अब हर जनरल स्टोर पर मिलेंगी बुखार और दर्द की दवाएं, सरकार ने दी हरी झंडी
Kaushiki | May 04, 2025, 13:06 IST
OTC दवा
ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड की सिफारिशों पर आधारित रिपोर्ट अब सरकार को सौंप दी गई है। अब बुखार या दर्द के लिए डॉक्टर की पर्ची या मेडिकल दुकान ढूंढने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
अब बुखार, दर्द और एलर्जी जैसी सामान्य समस्याओं के इलाज के लिए आपको केवल मेडिकल स्टोर तक सीमित नहीं रहना होगा। भारत सरकार ने ओवर-द-काउंटर (OTC) दवाओं को जनरल स्टोर्स पर बेचने की मंजूरी दे दी है। इसके तहत, पेरासिटामोल, आइब्यूप्रोफेन, लिवोसिट्राजीन जैसी आम दवाएं जल्द ही किराना और जनरल स्टोर्स पर उपलब्ध होंगी।
इस कदम से खासतौर पर उन लोगों को लाभ होगा जो दूरदराज के गांवों या कस्बों में रहते हैं, जहां हर गली में मेडिकल स्टोर नहीं होते। अब बुखार या दर्द के लिए डॉक्टर की पर्ची या मेडिकल दुकान ढूंढने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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यह कदम स्वास्थ्य सेवाओं को जनसाधारण के और करीब लाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। इस नीति के तहत, आम लोगों के लिए दवाओं की उपलब्धता सरल हो जाएगी, जिससे उनकी लाइफस्टाइल में आसानी और सुविधा आएगी। अब लोग बिना किसी झंझट के सामान्य दवाएं आसानी से खरीद सकेंगे।
रिपोर्ट के मुताबिक, जिन दवाओं को OTC के रूप में बेचा जाएगा, उन्हें सुरक्षित और प्रभावी माना गया है। हालांकि, पैनल ने यह भी कहा है कि OTC दवाएं केवल सीमित मात्रा में उपलब्ध कराई जानी चाहिए, क्योंकि अधिक मात्रा में इन दवाओं का सेवन नुकसानदायक हो सकता है।
उदाहरण के तौर पर, आइब्यूप्रोफेन को अधिक मात्रा में लेने से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसके लिए दवाओं की पैकिंग और मात्रा के लिए विशेष मानक तय किए जाएंगे।
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इस बदलाव के तहत, ड्रग्स रूल्स 1945 में संशोधन किया जाएगा ताकि OTC दवाओं की बिक्री, लेबलिंग और पात्रता के लिए स्पष्ट नियम बनाए जा सकें। जैसे डॉक्टर की पर्ची वाली दवाओं के लिए नियम होते हैं, वैसे ही बिना पर्ची वाली दवाओं के लिए भी गाइडलाइंस तैयार की जाएंगी।
इस नीति का सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को होगा जो छोटे कस्बों और गांवों में रहते हैं, जहां मेडिकल स्टोर की पहुंच सीमित है। अब उन्हें मामूली बुखार, एलर्जी या दर्द के लिए दूर-दराज मेडिकल स्टोर नहीं भागना पड़ेगा। किराने की दुकान से ही वे इन दवाओं को आसानी से खरीद सकेंगे, जिससे उनका समय और ऊर्जा दोनों बचेंगे।
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इस कदम से खासतौर पर उन लोगों को लाभ होगा जो दूरदराज के गांवों या कस्बों में रहते हैं, जहां हर गली में मेडिकल स्टोर नहीं होते। अब बुखार या दर्द के लिए डॉक्टर की पर्ची या मेडिकल दुकान ढूंढने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
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स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच
नई नीति का खाका
भारत में अब तक OTC दवाओं के लिए कोई स्पष्ट नीति नहीं थी। इसलिए, इन दवाओं को केवल मेडिकल स्टोर्स तक सीमित रखा गया था। मई 2023 में CDSCO (केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन) ने एक पैनल गठित किया था, जिसका काम यह तय करना था कि कौन सी दवाएं OTC श्रेणी में रखी जाएं। पैनल ने ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड की सिफारिशों के आधार पर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी।
OTC दवाओं के लिए सुरक्षा मानक
उदाहरण के तौर पर, आइब्यूप्रोफेन को अधिक मात्रा में लेने से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसके लिए दवाओं की पैकिंग और मात्रा के लिए विशेष मानक तय किए जाएंगे।
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कानूनी ढांचा बनेगा
छोटे शहरों और गांवों के लिए लाभ
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