को भुना रहा है।

EXIM बैंक के माध्यम से देंगे सस्ता कर्ज

भारत ने अपने हथियार निर्यात को बढ़ाने के लिए EXIM बैंक (Export-Import Bank of India) का सहारा लिया है। इस बैंक के माध्यम से भारत उन देशों को सस्ते ब्याज दरों पर कर्ज देने का प्रस्ताव दे रहा है, जो रूस और पश्चिमी देशों से हथियार खरीदते रहे हैं। इन देशों में अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और एशिया के कई देश शामिल हैं, जो राजनीतिक अस्थिरता और कम क्रेडिट रेटिंग के कारण महंगे कर्ज लेने से बचते हैं। EXIM बैंक की मदद से इन देशों को कम ब्याज दरों पर लंबी अवधि के कर्ज मुहैया कराए जा रहे हैं, ताकि वे भारत से हथियार खरीद सकें।

ये खबरें भी पढ़ें...

जगदलपुर में बोले बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, मोदी सरकार में 8 मंत्री आदिवासी; दंतेवाड़ा को हमने बनाया एजुकेशन हब

विकलांग डॉक्टर ने नहीं किया स्वागत, तो भड़क गए मंत्री जी, CMO को दे दिए ये निर्देश

भारत और ब्राजील के बीच रक्षा सहयोग

भारत ने ब्राजील में EXIM बैंक की एक शाखा खोलने के बाद, यहां आकाश मिसाइल प्रणाली बेचने के लिए बातचीत शुरू की है। इस प्रक्रिया को भारत के रक्षा निर्यात रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। ब्राजील के अधिकारियों के मुताबिक, भारत ने साओ पाओलो में अपनी एक नई शाखा खोली है, जो आकाश मिसाइलों के उत्पादन और बिक्री में मदद करेगी। यह मिसाइल प्रणाली भारत के लिए एक महत्वपूर्ण निर्यात उत्पाद बन चुकी है।

EXIM बैंक (Export-Import Bank of India) भारत सरकार द्वारा स्थापित एक सरकारी बैंक है, जिसका उद्देश्य भारत के निर्यात (Export) और आयात (Import) को बढ़ावा देना है। इस बैंक की स्थापना 1982 में की गई थी, और इसका मुख्य कार्य भारतीय व्यापारियों और उद्योगों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है ताकि वे वैश्विक बाजार में बेहतर तरीके से प्रतिस्पर्धा कर सकें।

क्या है EXIM बैंक, कैसे काम करता है

EXIM बैंक विशेष रूप से भारतीय निर्यातकों को ऋण (Loan) प्रदान करता है, जिससे वे अपनी वस्तुएं और सेवाएं विदेशों में बेच सकें। इसके अलावा, यह आयातकों को भी मदद करता है, ताकि वे भारत में उत्पादों को सस्ते दरों पर मंगवा सकें। EXIM बैंक विदेशी मुद्रा (Foreign Currency) से जुड़े जोखिमों को कम करने के लिए भी कई सेवाएं देता है। यह बैंक भारतीय कंपनियों को विदेशों में अपने व्यापार को विस्तार देने के लिए लंबी अवधि के कर्ज पर सस्ती ब्याज दरें प्रदान करता है। इसके अलावा, EXIM बैंक कुछ देशों को सस्ता कर्ज भी देता है ताकि वे भारतीय उत्पाद खरीद सकें, जो भारतीय व्यापार को बढ़ावा देने में मदद करता है। इस प्रकार, EXIM बैंक भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

ये खबरें भी पढ़ें...

टैरिफ वॉर: भारत के सामने झुका चीन, सभी शर्तें मानने को तैयार

Toll tax : 1 मई से बिना फास्टैग कटेगा टोल, आ रहा है नया जीपीएस आधारित सिस्टम

रूस-यूक्रेन युद्ध का भारत को फायदा

रूस-यूक्रेन युद्ध ने वैश्विक हथियार आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावित किया है। अमेरिका और रूस दोनों देशों ने इस संघर्ष में भारी मात्रा में हथियार भेजे हैं, जिसके कारण उन देशों को विकल्प की तलाश थी, जो रूस और अमेरिका पर निर्भर थे। भारत ने इस अवसर का लाभ उठाया और इन देशों से संपर्क बढ़ाया, जो अब भारत से अपने रक्षा सामान की आपूर्ति चाहते हैं।

भारत का यह कदम केवल व्यापारिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि इसका राजनयिक पक्ष भी है। भारत ने पश्चिमी और रूसी दोनों प्रकार के हथियारों का अनुभव हासिल किया है, और अब यह देशों की रक्षा आवश्यकताओं को समझते हुए एक मजबूत रक्षा साझेदार के रूप में उभर रहा है।

हथियारों का उत्पादन और निर्यात में वृद्धि

भारत ने 2023-24 में लगभग 1.27 लाख करोड़ रुपए के हथियार बनाए, जो कि पिछले कुछ सालों में 62% अधिक है। भारत की रक्षा उद्योग में यह बढ़ोतरी देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। भारत ने अगले कुछ वर्षों में अपने रक्षा निर्यात को 6 बिलियन डॉलर (लगभग 50,000 करोड़ रुपए ) तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।

भारत की हथियार निर्माता कंपनी जैसे अडाणी डिफेंस और SMPP, अब बड़े और उन्नत हथियारों का निर्माण कर रहे हैं। इसके अलावा भारत की सेना के लिए बनाए गए गोले और तोपें यूरोप में बिकने वाले उत्पादों की तुलना में काफी सस्ते हैं, जो इसे एक आकर्षक व्यापारिक विकल्प बना रहे हैं।

भारतीय हथियार जिनकी विदेशों में सबसे ज्यादा मांग...

1. ब्रह्मोस मिसाइल (BrahMos Missile)...

नाम: भारत की ब्रह्मोस और रूस की मकोरका नदी से लिया गया

निर्माण: भारत की DRDO और रूस की NPO मशीनीनिर्माण ने मिलकर बनाया

रेंज: 600km, जमीन, समुद्र, हवा और पंडुब्बी से लॉन्च किया जा सकता है

लक्ष्य: साउथ-ईस्ट एशिया, अफ्रीका, अमेरिका

2. पिनाका मटली - बैरल रॉकेट लांचर (Pinaka Multiple Barrel Rocket Launcher)...

नाम: भगवान शिव के धनुष पिनाका से लिया गया

निर्माण: भारत का स्वदेशी मटली बैरल रॉकेट लांचर सिस्टम

प्रथम उपयोग: 1999 कारगिल युद्ध में पहली बार इस्तेमाल

रेंज: 75km, 44 सेकेंड में 12 रॉकेट दाग सकता है

लक्ष्य: यूरोपीय बाजार के लिए फ्रांस ने शॉर्टलिस्ट किया

3. आकाश मिसाइल (Akash Missile)...

नाम: जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइल

निर्माण: DRDO ने विकसित किया, भारत डायनामिक्स लिमिटेड (BDL) बनाती है

रेंज: 25km, एक साथ कई टार्गेट को निशाना बना सकती है

स्पीड: मच-2.5, लड़ाकू विमानों, क्रूज मिसाइलों और ड्रोन को मार गिराने में सक्षम

लक्ष्य: फिलीपींस, UAE, ब्राजील, मिस्र, और विटनाम

4. तेजस लाइट कॉम्बेट एयरक्राफ्ट (Tejas Light Combat Aircraft)...

नाम: रडार की पकड़ में नहीं आता, इसीलिए लोकप्रिय

निर्माण: एयरोनॉटिकल डिजाइन एजेंसी (ADA) द्वारा डिजाइन किया

विशेषताएं: सुपरसोनिक लड़ाकू विमानों की कैटेगरी में सबसे छोटा और हल्का विमान है

रेंज: 1.8 मच, 52 हजार फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है

लक्ष्य: अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, नाइजीरिया, अर्जेंटीना, इंडोनेशिया, फिलीपींस

5. 155mm तोपखाने के गोले (155mm Artillery Shells)

निर्माण: म्युनिशन इंडिया लिमिटेड (MIL), अडानी डिफेंस बनाती है



भारतीय रक्षा राजनयिकों का नेटवर्क विस्तार

भारत ने अपने रक्षा निर्यात को बढ़ावा देने के लिए अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों में नए सैन्य राजनयिकों को नियुक्त करने की योजना बनाई है। यह कदम भारत के रक्षा निर्यात को वैश्विक स्तर पर बढ़ाने के लिए उठाया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक, भारत मार्च 2026 तक 20 नए सैन्य राजनयिकों को विदेशों में तैनात करेगा। इन राजनयिकों का मुख्य कार्य भारतीय हथियारों के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ इन देशों की रक्षा जरूरतों का अध्ययन करना होगा। देश दुनिया न्यूज



Tags:
  • भारत
  • रूस-यूक्रेन युद्ध
  • निर्यात
  • हथियार
  • कर्ज
  • देश दुनिया न्यूज
  • EXIM बैंक
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज

By Sanjay Dhiman

UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज